यह एक तरीका होता है जब कोई देश दूसरे देश को बताना चाहे कि हम आपसे बिल्कुल भी खुश नहीं है
जयपुर एयरपोर्ट पर अमेरिका के विदेश मंत्री और उनकी पत्नी को विदा करने के लिए दो कांस्टेबल एक सब इंस्पेक्टर और एक डीएसप�� लेवल का अधिकारी आया था
केंद्रीय मंत्री को तो छोड़िए राजस्थान सरकार का भी कोई ��ंत्री नहीं था
और तो और अमेरिका के विदेश मंत्री को प्रोटोकॉल देने के लिए जयपुर के कलेक्टर तक नहीं मौजूद थे
यानी भारत ने अमेरिका को तगड़ा संदेश दे दिया है कि अगर आपको भारत की जरूरत नहीं है तो भारत को भी आपको बिलकुल जरुरत नहीं है
और यह नया भारत है यह चमचों का भारत नहीं है जो तुम्हें तेल मालिश करेगा
केन्द्र सरकार से अपील 🙏
'पूरे देश में गिरफ्तार किए गए दंगाइयों के मुफ्त राशन कार्ड,
बिजली बिल में छूट, आयुष्मान कार्ड, गैस सब्सिडी,
प्रधानमन्त्री आवास, किसान सम्मान निधि व अन्य सभी
योजनाओं का लाभ, सरकारी नौकरी देना एवं मतदान के
अधिकार से तत्काल प्रभाव से बन्द कर देना चाहिए।
भविष्य में भी इनको किसी योजना का लाभ ना मिले ऐसी
व्यवस्था होनी चाहिए।
अगर आपको यह सुझाव अच्छा लग���ा है तो इसे आगे जरूर
भेजें।
@khurpenchh राहुल जी एक असभ्य राजनेता हैं शब्दों से ही जनता प्रभावित होती है तू तड़ाक की भाषा अशोभनीय है गांधी परिवार की अब देश मे कोई हैसियत नही है इसीलिए विदेशी ताकतों का सहारा लिया जा रहा है जार्ज सोरोस,हिन्दनबर्ग सब उदाहरण हैं भारत का लोकतंत्र चमकता सूरज है वोट चोरी जैसे शब्द कीचड़ हैं |
छुट्टी रद्द होने के बाद वापस ड्यूटी पर जाते हुए जवान ने कहा कि मैं वापस आऊंगा इसकी कोई गारंटी नहीं है ��ेकिन भारत का कुछ नहीं बिगड़ेगा इसकी पूरी गारंटी है
मेरे वीर बहादुर जवान पूरे देश को पूरा भरोसा कि पाकिस्तान को धूल चटा कर ही लौटेंगे
जय हिंद
वाह्ह्हह्ह्ह्ह.. अनामिका जी 🔥
सिंदूर को बारूद बनाकर आतंकों की खान में,,
रोक के पानी आग लगा दी पापी पाकिस्तान में..
या अल्ला बचा ले.. या अल्ला मूडी से बचा ले
#OperationSindoor#IndiaPakistanWar
यह पश्चिम बंगाल में वक्फ के नाम पर जो दंगे हो रहे हैं मैंने कई बार लिखा है कि यह डायरेक्ट एक्शन डे यानी हिंदुओं के पलायन की फि�� से पटकथा लिखी जा रही है
और वह अपने मकसद में कामयाब हो गए
मुर्शिदाबाद और मालदा जहां हिंदू बहुत कम बचे हैं तो अब बचेखुचे हिंदू मुर्शिदाबाद और मालदा छोड़कर भाग रहे हैं
हिंदू बेचारा अपने बच्चों महिलाओं और थोड़े बहुत कपड़े लेकर आजाद भारत में ही शरणार्थी बन गया
अफसोस मुगल काल में भी हिंदुओं के नसीब में पलायन लिखा था
अ��ग्रेजों के समय में भी मुगल हिंदुओं के नसीब में पलायन लिखा था
हर जगह से हिंदुओं को भागना पड़ा
और अब आजाद भारत के पश्चिम बंगाल में भी हिंदू पलायन पर मजबूर हो गए अपना घर बार छोड़कर शरणार्थी बन रहे हैं
पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की हालत बांग्लादेश के हिंदुओं के हालात से भी बुरी हो चुकी है
सुप्रीम कोर्ट खामोश है
सुप्रीम कोर्ट को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि यहां पलायन करने वाले और प्रताड़ित ��ोने वाले और मरने वाले तो हिंदू हैं
आज बी आर अंबेडकर जी की जयंती पर मुस्लिमों के लिए उनके विचारों को याद करते है ✍️
*लेखक का नाम :* बी आर अंबेडकर
*पुस्तक :* पाकिस्तान & पार्टीशन आफ इंडिया
पेज नंबर 123 : मुसलमान को भारत में नहीं रहना चाहिए।
पेज नंबर 125 : मुसलमान भारत के लिए खतरा बने रहेंगे और भारत में सांप्रदायिक दंगे करते रहेंगे।
पेज नंबर 231 : बुर्के की वजह से यौन इच्छा बढ़ती है, जिस कारण ज्यादा बच्चे पैदा होते हैं।
पेज 233-234 : मुस्लिम समाज सुधार और साइंस के प्रबल विरोधी हैं।
पेज नंबर 294 : मुसलमान भारत के कानून और सविधान से ऊपर अपने सरिया कानून को मानेंगे।
पेज नंबर 297 : मुसलमान अशांति के लिए भारत में सांप्रदायिक दंगे करते रहेंगे।
पेज नंबर 303 : मुसलमान भारत में कभी भी हिंदुओं की सरकार कबूल नहीं करेगा।
पेज नंबर 332 : मुसलमान कभी भी देशभक्त नहीं हो सकता।
���ब ये कौन से तथाकथित अंबेडकरवादी है जो मुल्लो के लिए झुके रहते है ? ये बाबा साब के ही नही हुए, तो क्या देश के हो जाएंगे ?
*शेयर रुकनि नहीं चाहिए...
सुधांशु जी की संसद में आवाज़ न सिर्फ सुनाई देती है, बल्कि दिलों में गूंजती है। ये वक़्ताओं के बीच अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं। उनके भाषण की ऊर्जा और सत्यता इतनी प्रचंड है कि उनके आसपास की हवा भी खामोश हो जाती है। अब उनसे आगे बढ़ना तो क्या, उनकी बराबरी भी किसी के बस की बात नहीं।
@Baliyan_x@SudhanshuTrived अक्षरशः सत्य है, पीएम नरेंद्र मोदी जी जैसा नेतृत्व हमारे देश को मिला है, यह हमारा सौभाग्य है। ईश्वर से यही प्रार्थना है, मानवता के प्रति समर्पित रहने वाले हमारे @narendramodi सर दीर्घायु हों, देश दुनिया में भारत का मस्तक ऐसे ही ऊंचा करते रहें। जय हिंद जय भारत🙏
अगर सुधांशु जी का ये संसद में धाँसू उद्घोष आपको “Goose Bumps” ना दे दे तो कहिएगा।
इस दौर में सुधांशु जी वक़्ताओ की पंक्ति में बहुत लंबी लकीर खींच रहे है।
इनसे आगे निकलना छोड़ो, आस पास आना भी फ़िलहाल संभव नहीं।