The entire country is concerned about the deteriorating health of Shri @Wangchuk66, who has been on a hunger strike at Jantar Mantar for 19 days. I humbly appeal to him to end his fast. His life is invaluable for the long fight for the youth and the environment.
Shri @RahulGandhi has been continuously raising his voice across the country on the issue of paper leaks, and the Congress party has been demanding the resignation of the Education Minister from the very beginning. It is unfortunate that in the land of Gandhi, a Satyagrahi has given up food for 19 days, yet the Modi government has not even taken the initiative to hold a dialogue.
The @INCIndia party will continue to fight this battle for the interests of the students with full strength, from the streets to the Parliament.
जंतर-मंतर पर 19 दिनों से अनशनरत श्री सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर पूरा देश चिंतित है। मेरी उनसे विनम्र अपील है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। उनका जीवन युवाओं एवं पर्यावरण की लंबी लड़ाई के लिए अनमोल है।
श्री राहुल गांधी पूरे देश में पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहे हैं एवं कांग्रेस पार्टी शुरू से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। ��ुर्भाग्यपूर्ण है कि गांधीजी के देश में एक सत्याग्रही 19 दिनों से अन्न त्यागकर बैठा है और मोदी सरकार ने संवाद की पहल तक नहीं की।
कांग्रेस पार्टी छात्रहित की यह लड़ाई सड़क से संसद तक पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
बग़ावत बेरूखी से और भड़केगी वो क्या जाने
तबीयत इस अदा से और भड़केगी वो क्या जाने
वो क्या जाने कि अपना किस कयामत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत से बगावत का इरादा है…
Sonam Wangchuk, His Body Grows Weaker, His Resolve Only Grows Stronger.
#SonamWangchuk
Sonam Wangchuk से बात करेगी Modi सरकार?
लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण अनशन केवल विरोध का माध्यम नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता की भी परीक्षा होती है. यदि कोई नागरिक अपने विश्वास औ�� अधिकारों के लिए जीवन दांव पर लगाकर अनशन कर रहा हो, तो राज्य का प्रथम दायित्व संवाद, सहानुभूति और समाधान का होना चाहिए.
राज्य की भूमिका केवल शासक की नहीं, बल्कि एक अभिभावक की भी होती है. जिस प्रकार माता-पिता अपने बच्चों की पीड़ा को समझने का प्रयास करते हैं, उसी प्रकार सरकार से भी अपेक्षा की जाती है कि वह अपने नागरिकों के साथ सम्मानजनक संवाद करे, चाहे मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों. किसी भी लोकत��त्र की वास्तविक शक्ति विरोध को दबाने में नहीं, बल्कि उसे सुनने और संवेदनशीलता से उसका उत्तर देने में निहित है.
सोनम वांगचुक के अनशन ने एक बार फिर ये प्रश्न उठाया है कि लोकतांत्रिक असहमति के प्रति राज्य का उत्तर टकराव नहीं, बल्कि विश्वास, संवाद और मानवीय संवेदना होना चाहिए
Sonam Wangchuk | #SonamWangchuk | #IndiaNews | CJP
दिल्ली में प��छले 17 दिनों से सरकार के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है. हज़ारों लोग उनसे अनशन ख़त्म करने की अपील कर रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुरू किया है. सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन से जुड़े थे और उसी दिन से भूख हड़ताल पर हैं.
रिपोर्ट: शुभ राणा
आवाज़: मुकुंद झा
एडिट: सदफ़ ख़ान
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी है��। बात केवल परीक्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों के अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिख���। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा होता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गं���ा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
4th Grade और REET दोनो मे चयनित अभ्यर्थी पहले 4th Grade जॉइन करेंगे
फिर REET में जॉइनिंग मिलने पर 4th Grade छोड़ देंगे,इससे 4th Gradeकी हजारों सीटें खराब होगी।
सीटे खराब होने से बचाने के लिए REET L1 DV शीघ्र शुरू करके जॉइनिंग दो
#REET_L1_DV_Schedule_जारी_करो#ReetL1DvSchedule
यह मुर्दों का देश है साधो।।
सोनम वांगचुक की हालत और ज्यादा गंभीर। अब तो खङे होने में भी मुश्किल हो रही है ।
पेपर लीक जैसे गंभीर मसले पर वांगचुक प्रोटेस्ट कर रहे हैं पर क्या मजाल जो सरकार पर असर पङे।
मोदी जी! …. ये सुरेश ढाका कौन?
इस पेपर लीक माफिया के साथ आपकी ED और पुलिस फ़र्ज़ी पकड़म-पकड़ाई खेल रहीं हैं। जब तक आप नहीं चाहेंगे वो पकड़ेंगे भी नहीं। लेकिन आपने तो उसके पिता को राजस्थान में ₹20 करोड़ का माइनिंग ठेका भी दे दिया। तो फिर ED और पुलिस वाले भला क्यों पकड़ेंगे इसे?
बताइए ना मोदी जी, कौन है ये सुरेश ढाका आपका?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज तेल के खेल को पूरी तरह उजागर कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि क्रूड की कीमतें 115 ���ॉलर प्रति बैरल से घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, लेकिन भारत सरकार आज भी देश में महंगा पेट्रोल बेच रही है। आज देश में पेट्रोल की कीमत ₹82 प्रति लीटर, या उससे भी कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक कच्चे तेल की कीमतें 6 बार गिरीं, लेकिन जनता को राहत नहीं मिली। पिछले साल तेल कंपनियों को ₹77 हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा हुआ। इसके बावजूद सरकार आज भी देश में ₹102 प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल बेच रही है। #ReducePetrolPriceTo82
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, लेकिन भारत सरकार आज भी देश में महंगा पेट्रोल बेच रही है। आज देश में पेट��रोल की कीमत ₹82 प्रति लीटर, या उससे भी कम होनी चाहिए।
कैसे? सम��िए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक @ArvindKejriwal जी से।
#ReducePetrolPriceTo82