असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
खरगे जी देश के ��क वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता हैं - उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के SC-ST समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।
लेकिन यह कोई नई बात नहीं है - यह BJP-RSS की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है।
बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या SC-ST समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों - भाजपा और RSS का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं।
यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है।
और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा सवाल है - क्या आप हिमंता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है।
प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुँह न खोलें - वो न सिर्फ अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
ये तो ग़ज़ब ही हो गया !!
मध्यप्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी जिस समय प्रदेश में रामराज और सुशासन की लम्बी लम्बी फेंक रहे थे, उसी समय उनके सगे बड़े भाई सुधीर अग्रवाल से 50,00000/- रूपए की धोखाधड़ी हो गई।
आशीष अग्रवाल जी,
ये क्या हुआ ? रामराज सीधे आपके घर तक पहुँच गया?
इसीलिए कहता हूँ कि मोहन यादव प्राइवेट ल���मिटेड की संविदा नौकरी छोड़िए और मध्यप्रदेश में सर्व व्याप्त जंगलराज को स्वीकार कीजिए।
और हाँ, प्रदेश के गृहमंत्री से भी कभी कभी सवाल कर लिया करो, कब तक इस घनघोर अंधेरे को सुहानी शाम कहते रहेंगे?
सिंधिया जी,
कम से कम आप तो लोकतंत्र की बात मत ही कीजिए। देश की याददाश्त इतनी भी कमजोर नहीं कि वो मध्यप्रदेश की सरकार को बीजेपी के हाथों बेचने के आपके तिकड़म को भूल जाय।
पूरा देश साक्षी है जब आपने मध्यप्रद��श की सरकार को गिराने के लिए किस तरह से 26 विधायकों का सौदा किया। मध्यप्रदेश की निर्वाचित सरकार गिराई। मध्यप्रदेश पर उपचुनाव थोपा।
बदले में आपको क्या मिला ?
राज्यसभा की सीट, दिल्ली में पुराना बंगला, आपके कोटे के 9 मंत्री और मध्यप्रदेश को दोनों हाथों से लूटने की खुली छूट। भ्रष्टाचार की रेस में अव्वल आने का लायसेंस।
सिंधिया जी,
जब खुद की करतूतें और खुद का अतीत काला और अंधेरे भरा हो, तब सफेदी की ���मकार और रोशनी पर ज्ञान नहीं बांटा करते। हिन्दु��्तान के लोकतंत्र का सबसे काला दिन तो वो था, जब एक नेता अपने दल से ग़द्दारी कर विरोधी/दुश्मन को अपना भगवान बना रहा था।
आशीष अग्रवाल जी,
मैं आपकी पीड़ा समझ सकता हूँ। मध्यप्रदेश के जंगलराज को मंगलराज बताना आपकी मजबूरी है।
वैसे, आप मोहन यादव जी के झाँसे में मत आना, यहाँ आजकल बीजेपी नेताओं को भी सड़क किनारे लूट लिया जाता है। यकीन न हो तो अपने उत्तरप्रदेश के अतिथि बीजेपी नेता से पूछ लो, जो चीख चीखकर मध्यप्रदेश के जंगलराज की बात कर रहे थे।
और हाँ, आप उसी सुशासन की बात कर रहे हो न, जिसमें छतरपुर में बीजेपी के एक नेता ने पंकज प्रजापति नामक युवक की हत्या कर दी, और आपके सुशासन ने मृतक पर ही एफआईआर दर्ज करा दी।
सुशासन से याद आया…रीवा में मेडिकल कॉलेज में ही नाबालिग से सामूहिक बलात्कार हो गया, और सरकार मामले को दबाती रही, प��लिस झूठ बोलती रही।
खैर ! ये सब छोड़ो…पटवारी भर्ती घोटाला, व्यापम घोटाला, नर्सिंग घोटाला, पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला, पेपर लीक घोटाला….ये सब तो युगांडा में हुआ था न ? और युगांडा का प्रधानमंत्री भी कितना बेशर्म है न, इतने बड़े घोटाले हो गए…लेकिन मुँह से एक शब्द नहीं फूटा ?
जरा भी शर्म बची हो तो न्यायालय और न्यायाधीश आजकल आपकी सरकार के लिए जो टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें ही एक बार पढ़ लो और थोड़ी देर लज्जित होने का अभिनय कर लो।
यहाँ तो शर्म भी बड़ी बेशर्म है।
कटनी जिले में लूट की वारदात लगातार बढ़ती जा रही है। दो दिन पूर्व उत्तरप्रदेश के बीजेपी नेता से लूट के बाद, सलीमनाबाद में दो युवकों से लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
��ब यह खबर बता रही है कि छत्तीसगढ़ की जानीमानी फिल्म अभिनेत्री ज्योत्सना ताम्रकार से भी कटनी स्टेशन पर लूटपाट की गई है।
मध्यप्रदेश में क़ानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। मुख्यमंत्री की खोल में छिपे गृहमंत्री को अब सामने आना ही होगा। अपना चेहरा दिखाना ही होगा।
क्या बीजेपी आलाकमान के निर्देश पर बीजेपी मंत्रियों और विधायकों के द्वारा सेना के ख़िलाफ़ बयानबाजी की जा रही है?
यह सवाल देश के हर नागरिक के मन में गूंज रहा है कि मध्यप��रदेश के मंत्री विजय शाह और जगदीश देवड़ा के जिस बयान से पूरे देश का खून खौल रहा है, वह बयान बीजेपी को इतना पसंद क्यों आ गया?
क्या बीजेपी के नेता किसी प्रायोजित एजेंडे के तहत सेना को कमतर आँकने और मोदी को महामानव साबित करने की दिशा में काम कर रहे हैं ? क्या पाकिस्तान के मामले में अमेरिकी मध्यस्थता और गोदी मीडिया की कारगुज़ारियों से मोदी की जो भद्द पिटी है, उसके डैमेज कंट्रोल के लिए सेना को छोटा और मोदी को बड़ा बनाने के मिशन पर काम जारी है?
मध्यप्रदेश के दो कद्दावर मंत्रियों के बेशर्म बयानों पर यदि गौर करें तो ���प पायेंगे कि एक ने सेना को आतंकवादियों का रिश्तेदार बताया तो दूसरे ने पूरे देश की सेना को मोदी के चरणों में परोस दिया। ऐसा लगता है सब कुछ एक स्क्रिप्ट के तहत हो रहा है। मोदी की लाज बचाने के लिए दिल्ली से आई स्क्रिप्ट।
वर्ना क्या यह मुमकिन है कि विजय शाह के बयानों पर अदालती की अब तक की सबसे तल्ख़ टिप्पणी के बावजूद विजय शाह एक दिन भी मंत्री रह पाता ? क्या उपमुख्यमंत्री के द्वारा ��ूरी सेना को मोदी के चरणों में नतमस्तक बताने के बाद क्या जगदीश देवड़ा की छुट्टी नहीं हो जाती ? लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, क्योंकि जिसे देश की जनता द्रेशद्रोह कह रही है, दरअसल वो दिल्ली के आदेशों का पालन है।
ये अराजकता ही है कि अब देश की सुरक्षा और अखंडता को ख़तरा पहुँचाने वाले मंत्री बने रहेंगे। यह संविधान का मखौल उड़ाने जैसा है। मोहन यादव की भूमिका केवल कायरता भरी नहीं बल्कि संदिग्ध भी है। क्या ���ुख्यमंत्री अब शपथ के पालन से किनारा कर चुके हैं ?
सवाल ढेर सारे हैं,
पर एक सवाल बार-बार गूंज रहा है…बीजेपी नेताओं में इतनी बेशर्मी कहाँ से आ गई, और इस बेशर्मी को मोहन यादव एवं मोदी का खुला समर्थन क्यों मिल गया?
बेशरम मंत्री के साथ बीजेपी
देश की बेटी कर्नल सो��िया क़ुरैशी को आतंकवादियों की बहन कहने वाले मंत्री का न तो अब तक इस्तीफा हुआ है, न ही मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की कार्यवाही की गई है।
शुक्र है हाईकोर्ट का जिसने स्वत: संज्ञान लेते हुए बिगड़ैल मंत्री पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए, वर्ना तो बीजेपी वह भी नहीं करती। दरअसल यही बीजेपी का असली चरित्र है।
कोर्ट ने बेशरम मंत्री की भाषा को गटरछाप बताते हुए इस मामले को सेना का अपमान बताया, कोर्ट ने यह भी कहा कि मंत्री के बयान से देश संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा है। बावजूद इसके बीजेपी मंत्री को बर्खास्त नहीं कर पाई।
मोहन यादव जी,
👉 क्या देश की सेना का अपमान करने वाला मंत्री मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा?
👉 क्या जिससे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा हो, वह सरकार का हिस्सा रहेगा?
👉 क्या देश में वैमनस्य फैलाने वाला, नफरत�� और अलगाववादी मानसिकता का व्यक्ति मध्यप्रदेश का मंत्री रहेगा?
👉 क्या राष्ट्र की संस्थानों और सामाजिक ताने बाने पर चोट करने वाला व्यक्ति मध्यप्रदेश का मंत्री रहेगा?
👉 क्या मध्यप्रदेश की सरकार और पूरी बीजेपी इतनी बेशर्मी पर उतर आई है कि सेना के अपमान से भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता?
👉 यदि मंत्री का इस्तीफा या बर्खास्तगी नहीं होती है, तो क्यों न इस घृणित बयान को मध्यप्रदेश सरकार और बीजेपी का आ��िकारिक बयान माना जाए?
बेशरमी का ओलंपिक जारी है,
बीजेपी को पदक की तैयारी है।
युगांडा के प्रधानमंत्री की आत्मा मर चुकी है, उसने कायरता का सरेआम प्रदर्शन करते हुए अपने दुश्मन देश के साथ समझौता कर लिया है।
सुना है अपने झूठे प्रचार और प्रोपेगेंडा के माध्यम से खुद को महान साबित करने वाला युगांडा का प्रधानमंत्री किसी तीसरे देश के दबाव में आ गया और अपने ही देश की जनता के स्वाभिमान का समझौता कर लिया।
हमने बदला ले लिया
भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ज़मीन पर पल रहे आतंकी ठिकानों को पाकिस्तान में घुसकर नेस्तनाबूद कर दिया है।
कल देश गदगद हो गया जब देश की दो बेटियों ने सेना के शौर्य की गाथा बड़े ही फक्र के साथ हम करोड़ों देशवासियों को समर्पित की।
देश की दो बहादुर बेटियां, कर्नल सोफिया क़ुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जब ऑपरेशन सिंदूर की सफलता बयां कर रही थी, तब पूरी दुनिया हमारी एकता, अखंडता और भाईचारे की मिसाल भी देख रही थी।
यही हमार��� देश है,
यही हमारा संविधान है,
यही हमारी संस्कृति है,
यही हमारी पहचान है।
न कोई हिंदू है,
न कोई मुसलमान है,
सब के सीने में धड़कता,
अपना हिन्दुस्तान है।
इसलिए कहो दिल से,
हमारा ‘भारत’ महान है।
जय जवान, जय हिन्दुस्तान
भारतीय सेना ने पाक और पीओके में एयर स्ट्राइक कर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है।
हमारी सेना हमारा गौरव है। हमारे जांबाज सैनिकों ने पहलगाम हमले के 15 दिन के भी��र हमारी माताओं और बहनों के सिंदूर का बदला ले लिया है।
सेना के शौर्य को सलाम।
“जय हिंद, जय हिंद की सेना”
मोहन यादव सरकार बाबा महाकाल मंदिर की व्यवस्था में नाकाम क्यों ?
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का गृह जिला होने के बावजूद महाकाल मंदिर में लगातार दुर्घटनाएँ होती जा रही है, सरकार को जाने कैसे नींद आ रही है।
कुछ नवीनतम मामले-
5 मई 2025:
👉 शंख द्वार के पास कार्यालय में आग लगने की घटना
27 सितंबर 2024:
👉 गेट नंबर 4 के पास दीवार ढहना
18 अगस्त 2024:
👉 आवारा कुत्तों का हमला
24 मार्च 2024:
👉 गर्भगृह में आग लगने की घटना
24 जुलाई 2023:
👉 महाकाल लो��� में छज्जा गिरने की घटना
29 मई 2023:
👉 महाकाल लोक में सप्तर्षि की मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त
10 अगस्त 2022:
👉 मंदिर के भोजनालय में महिला की मृत्यु
इसके अतिरिक्त-
मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कुछ ये मामले भी प्रदेश को शर्मसार करते हैं- 👇
1️⃣- वीआईपी दर्शन टिकटों की अवैध बिक्री और दलाली (2024)
2️⃣- ऑनलाइन भस्म आरती और वीआईपी दर्शन बुकिंग में धोखाधड़ी (2024)
3️⃣- वीआईपी दर्शन में प्रोटोकॉल का दुरुपयोग (2024)
मोहन यादव जी,
महाकाल मंदिर लाखों करोड़ों शिव भक्तों को श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। इसकी व्यवस्था आपकी प्राथमिकता में क्यों नहीं ❓
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मीडिया विभाग का पुनर्गठन किया है।
सभी नवनियुक्त प्रवक्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। जिन साथियों ने अब तक कांग्रेस प्रवक्ता के रूप मे पार्टी को सहयोग दिया है, कांग्रेस पार्टी उन सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है।
हम मिलकर बदलाव सुनिश्चित करेंगे।