@Sachingupta सड़कों पर नमाज़ नहीं होती, जब मस्जिदों में जगह कम पड़ जाती है, तब लोग मजबूरी में बाहर तक बैठ जाते हैं।
देश में कांवड़ यात्रा, गणेश विसर्जन, दुर्गा विसर्जन, रामनवमी शोभायात्रा और कई धार्मिक आयोजन भी सड़कों पर होते हैं।
नियम बनें तो सभी धर्मों के लिए समान होने चाहिए बिना नौटंकी के