@AkbalDubey प्रधान शिक्षक फिल्ट्रेशन का ही परिणाम है बीपीएससी के द्वारा एग्जाम आयोजित किया गया जो पास किया उसको प्रधान शिक्षक बनाया गया फिर भी प्रधान शिक्षकों का वेतन विशिष्ट शिक्षक के वेतन से कम है जबकि उनको पद के अनुरूप वेतन मिलना चाहिए।
@alok_ajay चुनाव के समय आचार संहिता लगने के पश्चात नेताओं को भी जनता के घरों से 3 किलोमीटर के दायरे में नजर नहीं आना चाहिए वोट उनको किए गए कार्यों के अनुरूप मिल ही जाएगा।
बिहार में शिक्षकों का विभागीय स्थानांतरण की आवश्यकता है वर्षों से अपने गांव, घर के बगल में जमे हुए शिक्षकों को उनके प्रखंड से बाहर के विद्यालय में पदस्थापित करना आवश्यक है यह कड़ा कदम होगा लेकिन शैक्षिक व्यवस्था में सुधार हेतु मील का पत्थर साबित होगा।
@btetctet शैक्षिक व्यवस्था को अगर बेहतर बनाना है तो जितने भी शिक्षक अपने गृह प्रखंड में पोस्टेड हैं उन्हें दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरित कर देना चाहिए।
वास्तव में समय का 'सदुपयोग' वही कर पा रहे हैं कुछ शिक्षकों को छोड़ दें तो ज्यादातर स्थानीयता का नाजायज फायदा उठाते हैं। यह एक कड़वा सच है।
@btetctet 10 से 4 ही एक आदर्श समय है ठंड के समय में थोड़ा बहुत समय का बदलाव किया जा सकता है जो कि पहले भी किया जाता रहा है।
विद्यालय में पढ़ने और खेलने का भरपूर समय रहता है वैसे बच्चे घर जाकर भी खेल सकते हैं उतना तो समय रहता ही है।
बिहार के शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना है तो किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण उनके गृह प्रखंड में ना हो लेकिन दुःख की बात है इनका स्थानांतरण अपने गृह पंचायत में कर दिया गया या घर के बहुत ही नजदीक कर दिया गया है जिसके कारण से विद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
शिक्षक नेता अपनी नाकामियों पर खुश हो रहे हैं और अपनी जीत बता रहे हैं।
इन्हीं नेताओं के कारण आज शिक्षकों का यह हाल है।
वैसे 2020 में जो किए थे वही 2025 में भी करेंगे।
जो दूसरों को ज्ञान देता है वह खुद बेवकूफ कैसे बन सकता है।......... संघर्ष जारी रहेगा!
बिहार के शिक्षकों को पे प्रोटेक्शन का लाभ पहले ही मिल चुका है।
बिहार के शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा सेवंथ पे के अनुसार वेतन संरचना ना होना और वेतन विसंगति है।
बाकी आप पत्रकार है सब जानते ही होंगे।
बिहार के शिक्षकों को पे प्रोटेक्शन का मिलेगा लाभ
6 अक्टूबर तक सरकार कर सकती है घोषणा
विशिष्ट शिक्षकों के साथ एचटी और एचएम को भी मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग ने वेतन संरक्षण देने की कर ली तैयारी
नियोजित शिक्षक से विशिष्ट बने शिक्षक हैं इंतजार में
नियमावली में है पे प्रोटेक्शन देने का नियम
सेवा निरंतरता को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं
"अगर शिक्षक को सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिल पा रहा है तो फिर 'गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरा' गाना ही बेकार है"
◆ गुजरात में कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर की कम सैलरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा
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