Since last Thursday we have No Supply
Means for 9 days
What a grand preparation of @UPPCLLKO for consumers
Stay in Dark, Praise itself @mduppcl
Cognizance is needed @aksharmaBharat@EMofficeUP@CMOfficeUP
Sisai Haider Basantpur Hariyali feeder Tejwapur Bahraich
🔥𝐍𝐎 𝐑𝐄𝐒𝐄𝐑𝐕𝐀𝐓𝐈𝐎𝐍 𝐈𝐍 𝐓𝐇𝐄 𝐏𝐑𝐈𝐕𝐀𝐓𝐄 𝐒𝐄𝐂𝐓𝐎𝐑 🔥
🔥𝐍𝐎 𝐒𝐂-𝐒𝐓 𝐀𝐂𝐓 𝐅𝐈𝐑 𝐖𝐈𝐓𝐇𝐎𝐔𝐓 𝐀 𝐌𝐀𝐍𝐃𝐀𝐓𝐎𝐑𝐘 𝐏𝐑𝐄𝐋𝐈𝐌𝐈𝐍𝐀𝐑𝐘 𝐈𝐍𝐐𝐔𝐈𝐑𝐘!🔥
You voted, and Team Bharat will deliver!
We are taking our 𝗦𝗘𝗖𝗢𝗡𝗗 𝗪𝗔𝗩𝗘 of citizen protests straight onto the streets!
You gave us the mandate, and we will be your voice.
We step onto the ground with 𝟯 𝗡𝗢𝗡-𝗡𝗘𝗚𝗢𝗧𝗜𝗔𝗕𝗟𝗘 𝗗𝗘𝗠𝗔𝗡𝗗𝗦:
👉 𝗣𝗿𝗲𝗹𝗶𝗺𝗶𝗻𝗮𝗿𝘆 𝗶𝗻𝗾𝘂𝗶𝗿𝘆 before any FIR is registered under the SC/ST Act
👉 𝗡𝗢 𝗿𝗲𝘀𝗲𝗿𝘃𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻 in the private sector
👉 𝗝𝘂𝘀𝘁𝗶𝗰𝗲, 𝗿𝗲𝗶𝗻𝘀𝘁𝗮𝘁𝗲𝗺𝗲𝗻𝘁, & 𝗰𝗼𝗺𝗽𝗲𝗻𝘀𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻 for IIT Bombay Prof. Suryanarayana Doolla!
Jail, lockup, detention, or batons: nothing will deter us from fighting for what is right.
Date and location will be announced shortly.
Media friends an official Press Note will be sent.
We know you are with us!!
𝗧𝗲𝗮𝗺 𝗕𝗵𝗮𝗿𝗮𝘁 | 𝗝𝗮𝗶 𝗛𝗶𝗻𝗱, 𝗝𝗮𝗶 𝗕𝗵𝗮𝗿𝗮𝘁! 🇮🇳
#TeamBharat #CitizenPower #MeritFirst #JusticeForProfDoolla #FairLaw
@OGTeamBharat@Nidhzee@FactswithDinesh@Shankyram2@nachiket1982@AbhinayWithYou@neha_laldas
प्रशासन स्वयं ही रैंडम बातों पर ‘ले चलो इसको SC वाला लगाओ’ कह कर कार्य करे तो समझ जाइए कि न्याय कितना हो रहा है। मोदी एक्ट पुलिस, प्रशासन और दलित के लिए धनोपार्जन का माध्यम बन गया है।
खराब सड़क पर सवाल पूछने पर तमाचा मारकर क्वालिटी टेस्ट करवाते दिल्ली के उप मुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा,
प्रवेश वर्मा को कान पकड़ कर माफ़ी मांगनी चाहिए और मुख्यमंत्री न बनने का गुस्सा आम आदमी पर न निकालो
बनारस में आरक्षण, मोदी एक्ट एवम् UGC नियमावली के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को कल रात्रि पुलिस ने जबरन हटा दिया। उनके टेंट आदि उखाड़ लिए गए।
मेरी बनारस के लोगों से प्रार्थना है कि अपने सांसद का कार्यालय और सांसद प्रतिनिधि से जा कर पूछिए कि क्या प्रदर्शन के मौलिक अधिकारों का हनन ऐसे ही होता रहेगा?
BHU के युवाओं से अनुरोध है कि आप लोग प्रदर्शन के लिए निकलिए। एक दिन का ही रखो, पर भीड़ ले कर जाइए और केवल इतना पूछिए कि परीक्षा पर चर्चा करने वाले प्रधानमंत्री विद्यार्थियों के प्रश्नों से कब तक भागेंगे? UGC का अभिशाप आप पर ही पड़ेगा।
IIT बॉम्बे को आधार बना कर कि ‘आज भी दलित आत्महत्या कर रहे हैं’, @PMOIndia की योजना यही है कि UGC नियमावली को अंततः हर कैमप्स में लागू किया जाए। यदि यह योजना नहीं है तो सरकार सात महीने में दूसरी डेट क्यों ले रही है सुप्रीम कोर्ट से? क्या यह यूपी चुनाव तक टाल कर, इसे जैसे का तैसा अप्रैल से लागू करने का षड्यंत्र नहीं है?
आप यदि इसे कोई छोटी प्रतिक्रिया मान कर चुप बैठेंगे तो सारे लोगों का मनोबल टूटेगा। हमें वह नहीं होने देना है। आप चुप बैठेंगे, समाज शांत हो जाएगा। बहुत परिश्रम और मूल्य चुकाने के उपरांत आज हम इस स्थिति में हैं कि चर्चा हो रही है।
इसे समाप्त मत होने दीजिए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।