📍गोंडा
आज समस्त सामाजिक कार्यकर्मों में सम्मिलित होने के पश्चात सायंकाल पैतृक निवास स्थान विष्णोहरपुर में प्रतिदिन की तरह गौशाला में पहुँच कर गौ सेवा कर अपने मनुष्य जीवन के उत्तम कार्यों में से एक गौ सेवा के पुण्य कर्म को कर मन आनंदित ��र प्रसन्न हो गया …।
।।गौ माता आप सभी का मंगल करें
ऐसी कामना है ।।
बग़ावत बेरुख़ी से और भड़केगी। वो क्या जानें… तबीयत इस अदा से और भड़केगी।
वो क्या जानें…
ये लड़ाई सिर्फ एक इंसान की नहीं, हमारे भविष्य की है।
आओ सभी मिलकर समर्थन करें।
5508 शालिग्राम भवन, अजमेर में… जहाँ हर कदम पर भगवान नारायण की दिव्यता का अनुभव होता है।
यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भगवान नारायण के 5508 दिव्य शालिग्राम स्वरूपों का पावन धाम है। यहाँ का प्रत्येक दर्शन श्रद्धा, शांति और भक्ति का अद्भुत अनुभव कराता है।
यह मन और संसार दोनों ही माया से बने हैं, इसीलिए इस असार संसार में मन को हमेशा केवल संसार की चीज़ें ही अच्छी लगती हैं। लेकिन सच्चा सुख तो श्री कृष्ण के चरणों में है।
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसू���ी चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
सूर्यास्त के समय मनुष्य को बाहर गलियों या बाजारों में नहीं भटकना चाहिए।
जब सूर्य अस्त हो रहा हो, तब घर में बैठकर परमात्मा के सामने दीपक जलाना चाहिए, प्रभु का नाम कीर्तन-ध्यान करना चाहिए और अपनी प्रत्येक इंद्रिय पर संयम रखना चाहिए।
चुनाव आयेंगे, जाएंगे, सरकारें बनती रहेंगी, सांसद विधायक खरीदे जाएंगे, पार्टियां टूटती रहेंगी, घोटाला होता रहेगा, बाबू लोग करोड़ पति होते रहेंगे,
लेकिन गरीब लोग हमेशा ट्रेन में ऐसे ही सफर करेंगे।
कारण - सांसद जी की फर्स्ट एसी में सीट रिजर्व है।
विपक्ष को तोड़ कर चुनौती जनता को दी जा रही है कि आपकी कोई औक़ात नहीं है। ऐसा कर लोकतंत्र का उत्साह ख़त्म किया जा रहा है। अगर कोर्ट केस माफ़ कराने के लिए सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं तो सवाल उठेगा कि क्या कोर्ट ने ED की जगह ले ली है? अदालत की साख को दाँव पर लगाने से नुक़सान भरोसे का होगा। वकील प्रतिस्पर्धा में निखरते हैं।उनके पेशे को AI से ज़्यादा ख़तरा न्याय व्यवस्था को पार्टी व्यवस्था में बदल देने से होगा। इसके बाद क्या बचेगा? हताशा का लंबा दौर और नतीजा? एक शब्द में - दुर्दशा। हताशा से केवल दुर्दशा पैदा होती है। राष्ट्र के लोक जीवन का उत्साह ख़त्म हो जाता है। उसकी आर्थिक प्रगति भी कुं��ित हो जाती है। अभी सत्ता के दम पर कुछ भी कर लीजिए लेकिन सबके सामने सांसदों को गुलाम की तरह पेश कर राजनीति के महत्व को भी समाप्त किया जा रहा है। अगर यह जीत है तो बीजेपी जश्न क्यों नहीं मना रही? क्या इस देश में किसी को पार्टी चलाने नहीं आती? फिर जब सारा बहुमत आ ही गया तब चुनाव बंद कर दीजिए।
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ा�� कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj