भेराना धाम जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर दूदू के बिचून क्षेत्र में स्थित संत दादू दयाल की तपस्थली और मोक्षस्थली है। लगभग 500 वर्ष पुराने इस स्थल का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व बेहद विशेष माना जाता है। मान्यता है कि दादू दयाल जी ने यहां वृक्षारोपण कर जंगल विकसित किया था और इसी स्थान पर समाधि ली थी।
अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस क्षेत्र में वर्षों से साधु-संत निवास कर रहे हैं, लेकिन अब रीको द्वारा प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार को लेकर विवाद गहरा गया है। सरकार ने करीब 800 बीघा भूमि औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए आवंटित की है, जहां लगभग 290 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क विकसित करने की योजना है।
संत समाज, स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे धार्मिक विरासत के साथ-साथ पूरे प्राकृतिक तंत्र पर गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। साधु-संत 15 अप्रैल से आंदोलन और अग्नि तप पर बैठे हैं तथा जिंदा समाधि लेने तक की चेतावनी दे चुके हैं। वहीं हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे को लेकर जयपुर कूच की तैयारी शुरू कर दी है।
यह क्षेत्र हजारों वन्यजीवों, लाखों पक्षियों और दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। पर्यावरणविदों का कहना है कि औद्योगिक विस्तार से अरावली के इस संवेदनशील इकोसिस्टम को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।
बाहर इतना सारा मिलावटी दूध प्रोटीन सब मिल रहा है
इसके बाद भी 4 महीने की बच्ची कुपोषण से मर गई,
कुछ भी मिलावटी खिला पिला देते,
ज़्यादा से ज़्यादा बीमार ही होती लेकिन ज़िंदा तो रहती। 📍सतना
Indian oil refineries must take extra steps on security, and sabotage from the inside. India must step up surveillance and security. I got a bad hunch that the adversary (GLISCO-DS linked) can burn a refinery to increase oil price for geopolitics & derail India's economy 2-in-1.