सुनसान की आसमान में किसी का नाम नहीं,
चाँद और सफेद बेलों में कोई चमक नहीं,
अकेले की सफ़र में किसी की साथ नहीं,
अकेले की राह में कोई सुंदर संग नहीं।
बिछड़ी हुई ख़्वाहिशें किसी की बोलती है,
मुझे याद करती है किसी की छोटी सी हलफ़नेल। #OpenAIChatGPT#hindipoem