दो वक्त की अच्छी रोटी ये भी डिज़र्व करते है.
सिस्टम को इनके लिए कुछ करना चाहिए . हम एक दिन कर देगें दो दिन कर देगें फिर तीसरे दिन ?
सरकार को ध्यान देना चाहिए , कोई परमानेंट रोजगार या कुछ ऐसी सुविधा दे जो इनका गुजारा हो जाए .
खेर आपसे जितना बनता है किया करो अच्छा लगेगा .