A democracy grows stronger not when everyone agrees, but when every voice is heard.
Respectful dialogue is the foundation of every strong society.
💎 Where Wisdom Meets Humanity.
#DivinePearls#Democracy#Wisdom#Humanity#Respect
सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
The strongest shoulders are often the ones that carry burdens silently.
Before judging someone's smile, remember the weight they may be carrying.
💎 Where Wisdom Meets Humanity.
#DivinePearls#Wisdom#Humanity#LifeLessons
"वर्दी सत्ता की नहीं, संविधान की होती है।"
आर्मी ऑफिसर के बीवी ने वर्दी का क्या धर्म ओर क्या फ़र्ज़ होता है ये खूबसूरत तरीके से समझाया
"आपके कंधों के सितारे ताकत नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। अशोक चिन्ह याद दिलाता है कि आपकी निष्ठा किसी सरकार से नहीं, संविधान और देश की जनता से है।
लाठी आवाज़ दबाने के लिए नहीं, कानून की रक्षा के लिए है। वर्दी का सम्मान उसके कपड़े से नहीं, उसे पहनने वाले के चरित्र से होता है।
वर्दी का धर्म: सेवा, संयम और संविधान।" 🇮🇳
सोशल मीडिया पर 'स्कूल ऑफ लद्दाख इंडियन' से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और इंजीनियर से शिक्षा सुधारक बने सोनम वांगचुक के कार्यों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
Support #sonamwangchuk
मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा की हिम्मत को सलाम !
जब लोग बोलने से डर रहे हैं उस दौर में ये स्कूल की आवाज उठा रहे हैं ऐसे गिनी चुने लोग हैं आज देश में !
नीति आयोग की रोपोर्ट के आधार पर 98000 सरकारी स्कूल में गर्ल्स टॉयलेट नही है?
डूब के मर जाने की बात है सभी सरकारों के लिए
वीडियो पूरा देखना शर्म को भी शर्म आजएगी !
आजकल कुछ युवा राहुल गांधी जी से इस बात की माफ़ी मांग रहे हैं कि पहले उन्होंने राहुल गांधी जी पर मीम बनाये, उन पर फब्तियाँ कसीं, क्योंकि उनके चारों तरफ एक भ्रमजाल था.
राहुल गांधी जी को उनसे न तब कोई शिकवा-शिकायत थी और न ही अब किसी सुलह-सफ़ाई की दरकार है.
राहुल गांधी की दुकान तो मोहब्बत की दुकान है, जो भी आएगा उसका स्वागत है.
कुछ भी कहो इन भाई साहब की बात सुनकर मन खुश हो गया
इसे कहते हैं गरीबों के हक में बोलना अमीर होते हुए सेल्यूट हैं इनको
आज पहली बार जिंदा दिल इंसान देखा चाहे रील के माध्यम से ही सही किसी ने तो ग़रीबो का सोचा।
अब बताओ कहाँ है नफ़रती चिंटू अंधभक्त लोग?
बंगाल में ईद पर मुसलमानों से गाय को खरीदने से मना करने के लिए कहा और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी कीl
जबकी बंगाल के हिंदू गाय बेचने के लिए मरे जा रहे हैं
आंखें खोलो और इन BJP की नफ़रती राजनीति से बाहर निकलो?
देहरादून में Metro Shoes शोरूम में घुसकर VHP और बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों ने मुस्लिम कर्मचारियों के नेम बैज पर “जिहादी” लिख दिया। विवाद एक पूर्व कर्मचारी की शिकायत से शुरू हुआ, लेकिन सवाल ये है कि क्या किसी संगठन को कानून हाथ में लेकर किसी को धर्म के आधार पर अपमानित करने का अधिकार है? उत्तराखंड में इससे पहले “मोहम्मद दीपक” विवाद में भी इसी तरह का दबाव देखने को मिला था। अब सवाल यही है — देश संविधान और कानून से चलेगा या भीड़तंत्र से?