@khurpenchh झारखंड सरकार से कहना चाहता हूं आपकी ये नाकामयाब कोशिश होगी । इससे अच्छा आप पेपर लीक में शामिल लोगों को पकड़ो और एक बात खुरपेंच आपकी पकड़ से दूर है । जनहित के मुद्दों को उठा रहे है खुरपेंच। झारखंड सरकार और रांची पुलिस पेपर लीक में शामिल माफियों पकड़ों उनको सख्त से सख्त सजा दो
अदिति नागर जी को नई पारी की हार्दिक शुभकामनाएं 💐
ETV से First india, Bharat 24 तक के लाज़वाब सफर... से नए सफर खूब खूब बधाइयां
आपकी पॉलिटिकल खबरें हम नहीं राजस्थान मिस करेगा।
बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद सदैव आप बना रहे यही कामना करता हूं।
@NagarAdditi#journalism#Newbeginning
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन और X Twitter पर 40 हजार जुड़ने वाले सभी युवा साथियों का बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
Thank you all friends 🇮🇳♥️
#reservationhataomovement#EndReservation
सरकार और जिम्मेदारों से हाथ जोड़कर निवेदन है सिंगल रोड़ हाईवे को फोरलेन हाईवे बना दो। सबसे महंगा टोल देने के बाद भी सुविधाएं जीरो हैं
मा. CM साहब @BhajanlalBjp@KumariDiya संज्ञान ले 🙏 @nitin_gadkari साहब सहयोग करें @8PMnoCM,@khurpenchh सरकार तक हमारी बात पहुंचने का कष्ट करें
संसद परिसर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सामने कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं और इस पर कड़ी नाराज़गी जताई। वहीं, इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान शांत रहे और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी...
दावों और हकीकत के बीच फंसा किसान: आधा जुलाई बीतने के बाद भी फसल बीमा का इंतजार
भारतीय राजनीति में किसानों के कल्याण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। "किसान हमारी प्राथमिकता हैं" और "अन्नदाता की आय बढ़ाने" जैसे वादे चुनावी मंचों पर अक्सर सुनाई देते हैं। लेकिन जब इन दावों की वास्तविक परीक्षा होती है, तब प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी कई सवाल खड़े कर देती है।
आधा जुलाई बीत चुका है। प्रदेश में मानसून सक्रिय है और किसान खरीफ फसलों की बुवाई में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में किसानों के सुरक्षा कवच मानी जाने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए बीमा कंपनियों का अंतिम चयन अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
क्या कहते हैं सरकारी दस्तावेज?
राजस्थान सरकार के कृषि आयुक्तालय (पंत कृषि भवन, जयपुर) द्वारा 13 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र (क्रमांक: एफ 6 (III) आ.कृ./फ.बी./निविदा 2026-27/6194-6211) के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनियों के चयन की प्रक्रिया अभी जारी है।
पत्र के अनुसार:
- एक वर्षीय फसल बीमा निविदा (संख्या 2238) 4 जून 2026 को जारी की गई।
- वित्तीय बोलियां 30 जून 2026 को खोली जा चुकी हैं।
- निविदा शर्तों के अनुसार क्लस्टर आवंटन में कैपिंग का प्रावधान है। यदि कोई कंपनी दो से अधिक क्लस्टरों में सबसे कम बोलीदाता (L-1) होती है, तो अतिरिक्त क्लस्टरों के लिए क्रमशः L-2 से L-N तक की कंपनियों से L-1 दरों पर सहमति ली जाती है।
- इसी प्रक्रिया के तहत 14 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजे सफल बीमा कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई, जिसमें उन्हें बंद लिफाफे में अपनी सहमति और प्रस्ताव प्रस्तुत करने थे।
इस प्रक्रिया में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया, ओरिएंटल इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, एसबीआई जनरल, टाटा एआईजी सहित कुल 12 बीमा कंपनियां शामिल हैं। इसके बावजूद अंतिम आवंटन में हो रही देरी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल
खरीफ सीजन में जुलाई का मध्य वह समय होता है जब अधिकांश क्षेत्रों में बुवाई पूरी हो चुकी होती है या अंतिम चरण में होती है। ऐसे में यदि प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा या अन्य कारणों से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसानों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि अंतिम बीमा व्यवस्था पूरी होने तक उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
सवाल व्यवस्था से है
यह मुद्दा केवल किसी एक सरकार या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। प्रश्न यह है कि किसानों से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण योजना की प्रक्रिया समय रहते पूरी क्यों नहीं हो पाई। यदि योजनाओं का क्रियान्वयन मौसम और कृषि चक्र के अनुरूप नहीं होगा, तो उनके उद्देश्य पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
किसानों को केवल घोषणाओं और योजनाओं के नाम नहीं, बल्कि उनका समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन चाहिए। सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि फसल बीमा योजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर बीमा कंपनियों का अंतिम चयन करें, ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसान स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें और किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें समय पर संरक्षण मिल सके।
'यहां कोई भी बेटी ड्रॉप आउट नहीं होनी चाहिए...'
भगवान देवनारायण मंदिर में दर्शन करने के बाद, सूबे के मुखिया भजनलाल शर्मा जब ब्यावर के देवमाली गांव में किसान रामलाल गुर्जर के घर पहुंचे, तो उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कलेक्टर को पास बुलाया और दो टूक कहा कि- 'इस माटी की एक भी बच्ची का स्कूल छूटना नहीं चाहिए!'
विधायक और प्रशासनिक अमले को नसीहत देते हुए सीएम ने साफ कहा कि अब दफ्तरों से निकलकर नियमित गांवों की धूल छाननी होगी, क्योंकि हर बेटी का सपना सरकार की जिम्मेदारी है!
#Rajasthan @BhajanlalBjp
@Viveksbarmeri पत्रकार जी आप रॉन्ग साइड वाली परम्परा को छोड़ो... ये खर्रा फैमिली आपकी पकड़ से दूर है
थोड़ा सा रिसर्च करें। इस कार्यक्रम में मंत्री खुद गए है। अनुज का कार्यक्रम से कोई वास्ता नहीं है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री रोहित गुरुनाथ शर्मा को खेल के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया। श्री रोहित शर्मा एक जाने माने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी और भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं। श्री शर्मा ने आईसीसी पुरुष T20 विश्व कप 2024 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का विश्व रिकॉर्ड इनके नाम दर्ज है। श्री शर्मा क्रिकेट इतिहास में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक दिवसीय प्रारूप में तीन दोहरे शतक बनाये हैं।