CSIR-Junior Research Fellow| in Botany from University of Calcutta| Paleobotany and Palynology| Past Climate Reconstruction| Pollen extraction and analysis
🚨URGENT NEWS🚨
The government is planning on arresting me, Abhijeet, Ashutosh, Ratna and other Cockroach Janta Party leaders.
If the government thinks that such dictatorial actions will work, then they are mistakened! The young generation has awakened. We appeal to everyone to continue fighting for our rights and future, with or without us. We have always been ready to face the jail or worse. But this will be a big mistake. The young will not tolerate this.
The protests must continue. People of India should ensure the biggest mobilisation starting October 10th.
@Cockroachisback
ये मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर दी।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होना और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दिया है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।
बात तो ऐसे कर रहा जैसे प्रधानमंत्री ने व्हाट्स एप किया हो। अब मोदी जी पर निर्भर करता है कि वे स्वतंत्र का कितना साथ देते हैं। इसी से पता चल जाएगा कि तीन बार के प्रधानमंत्री के पास कैसे लोग हैं। प्रधानमंत्री की ये हालत हो गई है कि वो ऐसे लोगों के साथ खड़े रहें तो उससे अच्छा है ये कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। जिस कुर्सी पर बैठ कर आप वैज्ञानिक से लेकर समाजसेवी, उद्योगपति से लेकर अपनी पार्टी के कार्यकर्ता की सोहबत पा सकते हैं अगर स्वतंत्र की सोहबत उनके लिए, गृहमंत्री के लिए, चिराग़ पासवान के लिए ज़रूरी बन जाए तो सबको अपना पद छोड़ देना चाहिए। संसद मार्ग थाने का नाम स्वतंत्र भारद्वाज थाना होना चाहिए। दिल्ली पुलिस का नाम स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस होना चाहिए।
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
Finally, Delhi Police have registered an FIR against the Sanghi goon and said he will be arrested within 72 hours.
It took two months and a protest just to get an FIR registered for a hate crime that happened right in front of the police.
POLICE DEPARTMENT THIK KARO!
ये वीडियो आपको ज़रूर ज़रूर देखना चाहिए। आपका खून खौल उठेगा।
क्या भगत सिंह जैसे वीरों ने इसलिए कुर्बानी दी थी कि एक दिन देश को ऐसा प्रधान मंत्री मिलेगा जो सरे आम ऐसे गुंडों को बचाएगा?