अजीब ही जवाब है इनके हिसाब से
BJP और संघ के अलावा देश में सब झूठे हैं इतनी जनता झूठी है जिनकी गाड़ी इथेनॉल की वजह से खराब हो रही है इनके हिसाब से बस
एक यही देशभक्त हैं बाकी सब देशद्रोही हैं
ये इमानदार लोग हैं बाकी सब भ्रष्ट और बेईमान हैं
BJP वाले समझ चुके हैं कि अब ये जाने वाले हैं इसीलिए जल्दी जल्दी अपनी पीढ़ियों का भविष्य बनाने में लगे है?
राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था की भेंट चढ़े 22 छात्रों की स्मृति में विशाल कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में @CongressSevadal का हर कार्यकर्ता आने वाले दिनों में इस जनसंघर्ष को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगा।
देर आए दुरुस्त आए
सुबह का भूला शाम को घर लौट आए, तो उसे भूला नहीं कहते।
माफी मांगने वाला कभी शर्मिंदा नहीं होता है किसी से कोई गलती हो जाए तो माफी मांग लिया करें और माफ करने वाला बड़ा होता है।
“भाड़े के टट्टे”
“जिनको कुत्ता नहीं पूछता”
“छोड़ूँगा नहीं”
यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की सदन में भाषा है
धराशायी होते इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल पूछने वालों को गरिया रहे हैं
यह लोकतंत्र है देवेंद्र जी, और जिसको आप कोस रहे हैं वह जनता है
सत्ता का यह नशा उतरेगा ज़रूर
स्वीडन के बाद ऑस्ट्रेलिया पत्रकार
कह रहे है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनस्क्रिप्टेड
प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते है
वहीं पर जाते है
जहां पर स्टेज मैनेज होता है
.@narendramodi जी,
आपने मनरेगा (MGNREGA) तो ख़त्म कर दी, ग्रामीण भारत से ‘काम का अधिकार’ छीन लिया, पर क्या ये सच नहीं है कि —
1️⃣ राज्य सरकारों को मनरेगा का बकाया नहीं दिया। लोक सभा में प्रस्तुत उत्तर के अनुसार, 34 राज्यों व UTs का ₹17,144.13 करोड़ बकाया था। (मार्च 2026 तक) इसमें Wage Liability का आँकड़ा ₹7,846.25 करोड़ है, यानि मज़दूरों को उनके हक़ का पैसा अब तक नहीं मिला। क्यों?
2️⃣ जुलाई 1 से आपने राज्यों पर नई योजना (VB-G RAM G) थोपी है, पर मनरेगा का बकाया भुगतान अभी तक केंद्र से नहीं मिला! कर्नाटक के ₹700 करोड़ बाक़ी हैं, झारखंड के ₹900 करोड़ बचे हैं, तेलंगाना, तमिल नाडू समेत कई राज्यों को बकाया फ़ंड नहीं मिले हैं।
3️⃣ कांग्रेस द्वारा लाई गई मनरेगा में केंद्र सरकार मजदूरी का 100% खर्च खुद उठाती थी, लेकिन अब नई योजना में राज्यों पर कुल खर्च का 40% बोझ डाल दिया गया है। जब BJP शासित मध्य प्रदेश और बिहार, साथ ही झारखंड भी भारी वित्तीय बोझ का हवाला देते हुए फंडिंग पैटर्न पर पुनर्विचार की माँग कर रहे हैं, तो केंद्र सरकार आखिर किस बात पर अड़ी हुई है? (RTI के अनुसार)
4️⃣ जब खेती के सबसे अहम सीज़न में 60 दिनों तक काम बंद रखने के 'Blackout' प्रावधान का कई राज्यों ने कड़ा विरोध किया है, तो केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण मजदूरों पर यह मज़दूर-विरोधी व्यवस्था क्यों थोप रही है?
5️⃣ जब 125 दिनों के रोज़गार का वादा पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश पर ₹20,037 करोड़ और बिहार पर ₹15,939 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, तो क्या केंद्र सरकार राज्यों को आर्थिक संकट में धकेलकर अपनी योजना लागू करना चाहती है?
6️⃣ कम से कम 5 राज्यों ने मज़दूरी बढ़ाने की गुहार लगाई है। कांग्रेस पार्टी पहले दिन से ₹400 रोज़ाना मज़दूरी की माँग कर रही है। जब बिहार ₹255 की मजदूरी को बढ़ाकर ₹413 और जम्मू-कश्मीर ₹272 से ₹311 करने की मांग कर रहा है, तो केंद्र सरकार मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी देने में हिचकिचा क्यों रही है?
7️⃣ जून में इस बार 42% कम बारिश हुई है। ख़रीफ़ की बुआई 22.7% कम हुई है। 300 से ऊपर ज़िले सूखे की चपेट में आ सकते हैं, ग्रामीण भारत में जीवनयापन का संकट गहराया है। इस स्थिति में मनरेगा को ख़त्म करना, क्या मज़दूर, SC, ST, OBC, व ग़रीबों पर हमला नहीं है?
मोदी जी, जवाब दीजिए।
The landslide in Wayanad is deeply distressing. I extend my heartfelt condolences to the families who have lost their loved ones. My thoughts and prayers are with everyone affected by this tragic disaster.
The Chief Minister is personally monitoring the relief and rescue operations, and every effort is being made to provide timely assistance to those in need. I appeal to all Congress and UDF workers to stand with the affected families and extend every possible support during this difficult time.
We stand in solidarity with the people of Wayanad and all affected families.
Saddened by the passing of renowned theatre director, actor and filmmaker Vijaya Mehta ji.
Her pioneering contribution to Marathi theatre and Indian cinema inspired generations of artists and left an indelible mark on India's artistic landscape.
My heartfelt condolences to her family, friends, students and admirers, in this hour of grief.
मणिपुर सालों से जल रहा है, और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए।
दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं - मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है, उसकी कल्पना भी मुश्किल है।
यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बाँटती है।
आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई।
मणिपुर बेहतर का हक़दार है - और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है।
Each name on this list was a child with a dream, a family, a future - all destroyed by a broken system and a government that refuses to learn or take accountability.
Remember these students. Every one of them.
When PM Modi praised Dharmendra Pradhan ji on his birthday, did he even spare a thought for these children?