9 एवं 11 सितंबर को प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है।
आपके शहर व वार्ड के विकास एवं प्रगति के लिए यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण तथा निर्णायक दिन है।
मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूँ कि कांग्रेस उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। अपने मत की शक्ति का उपयोग करते हुए बढ़चढ़ कर हिस्सा लें और अपने शहर एवं वार्ड के विकास में भागीदार बनें।
मैं फिर से दो लोगों को एक बार चेताय दे रहा हूं,
पहला 👉एक तो सड़क ठीक कर ले।
दूसरी 👉 टेलीकॉम कंपनियां अपने रिचार्ज उचित दाम में कर ले।
अन्यथा जब जनता इनके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी तब इन्हें अपने कर्मियों का एहसास होने का समय भी नहीं मिलेगा,
टेलीकॉम कंपनियां अपनी मनमानी बंद करके रिचार्ज सस्ता कर दें।
Wow. Going to one of India’s premier colleges and once again branding a young, questioning generation as “Dimagi Naxals” has got to be among the most shameful things a Prime Minister can do. And on Teacher’s Day.
He could have spoken about why SRCC’s own teachers have had to protest over denial of medical and childcare leave. He could have promised SRCC’s students better infrastructure that’s crumbling. He could have acknowledged the crushing pressure of hyper-competition they face.
He could have also spoken about nearly 1 lakh schools shutting down in a decade. About 9 crore young Indians trapped without any jobs, any education and any training. About 73% of school students dropping out before completing higher secondary education. He could even have answered for his own government SLASHING education budget by HALF in last 12 years!
But he chose none of it.
Instead, the Prime Minister used Teacher’s Day to deliver yet another political lecture DEMONISING an entire generation of young Indians for committing one unforgivable act in his eyes: questioning those in power.
A Prime Minister should give the young hope, not such stupid labels. He should answer their questions, not vilify them for asking.
What a pathetic state of affairs.
@Cockroachisback
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।
🚨#NewsFlash: दिल्ली पुलिस ने हमारी मांगें मानते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR में Attempt to Murder की धाराएं और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की है! 🔥
साथ ही, निशू आज़ाद को मिली rape threats और abusive messages के खिलाफ अलग शिकायत भी दर्ज की गई है! इस कार्रवाई को सुनिश्चित करने के लिए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और IYC Legal Team ने लगातार इस मामले की पैरवी की और हर स्तर पर दबाव बनाया!
राहुल गांधी जी ने कहा था: “निशू अकेली नहीं है!” आज IYC ने इसे फिर साबित किया है! 💪
निशू के लिए हमारी लड़ाई यहीं खत्म नहीं होती! हर पीड़ित युवा के लिए, हर अन्याय के खिलाफ़.. IYC सड़कों से लेकर अदालत तक न्याय की लड़ाई जारी रखेगी!
जय भीम, जय संविधान! 🇮🇳
#SystemFixKarteHai
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
राज्यसभा में नेता सदन श्री @JPNadda को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धीकरण (purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध FIR तक दर्ज नहीं की गई है।
मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है:
“यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं। ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है।”
और मेरी माँग स्पष्ट है:
“इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धीकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें।”
नासिक, महाराष्ट्र में आज आदिवासी छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्र भी शामिल थे।
उनकी समस्याएं और मांगें ध्यान से सुनीं।
हर छात्र को पढ़ाई के लिए एक सम्मानजनक, सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना उसका हक़ है। वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को सिस्टम की अनदेखी नहीं, उसके सहयोग और हर संभव मदद की जरूरत है।
शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं - यह भारत के हर छात्र का अधिकार है।
#ChhatronKiGoonj
हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण के शर्मनाक मामले पर मोदी-शाह दोनों चुप क्यों बैठे हैं?
चाहे राम मंदिर में 'चढ़ावा चोरी' की घटना हो या दलितों और महिलाओं पर अत्याचार का मामला हो- ये दोनों किसी भी बुरी घटना पर कभी कुछ नहीं बोलते।
RSS के संगीत रागी ने खरगे जी से अपने अपमानजनक बयान के लिए “unconditional apology” बिना शर्त माफ़ी माँगी है
संघियों का और माफीनामे का इतिहास पुराना है
माफीनामे का आखरी पन्ना सबसे पहले पोस्ट कर रही हूँ
Well done @AdityaGoswami_