🇵🇸🇮🇱Israeli occupation forces push disabled Palestinian off his wheelchair and slam him into the ground, then proceed to attack the crowd attempting to come to his aid.
This is the daily reality for millions of Palestinians who endure abuse at the hands of Israeli.
"Don't cry, I'm here"... Badruddin Ajmal extended ₹1 lakh in financial assistance to Arjun Bhogeswar Barua, assuring him of support.
He has donated ₹2 crore directly in cash to flood victims across Assam.
— Announced ₹ 2 Crore for Assam Flood Relief.
The Ajmal Foundation has been actively distributing cooked food, dry rations, drinking water and other essential supplies to flood-affected families across the state.
india's MP, Bhopal City,
The police misbehaved with a Muslim family in Bhopal, Madhya Pradesh, pushed the elderly man and it is alleged that the policeman also beat him up... The victim's family had come to file an FIR for the assault but the police misbehaved with them. More Detail In video
📍वृंदावन, उत्तर प्रदेश
“दुकान दोबारा खुलने नहीं देंगे” कथित तौर पर गौ-रक्षक राजा रावत और उसके साथियों ने चिकन बिरयानी की दुकान चलाने वाले मुस्लिम दुकानदार आरिफ़ मुरादाबादी को धमका���ा।
आरोप है कि रोटी पर तेल लगाने वाली लकड़ी में बंधे धागे को कलावा बताकर दुकान बंद कराने का दबाव बनाया गया और दुकानदार को धमकी दी गई।
धर्म के नाम पर अब खाने की दुकानें भी निशाने पर?
दिल्ली के स्लम में रहने वाले इरफान का वीडियो आपने देखा होगा।
घर में एक दाना न होने पर बहन के यहाँ से राशन लाने गई पत्नी का पति के भूख से मरने पर विलाप आपने देखा होगा।
किसानों की आत्महत्या की ख़बर आपने देखी होगी।
फिर इसे देखिए और सोचिए मंत्री से लेकर विपक्ष के नेताओं तक को ऐसे महल क्यों चाहिए? यह ऐश-ओ-आराम किसकी क़ीमत पर है?
बिहार पुलिस ने बताया है कि कांस्टेबल अभिषेक पटेल ने AK–47 से 4 राउंड गोली हवा में चलाई थी, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।
बाकी जो 3 छात्र गोली लगने से घायल होने की बात कह रहे हैं, उन्��ोंने खुद चोट मार ली होगी।
Video में आप खुद देखिए कि बंदूक की बैरक हवा में थी, या छात्रों की तरफ...
मुझे आजादी दो या कब्र के लिए दो गज जमीन…
अशोक उपाध्याय
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास से गुजरते हुए एक सड़क का नाम आपको ठहरने पर मजबूर कर देगा- मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग। यह सिर्फ ���क नाम नहीं, उस शख्स की याद है जिसने दिल्ली को अपनी कलम, आवाज और अपने जज्बे से आजादी की लड़ाई का महत्वपूर्ण मोर्चा बनाया। रामपुर में जन्मे मौलाना जौहर का दिल्ली से गहरा रिश्ता रहा। आजकल उनके नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय खबरों में है।
पत्रकारिता का केंद्र: जब 1911 में ब्रिटिश हुकूमत ने भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली शिफ्ट करने का ऐलान किया, तो मोहम्मद अली जौहर भी इस बदलाव के साथ दिल्ली आ गए। वह तब तक कलकत्ता से अंग्र��जी साप्ताहिक अखबार 'द कॉमरेड' निकाल रहे थे। महंगे कागज पर छपने वाला यह अखबार अपनी बेबाक टिप्पणियों और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के लिए जल्द ही प्रसिद्ध हो गया। मौलाना जौहर दिसंबर 1912 में दिल्ली शिफ्ट हुए। 12 अक्टूबर 1912 को 'द कॉमरेड' ��ा पहला दिल्ली संस्करण निकला।
हमदर्द की शुरुआत: आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्होंने 1913 में दिल्ली से उर्दू दैनिक अखबार 'हमदर्द' भी शुरू किया। वह खुद इसके संपादक थे। उनकी लेखनी इतनी प्रभावशाली थी कि ब्रिटिश अधिकारी भी इसे ध्यान से पढ़ते। लॉर्ड मिंटो ने एक बार कहा था कि भारत में मोहम्मद अली जौहर की कलम से ज्यादा खतरनाक कोई कलम नहीं। उनकी तीखी लेखनी से आजिज आ अंग्रेजी सरकार ने दोनों अखबारों पर रोक लगा दी। 1924 में उन्होंने फिर से प्रकाशन शुरू किया, पर बाद में बंद हो गया।
पहले वीसी: 1920 में खिलाफत और असहयोग आंदोलन के दौरान जौहर ने अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई। वह इसके पहले वाइस-चांसलर बने। बाद में यह संस्थान दिल्ली के करोल बाग में आ गया। जौहर शिक्षा को आजादी का सबसे बड़ा ह���ियार मानते थे। उन्होंने कहा था कि गुलाम देश की शिक्षा व्यवस्था गुलाम ही पैदा करेगी, इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान जरूरी हैं।
बापू से मतभेद: वह मुस्लिम लीग के अध्यक्ष रहे। 1923 में कांग्रेस के भी अध्यक्ष बने। हालांकि कुछ महीनों बाद ही संगठन में बढ़ते असंतोष के चलते वह पार्टी से अलग हो गए थे। शुरू में वह महात्मा गांधी के करीब थे, पर बाद में दोनों में राजनीतिक मतभेद उभरे। 1922 के चौरी-चौरा कांड के बाद जब गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को स्थगित कर दिया, तो जौहर निराश हो उठे थे।
अंतिम इच्छा: उन्होंने 1930 में लंदन के गोलमेज सम्मेलन में बीमार होने के बावजूद भाग लिया। वहां उन्होंने कहा, 'मुझे आजादी दो या कब्र के लिए दो गज जमीन। मैं गुलाम देश में लौटना नहीं चाहता।' 4 जनवरी 1931 को लंदन में उनका निधन हो गया। अंतिम इच्छा के अनुसार उन्हें यरुशलम में दफनाया गया।
(लेखक नवभारत टाइम्स ऑनलाइ�� में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं।)
Breaking
14 NEET protesters, including 13 Muslims, arrested under Goonda Act in Bengal denied bail
At least 14 protesters arrested in the aftermath of the Kolkata NEET protest, following the invocation of the Goonda Act, were produced before the Bankshall Court and denied bail, Sanhati Banerjee reported from Kolkata. 13 of those arrested are Muslims, while the Chief Minister has said that the arrests will continue.
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मुझे करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
इसे AK–47 कहते हैं। यह आतंकियों/अपराधियों से निपटने के लिए बनाई गई है, छात्रों के लिए नहीं !!
बिहार राज्य में प्रदर्शन के दौरान 3 छात्रों को गोली लगी है, ऐसा दावा किया जा रहा है।
"गंगा नदी पर चिकन खाने पर रोक लगाने वाला कोई कानून नहीं"
◆ वाराणसी में गंगा नदी के बीच इफ्तार पार्टी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा
◆ उन्होंने कहा, "क्या ऐसी बात के लिए जमानत नहीं दी जा सकती, जो जुर्म भी नहीं, मुझे यकीन है कि चिकन बिरयानी खाना कोई जुर्म नहीं है, गंगा के ऊपर चिकन खाने पर रोक लगाने वाला कोई कानून नहीं है"
#UjjalBhuyan | Justice Ujjal Bhuyan | #SupremeCourt | Supreme Court
Justice Ujjal Bhuyan of #SupremeCourt criticises the Bombay HC judgment refusing permission to hold march in support of Gaza,Palestine.
"I found it very amusing that when in Bombay, Shivaji Park, when a group of people wanted to demonstrate in solidarity with the people of Gaza, the permission was not granted by the government. So, they moved a writ in the Bombay High Court; the learned judge said 'don't you have any issues in India, why do you have to go that far to agitate?.
India has recognised Palestine; we have a Palestinian Embassy in India. Traditionally, India has always recognised Palestine. The recent incidents in Gaza, it is South Africa that moved the International Court of Justice against what is happening there, saying that make a declaration that it is Genocide. Justice Muralidhar, former judge of the Orissa High Court, UN appointed him to go into the violence in Gaza. He has published a report, which is accepted by the UN and is now in the public domain, about the violence meted out by the State on such children, women and elderly.
I am not saying that only these issues should be debated. These are the issues which should agitate the mind of a young mind of a student, of a research scholar. You must read, you must question. That is the place of a university.
CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के आरोप में तीन मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया, मामला असम के लखीमपुर का है। गिरफ्तार युवकों के नाम असराफ़ुल इस्लाम, मंज़ूर रहमान और अब्दुल कासेम हैं। इन मुस्लिम युवकों पर आरोप है कि वे छात्रों के आंदोलन के समर्थन में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश कर रहे थे। चलो मान लेते हैं कि ये प्रोटेस्ट कि तैयारी भी कर रहे हों तो अब सवाल ये उठता है कि अगर किसी ने हिंसा नहीं की, कानून नहीं तोड़ा, और सिर्फ़ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की तैयारी की, तो क्या उसे गिरफ्तार कर के जेल भेज देना न्याय है?
Location: Rishikesh, Uttarakhand
Members of the Hindu Suraksha Seva Sangh, including Ashwani, Arun, Ashu, Bunty, Amit, Anup, Shivam, Siddhant, Sharma, Kuldeep, and others, raided a house where some people were offering Friday prayers. They harassed them by accusing them of praying “illegally” and demanded to see their identity cards.
हैलमेट में अपना चेहरा छिपाए दिल्ली पुलिस का ये जवान एक लड़की के माथे पर वार कर रहा है . पुलिस वालों ने सारी सीमाएं तोड़ दी .
पुलिस की ये लाठियां सरकार को भारी पड़ेगी .
@CPDelhi@DCPNewDelhi@DelhiPolice वर्दी वाले इन अपराधियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी ?