चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की शानदार जीत 🎉
अपने बेहतरीन प्रदर्शन से पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए टीम इंडिया को बधाई और आगामी मैचों के लिए शुभकामनाएं।
भारत की जीत का ये सिलसिला यूं ही जारी रहे।
जय हिंद 🇮🇳
Our rich tributes to Rukmini Devi Arundale, a renowned classical dancer, who revitalised the Bharatanatyam.
She was also the first woman nominated to the Rajya Sabha and is remembered for championing the cause of animal welfare.
Her multifaceted legacy continues to inspire.
We honour Anant Pai, the visionary behind the colourful world of Amar Chitra Katha & Tinkle.
His contribution to children's literature through ingenious creations in Indian mythology & history continues to fascinate generations of children—as well as people of all ages.
In a democratic set-up we must have freedom of the Press, freedom of speech, freedom of expression and freedom of association and all kinds of freedom.
✅ पहली बेटी के जन्म पर 2 लाख की आर्थिक मदद
✅ दूसरी बेटी के जन्म पर 1 लाख की आर्थिक मदद
✅ बेटियों को परिवार की पैतृक संपत्ति में समान अधिकार
✅ राज्य की पुलिस भर्तियों में महिलाओं को 30% आरक्षण
📍 हिमाचल प्रदेश
अंग्रेजी भाषा युवाओं की सफलता का महत्वपूर्ण औजार है।
देश के युवा हिंदी और अपनी क्षेत्रीय भाषाओं के साथ अंग्रेजी को भी अपनाएं- ताकि वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।
RSS-BJP के लोग नहीं चाहते हैं कि देश के युवा आगे बढ़ें और उनके बच्चों की जगह पर बैठ सकें।
प्रधानमंत्री आज भागलपुर, बिहार में हैं। उनके लिए चार सवाल हैं -
1.मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर के लिए वादे के मुताबिक एयरपोर्ट कहां हैं?
प्रधानमंत्री ने 18 अगस्त 2015 को पूर्णिया में एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था। छह साल और तीन बार नीतीश कुमार की पलटी के बाद भी उनकी सरकार इस वादे को पूरा नहीं कर पाई। 2019 की एक रैली में, मोदी जी ने मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को चालू करने का आश्वासन दिया था। 2023 में, गृह मंत्री अमित शाह ने भी पताही एयरपोर्ट को शुरू करने का संकल्प दोहराया, जबकि भाजपा ने दिवाली 2023 तक इसे पूरी तरह चालू करने का वादा किया था।
लगभग एक साल पहले AAI की एक ग्राउंड टीम ने पाया था कि हवाईपट्टी पर टूटी हुई बाउंड्री वॉल और घूमती हुई भैंसें हैं! आज भी हालात लगभग वैसे ही हैं , आखिर सरकार पिछले 11 सालों से कर क्या रही है?
मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर जैसे शहरों को एयरपोर्ट की ज़रूरत है और वे इसके हकदार भी हैं, लेकिन भारतीय जुमला पार्टी के राज में इन्हें सिर्फ खोखले वादे ही मिले हैं। प्रधानमंत्री ने बिहार की जनता से इस विषय पर बार-बार झूठ क्यों बोला?
2.बिहार में इतने जरूरी प्रोजेक्ट अधूरे क्यों पड़े हैं?
2015 में, बिहार की जनता से 1.25 लाख करोड़ के पैकेज का बड़ा वादा किया था। इस पैकेज में से 54,713 करोड़ रुपये सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए थे। गंगा, सोन और कोसी नदियों पर कई पुल, राष्ट्रीय राजमार्ग और 12 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने थे।
लेकिन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, 44 नियोजित राष्ट्रीय राजमार्गों में से 27 अभी भी अधूरे हैं, जबकि बाकी 17 के लिए अब तक डीपीआर (Detailed Project Report) तक तैयार नहीं हुई है।
इसके अलावा, भागलपुर के विक्रमशिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए एक ईंट तक नहीं रखी गई। यहां तक कि यूपीए सरकार द्वारा 2013 में साइन किया गया बक्सर थर्मल पावर प्लांट का एमओयू भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
इतने बड़े-बड़े वादे करने के बाद प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की बेशर्मी से उपेक्षा क्यों की है?
3.भागलपुर की सांस्कृतिक
विरासत और पर्यटन की संभावनाओं को संवारने के लिए मोदी सरकार ने क्या किया?
भागलपुर बिहार और भारत का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र है—यहां की टेक्सटाइल इंडस्ट्री, मंजूषा पेंटिंग्स और भगवान महावीर का जन्मस्थल प्रसिद्ध हैं। लेकिन ये सभी सरकारी उपेक्षा के शिकार हैं।
उदाहरण के लिए, भागलपुर रीजनल हैंडलूम वीवर्स कोऑपरेटिव यूनियन के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच बुनकरों की संख्या 2 लाख से घटकर सिर्फ 60,000 रह गई। 2015 में यह कारोबार 600 करोड़ रुपये सालाना था, जो अब घटकर 150 करोड़ रुपये रह गया है।
बुनकरों को बढ़ती इनपुट लागत की समस्या से लगातार जूझना पड़ रहा है , जबकि उनका कारोबार ठप है। ऐसे में मोदी सरकार पिछले 11 सालों से कहां गायब थी? भागलपुर की संभावनाओं को संवारने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
4.बिहार को अब तक विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला, जबकि प्रधानमंत्री ने खुद इसका वादा किया था?
2014 में, जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के लिए प्रचार कर रहे थे, तब उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था।
केंद्र सरकार के अपने ही बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) रिपोर्ट के अनुसार, बिहार भारत का सबसे गरीब राज्य है, जहां राज्य की 52% आबादी को आवश्यक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तक पहुंच नहीं है।
2013 में, रघुराम राजन कमेटी ने आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों के लिए एक नया फंड आवंटन मॉडल सुझाया था, जो बहुआयामी गरीबी सूचकांक पर आधारित था। लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी, मोदी सरकार किसका इंतजार कर रही है?
प्रधानमंत्री बिहार की जनता से किया गया अपना वादा क्यों भूल गए?
केंद्र में 11 साल और बिहार में लगभग 21 साल सत्ता में रहने के बाद भी, मोदी सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने में क्यों नाकाम रही?
अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक बुरी खबर आई है।
देश में SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के खाते धड़ाधड़ बंद हो रहे हैं।
आंकड़े बताते हैं 👇
• जनवरी-2025 में 61 लाख 33 हजार लोगों ने अपने SIP खाते बंद करा लिए
• SIP बंद करने वालों की संख्या, नए SIP खोलने वालों की संख्या से बहुत ज्यादा है
एक्सपर्टस् का मानना है कि ये देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बुरा संकेत है, जो भविष्य में Mutual fund सेक्टर को बर्बाद कर सकता है।
साफ है कि-
बड़ी संख्या में SIP का बंद होना बताता है कि लोगों के मन में भारतीय बाजार को लेकर डर है, उन्हें सरकार की नीतियों पर भरोसा नहीं है।
साथ ही ये इस बात का भी संकेत है कि लोगों के पास बचत के लिए पैसे नहीं हैं और वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
एक ओर छोटे निवेशकों को नुकसान पर नुकसान हो रहा है, दूसरी ओर मोदी सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार देश की अर्थव्यवस्था संभालने में पूरी तरह से FAIL हो चुकी है।
A delegation from the Meridian International Center led by the Hon'ble Fred Hochberg, Chair of Board of Trustees and former Chairman and President of the Export-Import Bank of the United States, and the CEO Ambassador Stuart W Holliday, met LoP Shri @RahulGandhi.
📍 New Delhi
नरेंद्र मोदी आज असम जा रहे हैं, इसलिए हम उनसे कुछ सवाल पूछ रहे हैं।
ताकि नरेंद्र मोदी के असम पहुंचने तक हिमंता बिस्वा सरमा इन सवालों के जवाब तैयार कर सकें, हालांकि वो ऐसा कर नहीं पाएंगे।
क्योंकि हमारे जो भी सवाल होंगे, उनमें से एक का भी जवाब दोनों के पास नहीं होगा।
: @Pawankhera जी
सत्ता के अहंकार में BJP ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी जी पर अपमानजनक टिप्पणी की और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जी समेत 6 कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया।
ये सरासर तानाशाही है। हमारे संवैधानिक अधिकारों को रौंदने की कोशिश है।
आज @INCRajasthan के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 'विधानसभा घेराव' कर, सरकार की इस मनमानी का पुरजोर विरोध किया।
📍 जयपुर, राजस्थान
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम जा रहे हैं, लेकिन क्या वो जानते हैं कि:
• उनके चहेते CM हिमंता बिस्वा सरमा असम के अंदर क्या कर रहे हैं
• असम में जारी भ्रष्टाचार पर क्या नरेंद्र मोदी कार्रवाई करेंगे
• असम में चाय बागान के मालिकों को डराया-धमकाया जा रहा है
• मुख्यमंत्री के सहयोगी, उनके परिजन चाय बागान खरीद रहे हैं
• चाय बागान चला रहे बड़ी कंपनियों के मालिक असम से चले गए
• हिमंता बिस्वा सरमा चाय बागानों को खत्म कर कमर्शियलाइज करना चाहते हैं
हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी एलिफेंट कॉरिडोर में जो वाणी ग्रीन रिजॉर्ट चला रही हैं- क्या उन्होंने वहां पर रिजॉर्ट चलाने की परमिशन ली है?
क्या प्रधानमंत्री जी आपकी इसमें सहमति है ?
: असम कांग्रेस प्रभारी @JitendraSAlwar जी
नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री को ऐसा कौन सा जादू का चिराग पकड़ा दिया, जो हिमंता बिस्वा सरमा बिजनेस टायकून बन गए।
हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में पूरा साम्राज्य खड़ा कर दिया है।
असम के मुख्यमंत्री के पास कई चाय बागान, न्यूज़ पोर्टल, मैकडॉनल्ड्स का बड़ा आउटलेट, इंटरनेशनल स्कूल और कई सारी जमीनें हैं।
माजुली, कामरूप, गुवाहाटी, नौगांव, गोलाघाट समेत ट्रायबल इलाकों में कई सारी जमीनें खरीदी गईं हैं, जहां जमीन नहीं खरीदी जा सकती।
ये सब हो रहा है, तो क्या नरेंद्र मोदी की एजेंसियां जांच कर रही हैं?
: असम कांग्रेस प्रभारी @JitendraSAlwar जी
पूरे देश में रैट-होल माइनिंग बैन हो चुकी है, लेकिन असम में मुख्यमंत्री की नाक के नीचे रैट-होल माइनिंग हो रही है।
ऐसे में सवाल है कि ये रैट-होल माइनिंग कौन कर रहा है?
• क्या ये माइनिंग CM के सहयोगी कर रहे हैं?
• क्या ये माइनिंग CM के मंत्रिमंडल के लोग कर रहे हैं?
असम में BJP का नया नारा है- मोदी जी का साथ, हिमंता का विकास
: असम कांग्रेस प्रभारी @JitendraSAlwar जी