एक ही MBBS कॉलेज, लेकिन फीस में जमीन-आसमान का अंतर!
जनरल - 10.94 लाख
ओबीसी - 6.05 लाख
EWS - 6.05 लाख
SC ST - 00 (शून्य)
बस आजकल देश में यही क्यूटियापा चल रहा है...
अब अगर SC ST मंत्री का बेटा भी इस कॉलेज में होगा तो उसकी फीस जीरो होगी और एक मज़दूरी करने वाले सवर्ण का लड़का इस कॉलेज में होगा तो वो 11 लाख रूपये फेस भरेगा।
@MUSTAQU53206633@KumaarSaagar होली पर थोड़ा रंग लग जाने से जिनका मजहब खतरे में आ जाता है और तरुण खटिक की हत्या कर देता है, नवरात्रि आने पर इन्हें काफिरो के गरबा पंडालों में आकर भाईचारा निभाना होता है।
@indoria_s@sambitswaraj आरक्षण को गले की हड्डी ���्रष्टजनतापार्टी ने बनाया पहले ओबीसी आरक्षण फिर ओबीसी में यादव जाट शक्तिशाली जातियों के वोटो के लिए सत्ता के लिए ये ज़मीर बेच कर शामिल कर देश को बर्बाद किया फ़िर ISRO AIMS में शामिल किया फिर हद तो ये हो गई 40 दिन के अस्थाई रोजगार में टेंडर में हर स्थान पर।
@DCP_NorthWest@LtGovDelhi पुलिस बल को बार बार नमन। हमारे जैसे देश की जनता को यह सब देखकर जी जलता है, गुस्सा आता है। इतना धैर्य, सहनशीलता बहुत ही कठिन कार्य, ड्यूटी।
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हाल ही में आज तक पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी (@BhajanlalBjp) का अंजना ओम कश्यप जी (@anjanaomkashyap) के साथ इंटरव्यू देखा।
मुख्यमंत्री जी ने पूरे आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ अपनी बात रखी। क़ानून-व्यवस्था हो, प्रशासन हो या युवाओं के लिए अवसर पैदा ���रने की बात, हर विषय पर उनकी सोच और प्रतिबद्धता साफ़ नज़र आई।
मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि उनका भरोसा राजस्थान की ज़मीन और वहाँ की जनता पर है। उनके पास प्रदेश के विकास का स्पष्ट रोडमैप है। निवेश बढ़ाने, रोज़गार पैदा करने और समाज के हर वर्ग तक विकास का ��ाभ पहुँचाने की उनकी सोच सकारात्मक भी है और दूरदर्शी भी।
मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब नेतृत्व अपनी ज़मीन से जुड़ा हो, जनता के सुख-दुख को समझता हो और नीयत साफ़ हो, तो विकास की राह अपने आप खुलती जाती है। राजस्थान में अपार संभावनाएँ हैं।
भजनलाल जी को राजस्थान की प्रगति और समृद्धि की इस यात्रा के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
मेरे पास इनकम है, घर है, कार है, नौकरी है, व्यापार है, संपत्ति है। लेकिन वह तभी तक सुरक्षित है जब तक मेरा देश सुरक्षित है।
अगर देश देशद्रोहियों के हाथ में चला गया तो मेरी सारी संपत्ति या तो लूट ली जाएगी या आपके हवाले कर दी जाएगी।
यूक्रेन का उदाहरण दे दीजिए एक मूर्ख राष्ट्रपति के कारण आज 20 लाख यूक्रेनी पड़ोसी देशों में शरण लिए हुए हैं। पेट भरने के लिए लड़कियों को गलत काम करने प��़ रहे हैं। यूक्रेन के पड़ोसी बहुत अच्छे हैं। उन्होंने शरण दे दिया।
लेकिन आपके पास कौन से पड़ोसी हैं जो आपकी मदद करेंगे। पश्चिम में पैदायशी दुश्मन पाकिस्तान है, पूर्व में बांग्लादेश है, उत्तर में कम्युनिस्ट चीन है, गरीब नेपाल है, गरीब भूटान है, बर्बाद म्यांमार है। दक्षिण में समुद्र है।
जरा सोच कर देखिए बाहरी दुश्मनों और देश के भीतरी गद्दारों ने मिलकर अगर देश में तबाही ला दी तो सनातनी हिंदू कहां जाएंगे।
कई मामले में सरकार से हमारा विरोध हो सकता है, चुनाव में विरोध करेंगे भी लेकिन देश के साथ गद्दारी नहीं करेंगे। खूनी तख्तापलट नहीं होने देंगे। भारत को बांग्लादेश, और नेपाल नहीं होने देना है।
एकजुट हो जाइए। एक हो जाइए।
जब देश बचेगा तो आप और हम भी बचेंगे।