मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की बजाए बलि का बकरा बना दिया गया स्टेनो को ...
POCSO अधिनियम और नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने जैसे गंभीर कानून के उल्लंघन का अपराध मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया , मगर मुकदमा मुख्यमंत्री पर दर्ज करने से इंकार कर बलि का बकरा मुख्यमंत्री कार्यालय के एक निचले स्तर के कर्मचारी को बना दिया गया ।
मुख्यमंत्री अपने गैर - जिम्मेदाराना रवैये को छिपाने और मुकदमे से बचने के लिए एक आशुलिपिक (स्टेनो) को आगे करके खुद को पाक - साफ साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। जब संवेदनहीनता और कानून के उल्लंघन का मामला सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से जुड़ा हो, तो उन्हें ( मुख्यमंत्री) को बचाने के लिए एक छोटे कर्मचारी पर मुकदमा थोप देने से न्याय प्रणाली और बिहार सरकार व् पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा होता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने EPF के तहत वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने को मंज़ूरी दी है। सरकार का यह फैसला बेहतर सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है- श्री रमेश कृष्णमूर्ति, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त
#ExpandingSocialSecurity
आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार ने आपकी बात सुनी है। हमारे सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होगी।
पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को भी बख्शा नहीं है। हमारा स्पष्ट उद्देश्य है कि व्यवस्था में ऐसी कमियां दूर हों, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी न उठानी पड़े।
हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। इस बदलाव में आपकी भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि यहाँ से समाधान की एक नई मिसाल कायम करे।
मैं यह भी समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं।
आप झारखंड का भविष्य हैं। आपकी आवाज़ को नजरअंदाज करना नहीं, उसे सुनना और आपकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।
मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए, संवाद और विश्वास के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान करें।
नितिन गडकरी जी का इस्तीफा जरूरी है क्यों इथेनॉल मिलावटी पेट्रोल और डीजल है जो कि कितनी गाड़ी खराब हो गई है या तो उनके दाम सस्ते करवाने का काम करे। प्रोटेस्ट अभी जारी रखा जाए @abhijeet_dipke@Wangchuk66@CJP_for_India@Cockroachisback
@RahulGandhi नितिन गडकरी जी का इस्तीफा कब होगा जो इथेनॉल मिलावटी पेट्रोल और डीजल बेच वा रहे है गाड़ी खराब हो रही है और नहीं तो पेट्रोल डीजल का दाम सस्ती कीजिए 70-80 लीटर करने का काम करिए।