अखिलेश यादव: उत्तर प्रदेश में बुलडोजर सबसे ज्यादा PDA समाज पर चला है।
सबसे ज्यादा अन्याय PDA समाज पर
सबसे ज्यादा पीड़ित PDA समाज हैं
सबसे ज्यादा दुखी PDA समाज है
नकली कफ सीराफ के सरगना पर बुलडोजर कब चलेगा.?
🚨🚨 वोट मेरा अधिकार तेरा यह कैसे हो सकता है ? जनता भी चौकन्ना हो चुके हैं चुनाव के रिजल्ट सुनकर।
क्या हमारे अधिकार छीना जा रहा हैं? चुनाव आयोग जनता को धोखा दे रही है? ईवीएम मशीन का इस्तेमाल करके किसी एक पार्टी को जीता रहे हैं?
नोट - मैथिली ठाकुर को जीताकर खेसारी लाल यादव को हराना इन लोगों के सबसे बड़ी सबूत है ,आप लोगों को क्या लगता है ??
JNU आपको क्या देता है आप इन शुरुवाती दिनों की छोटी लहरों को सुनिए जो आज सुनामी बन चुकी है भाजपा के लिए,बहुत कर लिए बेमुद्दों की बाते,मुद्दों से भटके तो मंच से उतार कर फेक दिय�� जाएगा। 🔥🔥
लालू प्रसाद यादव सैकड़ों वर्षों के सामाजिक न्याय आंदोलन का एक ऐतिहासिक पड़ाव थे, जिन्होंने बिहार में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को मानसिक गुलामी से आज़ादी दिलाई।
स्कूल माफिया शब्द कम है
अब तो इसे आतंकवाद का नाम दे ही देना चाहिए
कक्षा- 2 के बच्चे की अंग्रेजी एक किताब की कीमत 1280₹ और दूसरी किताब की कीमत 785₹ (एक सब्जेक्ट की 2 किताब हैं)
कक्षा 2 का कोर्स लगभग 8000 से 9000 रूपए का है
भारतीय शिक्षा व्यवस्था सच में महालीचड़ है
अनुराग ठाकुर आज कमरा बंद करके खुद को कोड़े मार रहे होंगे कि क्योंकर वोटिंग में हुई धांधली पर बोलने गया। पवन खेड़ा @Pawankhera ने बड़बोले नेता के एक एक शब्द से मिसा���ल बनाई और उल्टा निशाने पर दाग दिया।
साथी अणु शक्ति @AnushaktiSing कहती हैं "पवन खेड़ा की आज की प्रेस ब्रीफिंग बहुत ही ‘स्मार्ट’ मूव है। अनुराग ठाकुर को जवाब देने की जगह कांग्रेस ने बहुत समझदारी से भाजपा के साथ ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिलाकर चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में ला दिया है।
पिछले कुछ समय से कांग्रेस के मूव्स बहुत ही मैच्योर/ समझदारी भरे नज़र आ रहे हैं। विपक्ष से इसी की उम्मीद थी। बेहतर लोकतंत्र की वापसी की उम्मीद भी नज़र आ रही है।"
''SatyaPal Malik को जब हम गांव में बुलाते थे तो कहते थे गाड़ी में तेल डलवा दो तो आ जाऊंगा''- SatyaPal Malik के परिजनों ने उनके आखरी समय में पैसों की तंगी के बारे में बताते हुए कहा.
@SatyapalMalik6@SoniaDehati
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आख़िरी वीडियो -
मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप,
गुज़रे पलों में भी सच बोलने का साहस।
इतिहास गवाह रहेगा, सत्ता के दबाव में झुकने वालों में उनका नाम कभी नहीं होगा।