@SamsungIndia मेरा 5 महीने पुराने सैमसंग fridge model no RT28C3732HS/HL में कूलिंग और डोर में खराबी आगया,जिसको लेकर 1 जून 2026 को सैमसंग कस्टमर केयर में इसको लेकर बताया लेकिन अभी तक मेरा नया fridge की खराबी को सही नहीं किया गया। @SamsungIndia इस तरह का सर्विस देगी तो कौन लेगा??
@BiharEducation_ को आचार संहिता लगने से पहले सभी प्रकार के स्थानांतरण पूर्ण कर लेना चाहिए। चाहे अंतरजिला, सेम जिला या म्युचुअल सभी प्रकार के स्थानांतरण को सितम्बर माह में कंप्लीट कर शिक्षकों के सरकार तोहफ़ा देकर खुश कर सकती है। #ReleaseTransferList@Jduonline@sunilkbv
#ReleaseTransferList
शिक्षकों ने बार बार आवेदन दिया नतीजा क्या मिला सिर्फ तारीख पर तारीख। अब तो लगता है जितना पुराने फिल्मों में गवाह को कोर्ट पहुंचना मुश्किल था उस से ज्यादा मुश्किल हो गया है शिक्षकों का घर जाना। विभाग जल्द संज्ञान ले शिक्षकों का धैर्य की परीक्षा ना ले
@btetctet कम से कम @BiharEducation_ को आचार संहिता लगने से पहले एक मौक़ा पारस्परिक स्थानांतरण के लिए शिक्षकों को देना चाहिए। और जो शिक्षक अपने ही ज़िले में अधिक दूरी पर है उन शिक्षकों को ज़िला कमिटी के द्वारा सितम्बर माह में ही स्थानांतरण की प्रक्रिया को समाप्त कर लेना चाहिए। @Jduonline
बहुत सारे शिक्षक खास कर TRE 3 के शिक्षकों का HRMS ऑनबोर्डिंग समय से नहीं हो पाने के कारण उनको म्यूच्यूअल मिला हुआ होने के बावजूद भी म्यूच्यूअल ट्रांसफर का लाभ नहीं उठा सके और अचानक म्यूच्यूअल ट्रांसफर बंद हो गया । बिहार शिक्षा विभाग से अनुरोध है सभी शिक्षकों के लिए पुनः म्यूच्यूअल ट्रांसफर का विकल्प खोला जाये ।
@BiharEducation_
ट्रांसफर से असंतुष्ट शिक्षकों के ग्रीवांस और सेम जिला के शिक्षकों के ट्रांसफर पर बिहार शिक्षा विभाग ध्यान दे । सेम जिला में भी कई शिक्षक 80से 100 किलोमीटर दूर नौकरी कर रहे है । उनकी समस्याओं पर सहानभूतिपूर्वक विचार करते हुए यथा शीघ्र ट्रांसफर किया जाये और ग्रीवांस पर भी जल्द सुनवाई हो । @BiharEducation_@NitishKumar
@RajnishJhakumar@BiharEducation_@NitishKumar@IPRDBihar साथी ही जो शिक्षक म्युचुअल ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं उन्हें म्युचुअल का ऑप्शन देना चाहिए। इससे विभाग के ऊपर ट्रांसफर का दबाव. भी कम हो जाएगा। आचार संहिता लगने से पहले पारस्परिक स्थानांतरण का एक मौका देने से हजारों शिक्षकों के स्थानांतरण का हल निकल सकता है।सभी मांगे विचारणीय है।
@RajnishJhakumar@BiharEducation_ लेकिन इस दिशा में. जिला स्थापना कमेटी ने शिक्षकों के स्थानांतरण पर. अबतक कोई भी कार्रवाई नहीं की है।
जो बेहद चिंता का विषय है. माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों का अनुपालन के लिए शिक्षा विभाग बिहार को अति शीघ्र आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। @NitishKumar@BiharEducation_@IPRDBihar
सेम जिला में अधिक दूरी को लेकर ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों के ट्रांसफर प्रक्रिया को शिथिल कर देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ऐसे शिक्षकों में बहुत निराशा और हताशा है, सेम जिला में ट्रांसफर से जिले में रिक्ति की स्थिति भी नहीं बदलने वाली है।
कृपया जिला में कमीटी को क्रियान्वन करते हुए जिला के अंदर भी ट्रांसफर करें। महिला शिक्षकों का भी दर्द विशेष रूप से समझे।
प्रतिदिन ऐसे शिक्षकों दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं अधिक दूरी तक वाहन चलाने के कारण।
🙏 @NitishKumar@sunilkbv@Team_BRVAS
@RajnishJhakumar@lpc शिक्षकों के मुद्दे पर आप लोगों का साथ ऐसे ही बना रहा. तो कोई भी भ्रष्टाचारी बच नहीं पाएगा। अभी तो सिर्फ झलक है आने वाला वक्त में कई भ्रष्ट अधिकारियों को बेनक़ाब करना बाकी है। @News18Bihar@IPRDBihar@imran_bihar
@Anish97098@BiharEducation_@IPRDBihar साथ ही 14 सितंबर से म्यूचुअल विंडो के लिंक को विभाग एक्टिवेट करदे। बहुत सारे शिक्षकों ने अपने म्यूचुअल साथी को खोज लिया है. बस शिक्षा विभाग एक मौक़ा दे. तो वो तमाम शिक्षक भाई/बहन एक दूसरे के स्थान पर स्थानांतरित हो जाएंगे।
@Durgesh08092029@BiharEducation_@NitishKumar@sunilkbv@RajnishJhakumar@mmalayanil मैंने, कब कहा अंतर जिला स्थानांतरण पर रोक लगा दिया जाए? अंतर ज़िला स्थानांतरण के लिए विभाग ने 5 सितंबर से लेकर आज 13 सितंबर तक आवेदन लिया जा रहा है। और इसी महीने जिला आवंटन भी होना है. हम आशा करते हैं सभी अंतर ज़िला और सेम ज़िला के शिक्षकों का स्थानांतरण ज़ल्द से ज़ल्द हो।
@News18Bihar लेकिन बड़ी मछली बच गई. इतनी हिम्मत छोटे कर्मचारियों को कहां से आती है ? जो खुलेआम शिक्षकों से पैसे का डिमांड किया जाता हो. बगैर #DEO#DPO के हस्तक्षेप से ऐसा भ्रष्टाचार मुमकिन नहीं है। बिहार सरकार और शिक्षा विभाग सबसे पहले भ्रष्ट #DEO#DPO पर सख़्त कार्रवाई करे। @NitishKumar
@btetctet शिक्षकों के निगरानी.और उनसे संबंधित मामलों पर प्रखंड कार्यालयों तथा जिला और राज्य कार्यालय से हमेशा ऐसे अशुद्ध वर्तनी वाले पत्र वायरल होते आए हैं। शिक्षा विभाग ऐसे कर्मी पर कभी करवाई नहीं करता. वहीं कोई शिक्षक ऐसी ग़लती करें तो उनपर विभागीय कार्रवाई हो जाती है? @BiharEducation_
@amitkvikram आपका निर्णय बिल्कुल सही है। जब ईमानदार और ज़मीन से जुड़े हुए व्यक्तियों का किसी भी दल में सम्मान और उनके विचारों को अहमियत नहीं मिले तो ऐसे दल से वास्ता तोड़ ही देना चाहिए।
लाज़िम नहीं, के हर किसी को अपने सफ़र पर कामयाबी ही मिले। कुछ लोग मंजिल पाने केलिए अपना ज़मीर बेच देते है।