अमन रूस में MBBS पढ़ने गया था,गरीब परिवार का सपना था–बेटा डॉक्टर बनेगा।
फिर युद्ध छिड़ गया।
अमन हॉस्टल में फंस गया, पैसे खत्म हो चुके थे।
तभी 35 साल की तलाकशुदा नतालिया उसकी प्रोफेसर मदद करने आई।
खाना दी,सुरक्षित आसरा दी।
धीरे धीरे डर की जगह दोनों में एक दूसरे के लिए अपनापन आने लगा।
दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया,उन्होंने शादी करली।
दोनों आज खुशी खुशी अपना क्लीनिक चला रहे है।
और अंततः सब बुरा होने पर
सबने कोसा प्रेम को ही
मैं नहीं कोसूंगी
क्योंकि
प्रेम कभी गलत नहीं हो सकता
और
न ही कोसने की कोई वस्तु
प्रेम तो स्वयं ईश्वर है
और ईश्वर कभी किसी का बुरा नहीं करता
बुरा करने के लिए
भगवान ने बनाया है इंसान को
छल, कपट, अविश्वास
सब इंसान के स्वभाव है
ईश्वर या प्रेम के ज़रा भी नहीं
तो अगली बार प्रेम के नाम पर
जब भी कुछ बुरा हो
तो दोष देना इंसान को ही
प्रेम को नहीं
क्योंकि प्रेम ईश्वर है
और ईश्वर को कोसा नहीं जाता 🫶
पोस्ट ऑफिस में एक स्कीम है जिसका नाम है MONTHLY INCOME SCHEME(MIS)।
इसमें आपको हर महीने ब्याज मिलेगा जो सीधे आपके खाते में आएगा। यानी आपको एक फिक्स्ड इनकम हो जाएगी ।
पोस्ट ऑफिस में खोलना भी आसान है। आपको सिर्फ PAN, आधार और पासपोर्ट साइज फोटो लगेगा।
ब्याज भी बैंक FD से ज्यादा है 7.4%
इसको आपको 5साल के लिए करना है । आप 1 साल में भी बंद कर सकते है लेकिन आपको पेनल्टी भरनी होगी।
अगर आप गृहणी है या फिर रिटायर है या फिर आप कोई रिस्क नहीं लेना चाहते है तो यह आपके लिए एक अच्छी स्कीम है।
इसमें अधिकतम ₹9 लाख ही जमा कर सकते है। ज्वाइंट अकाउंट है तो ₹15 लाख।
बिना शोर किए ऋतुएं कैसे बदल जाती हैं!
शायद वे पहले से ही जानती हैं--
नियति पर उनका जोर नहीं;
और इसीलिए वे जितनी शांति से
शामिल होती हैं, जीवन में;
और उतने ही शांत एहसासों से
अलविदा कह देती हैं।
मुझे पसंद है ऋतुओं का...
इस तरह जीवन में आना,
और चले जाना।
तुम बताती हो--
बिना किसी पूर्वाग्रह के,
हर पल उत्सव कैसे हो जाता है;
और चले जाने के बाद,
वह मीठा सा अहसास लिए.....
हृदय में ठहर जाना क्या होता है!
✍️ शिखा सिंह।
Pic credit -Pinterest
आप सभी को राम राम 🙏
साथियों मैं गजेन्द्र सिंह अवाना युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष दौसा पद हेतु चुनावी मैदान में हूं।
दौसा जिले के सभी भाईयों से X (ट्विटर) के माध्यम से जुड़ना चाहता हूं।
साथियों आप सभी के साथ और प्रेम की अत्यधिक आवश्यकता है। @AwanaGajendra#JoinIYC#YouthCongress
विनम्र श्रद्धांजलि
राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री और नेता श्री हेमसिंह भड़ाना जी के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति! 🙏🥀
इस घोडे को देखिये
इसके जिंदगी मे मजे से दौडते दौडते विकट समय आ गया, दो चलती ट्रेन के बीच ये फस गया और आसपास की दुनिया सिर्फ चिल्लाती रही, कुछ न कर सकी, घोडा अगर उनके शोर शराबे से विचलित हो जाता तो अपनी जान गवां बैठता...
पर घोडे ने अपनी सहज दौड कायम रखी और उसका खराब समय बीतते ही दुनिया अपने अपने कामो मे मसरुफ हो गयी...
हमारी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है दोस्तो...बस अपना साहि कर्म करते रहो.. सफलता निश्चित है।*🙏
150 years of Sardar Vallabhbhai Patel — the Iron Man of India, the architect of our unity.
This RashtriyaEktaDiwas, we honor his legacy with hearts united and strides together.
Let’s participate in Run for Unity and resolve for Ek Bharat Shreshtha Bharat.
आवश्यक जानकारी
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यदि किसी कारणवश आपकी बैंक EMI बाउंस हो जाए और बैंक का रिकवरी एजेंट आपके साथ अभद्र व्यवहार करता है या गैर-कानूनी दबाव बनाने की कोशिश करता है, तो आप अपने क्षेत्रीय पुलिस थाने में दोषी रिकवरी एजेंट के साथ-साथ संबंधित बैंक के विरुद्ध भी FIR दर्ज करा सकते हैं।
FIR में उल्लेखित किये जाने वाले बिंदु:
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• भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार, बैंक द्वारा नियुक्त रिकवरी एजेंट को केवल व्यावहारिक एवं मर्यादित तरीके से वसूली करने का अधिकार होता है।
• रिकवरी प्रक्रिया में गाली-गलौज, धमकी, जबरन वसूली या गैर-कानूनी दबाव डालना पूर्णत: प्रतिबंधित है।
• ग्राहक की गरिमा, अधिकार और गोपनीयता की रक्षा करना बैंक की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
• यदि किसी ग्राहक के साथ रिकवरी एजेंट दुर्व्यवहार करता है, तो उसकी जिम्मेदारी केवल एजेंट पर ही नहीं, बल्कि बैंक पर भी समान रूप से लागू होती है।
इसलिए, ऐसे मामलों में बैंक एवं एजेंट दोनों के विरुद्ध FIR दर्ज कराई जा सकती है।साथ ही अगर ऐसे मामलों में पुलिस FIR दर्ज करने में आनाकानी करें तो माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर भी FIR दर्ज कराई जा सकती हैं।
~ साभार: @NCIBHQ
“दुकानदार ने कहा कि –
बिका हुआ सामान न तो बदला जाएगा और न ही वापस होगा?"
ग़ुस्से में आकर झगड़ा न करें....
क्योंकि आपके पास है 7 दिन का रिटर्न और रिप्लेसमेंट का कानूनी अधिकार।
• चाहे ऑनलाइन शॉपिंग हो या ऑफलाइन स्टोर – सामान ख़राब मिला तो या तो बदलना पड़ेगा या फिर वापस होगा।
• उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 आपको देता है इसकी पूरी ताक़त। अगर आपका हक़ छीना जाए, तो चुप मत रहिए, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1800-11-4000 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराए।
सादर: @NCIBHQ