WHOLESOME. 🥹
Qazi is teaching us a LIFE LESSON without even realizing it. ❤️🔥🥹
When everyone turns their back on you and expects to see you broken, just SMILE, embrace your loneliness, and enjoy your own company. ❤️👑
#QaziTouqeer#BiggBoss20#BB20 https://t.co/fXThnC3aLw
Musk says "oligarchs" are keeping Starlink out of India.
11,000 satellites in orbit. India's best plan so far: 1,650, still a proposal.
You can't stop better tech forever.
#Starlink#CryptoWala
सोनम वांगचुक कल तक बीजेपी सरकार और आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी के कट्टर समर्थक थे.
लद्दाख आंदोलन के बाद इस आदमी पर सितंबर 2025 में NSA लगाकर जोधपुर जेल में बंद कर दिया गया.
अचानक से सोनम को 14 मार्च 2026 को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया. गृह मंत्रालय ने उनपर लगा NSA तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया.
लद्दाख के LG वीके सक्सेना के जरिए सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके से मिले. यह बात सोनम वांगचुक से मुंह से एक इंटरव्यू में निकल गयी.
अभिजीत दीपके 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का Satire X अकॉउंट बनाता है. अदृश्य शक्तियां इस अकाउंट को सोशल मीडिया पर वायरल कर देती हैं. सोनम वांगचुक को एक काम मिला है, राहुल गांधी की राजनीति में अवरोध उत्पन्न करना.
She's not wrong, there's a high possibility BJP Govt may impose emergency, even ban Instagram/Discord temporarily for few weeks and deploy even stringent measures to shoo away protestors.
इस तस्वीर को गौर से देखो, मैंने ओरिजनल फोटो को मात्र visually bluer कर दिया.... क्योंकि मेरा ज़मीर जिंदा है... मैं भारत के बहन बेटियों की ऐसी हालत में नहीं देख सकता....
बहुत मुमकिन है कि कल यही हरकत कोई वर्दीधारक किसी दूसरी बहन बेटी के साथ भी करे... इस लिए इसके खिलाफ आवाज़ उठाएं..
#JantarMantar
When Nehru became PM, India had nothing, we were struggling for food, our budget was only ₹500 Cr
Still he built ISRO, IITs, IIMs & the entire India from scratch
There can never be second Nehru
— Major Gen CS Dhawan 🔥
This broke my heart into pieces 💔
& Prime Minister of this nation is shamelessly busy flying kites and clicking pictures with cows.
We are doomed as a nation.
दोनों बच्चे लगभग एक ही उम्र के हैं, फर्क सिर्फ़ सोच का है
एक तरफ़ अश्वमीत गौतम। जिसने सरकार से बस इतना पूछा— शिक्षा-रोजगार मिले, सड़क ठीक हो, पानी मिले, बिजली हो, हवा साफ़ हो।
इनाम क्या मिला? FIR और जेल।
दूसरी तरफ़ अभिनव अरोड़ा।
सरकार का प्रोपेगेंडा, अंधभक्ति, पाखंड, नफरत और झूठ सब परोसा।
इनाम? मंत्री से सम्मान, वो भी नितिन गडकरी के हाथों।
सोचिए—
जो कलम, कॉपी, किताब से सवाल करेगा, उसे जेल।
और जो अंधभक्ति और झूठ फैलाएगा, उसे पुरस्कार।
यह सिर्फ़ दो बच्चों की कहानी नहीं है, यह आज के भारत की प्राथमिकता का आईना है—
सवाल अपराध है,
और चापलूसी राष्ट्रसेवा।