"अब तुम्हारे भाई, बाप दादा हमारे खेत में ट्रैक्टर चला रहे हैं, 100-50 के लिए! अपने लिमिट में रहकर घूम! 1990-1995 वाला समय मत समझ! ये 2026 है, अब तुझमें और मुझमें कोई फर्क नहीं है! अब चमार किसी से कम नहीं है, तुझे औकात दिखा दिया जाएगा!"
-भीम आर्मी जिलाध्यक्ष वीरेंद्र भारती
जब ये खुद कह रहे हैं कि ये किसी से कम नहीं, इनके पास बहुत पैसा है, जमीन है, अब ये हर तरह से हमसे अच्छी स्थिति में हैं, तो इनको आरक्षण क्यों दिया जा रहा है????
ये रेकॉर्डिंग हर जगह फैलाइये ताकि लोगों को समझ आये कि अब इस जाति को आरक्षण की कोई ज़रूरत नहीं, क्योंकि अब ये खुद मान रहे हैं कि ये बराबरी हासिल कर चुके हैं🙏
कृपया मुझे इस बात पर भावनात्मक ब्लैकमेल न करें कि मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा। इस दोनों परिस्थिति की चिंता भाजपा को करनी चाहिए कि इनके आने से इनका क्या होगा। इन नेताओं और पार्टी पर ऐसे लोग कैसे-कैसे प्रतिबंध डालेंगे।
मैं इन बातों का लोड नहीं लेता क्योंकि मेरे लोड लेने, या ना लेने, से कोई अंतर नहीं पड़ता। मैं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल को कोई ऐसी पार्टी आई जो, आप जैसा कह रहे हैं की बदतर बना देगी, तो उस से सड़कों पर निपट लेंगे। उनको वैसे भी सड़कों की क्रांति पर ऑर्गैज़म आ जाता है।
आपसे तो केवल शब्दों से लड़ रहे हैं। यदि किसी को यह भ्रम है कि सवर्णों का रक्त रंगहीन जल बन चुका है, और उस से वीरता का वाष्पीकरण हो चुका है, तो हम वहीं हैं जिन्होंने लहू से सने जनेऊ मनों में तुलवाया था धर्म रक्षा हेतु। हम वही हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में फाँसियाँ झेलीं। हम वही हैं जो अंग्रेजों के विरोध में बिगुल फेंका। और हम वही हैं जिन्होंने मुगलों के होते हुए भी धर्म की रक्षा की।
जो लोग शब्दों से समझ सकते हैं वो समझें। हम बिकाऊ राजनेताओं के राजनैतिक समीकरणों के वेरिएबल्स नहीं हैं कि जब इच्छा हुई, जो मन में आया वो कर लिया। हमने आशा दिखाई कि आपके पास विज़न है, और आप 'विकसित भारत' के नाम पर एक जातिवादी समाज देश पर थोप रहे हो जहाँ प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए हर मार्ग पर आपने गड्ढे बना रखे हैं!
अतः, यह धर्म की लड़ाई है, समाज की लड़ाई है और देश की लड़ाई है। प्रतिभा को कूड़ेदान में रखने वाला राष्ट्र कभी भी विकसित नहीं हो सकता। ऐसे राष्ट्र में रेवड़ियाँ बाँटी जाती रहेंगी और वह अंततः वेनेजुएला बन जाएगा। इसलिए, समय रहते या तो हम इनसे तंत्र को ठीक करवाएँगे या अपने जीवन की परवाह किए बिना इस समर में कूदेंगे।
मैं नेता नहीं हूँ। मैं कुछ भी नहीं हूँ। मैं कल को रहूँ या ना रहूँ, यह विषय ही समाज का नेतृत्व करेगा। और जब समाज का हर व्यक्ति अपनी चिंता, अपने बच्चों से जोड़ कर करने लगेगा, तब सत्ता को भयाक्रांत होना चाहिए।
मेरी योजना ओपन-सोर्स है। मुझे किसी पुस्तक की आवश्यकता नहीं है। मैं छुप कर अचानक से कुछ नहीं करूँगा। मैं जो करूँगा, मैंने वह कई बार लिखा है और वही करता हूँ। मैं सचेत करने के प्रयास करता हूँ, मैं प्रॉपर चैनलों से आप तक बात भी पहुँचाता हूँ परंतु यदि तुम नहीं मानते, तो मेरा क्या दोष!
संसद में सामान्य वर्ग की बात करने वाला एक भी व्यक्ति क्यों नहीं है? OBC के क्रीमी लेयर और EWS की क्वालिफिकेशन में इतनी असमानताएँ क्यों हैं? सवर्णों के टैक्स के पैसे से SC/ST/OBC की योजनाएँ फाइनेंस होती रहेंगी और हमारे बच्चे लोन के लिए मरते रहें जो उन्हें मिलता नहीं?
उनके पिता ६०% के ब्याज दर पर पैसे ले कर उसे हर महीने भेजते रहें और तुम घनघोर अयोग्य लोगों को कोचिंग दो, फिर मेरिट में छूट दो, फिर वो क्लास में कुछ ना उखाड़ पाए तो आगे PG में फिर से छूट दो, फिर नौकरी में छूट, प्रमोशन में छूट... ये अनंत काल तक चलता रहेगा?
दिस हैज टू बी फकिंग स्टॉप्ड! एंड वी विल नोट कॉम्प्रोमाइज एन इंच नाउ!
मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा; इस भावनात्मक ब्लैकमेल में मत फँसाइए। मैं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल कोई बदतर पार्टी आई तो उसे सड़कों पर निपट लेंगे।
दूसरी तरफ़ घनघोर अयोग्यता को कोचिंग से लेकर मेरिट, PG, नौकरी और प्रमोशन तक लगातार छूट, ये अनंत काल तक नहीं चल सकता।
This has to stop!
तीन घटनायें देखिए और सोचिए
01-- ममता बनर्जी की सरकार बहाल न करने पर भारत पर आक्रमण करने की बात करते हुए बांग्लादेश में प्रदर्शन।
02-- समाजवादी प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज़ को वेश्याओं से भी बदतर बताना।
03-- तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष सनातन को नष्ट करने की
बात करता है और सत्तापक्ष ताली बजाकर समर्थन करता है।
और तुम सेक्युलर बने रहना।
सामान्य वर्ग को खत्म करने के संवैधानिक तरीके ...
1 - फीस सबसे ज्यादा ले,
2 - पात्रता की उम्र सबसे कम रखे,
3 - इनके पद कम कर दे,
4- ये दूसरे वर्ग के खाली पद नहीं ले सकते,
5 - इनके खाली पद सभी ले सकते हैं,
6 - इनका कट ऑफ सबसे ज्यादा रखे
पराक्रम-प्रकर्ष महाराणा सांगा की जयंती पर भारतीय युयुत्सा व पौरुष पर बलिहारी प्रत्येक स्वाभिमानी भारतीय को महाराणा के असीम शौर्य जैसी अपार शुभकामनाएँ। इतिहास के शिलालेख पर सदैव के लिए अंकित हो चुकी उनकी अनन्य शौर्य-गाथा सदियों तक वीरता की परिभाषा के रूप में उल्लेखित होती रहेगी💪🏼🇮🇳🙏❤️
जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं,
शेरों की मादों के आगे कुछ ग्रामसिंह चिल्लाए हैं।
मेवाड-वंश कुल-कीर्तिकोष जिनके होने से दीपित है,
उन राणा सांगा के घावों पर कुछ भुनगे मँडराए हैं।
उनसे कह दो अब देश शौर्य की मुठ्ठी खूब तानता है,
उनसे कह दो यह देश महाराणा की ज्योति जानता है।
इतिहास तुम्हारी सरकारों का बंधक नहीं रहेगा अब,
उनसे कह दो यह देश लुटेरों को अब नहीं मानता है ॥
उनसे कह दो यह देश ऋणी है ऐसे पुण्य-प्रवाहों का,
यह देश ऋणी है वीर शिवा के परम प्रतापी छावों का।
उनसे कह दो वे राजनीति का गुणा भाग घर में रक्खें,
यह देश ऋणी है महाराणा सांगा के अस्सी घावों का॥” #MaharanaSanga
@narendramodi मोदी की गारंटी है कि आपको बेवकूफ़ बना कर कुर्सी पाना फिर घोर जातिवादी राजनीति करके हिन्दुत्व को मिटाना। इसका भी ये पूजा कादाखावा राहुल के कुर्ते के उपर वाले जनेऊ की तरह कोरा ढ़ोंग ही है।
Reservation in promotions — BJP
Backlog reservations — BJP
Minimum marks condition removed — BJP
SC/ST Act ordinance — BJP
UGC-like black laws — BJP
And if you speak against all this, you get an FIR.
#SaveFreeSpeech
Narendra Modi और Rahul Gandhi — नाम अलग, चाल एक ही।
दोनों ही भेड़ की खाल में भेड़िए हैं,
समाज को बाट कर सत्ता में काबिज होना चाहते है एक तरफ सत्ता में बने रहने की चाह,
दूसरी तरफ सत्ता तक पहुंचने की कोशिश…
ना इन्हें आपकी परवाह है, ना आपके भविष्य की — बस सत्ता की भूख है।
यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
टकराई कॉन्ग्रेस से भाजपा
संसद में हो गया क्यूटियापा,
फण अमित शाह का डोल गया
राहुल जब भी मुँह खोल गया
रागा! मर्दन ऐसा होगा।
फिर कभी नहीं जैसा होगा।
कागज के फोटो निकलेंगे
विष कथन फूट कर लहरेंगे
चिरकुट-चम्पक सुख लूटेंगे
सौभाग्य कॉन्ग्रेस के फूटेंगे।
आखिर रागा भूशायी होगा,
कॉमेडी का पर, दायी होगा।
थी लोकसभा सन्न, सब लोग डरे,
खुश थे या हँसी से बेहोश पड़े।
केवल दो नर ना अघाते थे,
निशिकांत-गिरिराज सुख पाते थे।
कर जोड़ खड़े हो कर गा-गा,
दोनों कहते थैंक्यू रा-गा
"जाहरवीर" कब "जाहरपीर" हो गया
किसी अंधे नपुंसक को पता ही न चला.....
और जब रिद्धिमा @Ridhu417Sharma नाम की बहन ने इनका भांडा फोड़ दिया तो उसके खिलाफ FIR करा दी गयी...
Repost ✊ जबतक वीर गोगा जी
जन्मस्थान को जिहादी मुक्त न कर दिया जाए
Hello @BhajanlalBjp जी
FIR उस मौलवी के खिलाफ और इस बोर्ड को लगाने वाले के खिलाफ होनी चाहिए न कि रिद्धिमा के खिलाफ..
आपके एक्शन का इंतज़ार रहेगा ✍️
🇮🇳 Rafale Shielded Su-30MKI Through Electronic Warfare! ⚡
During Operation Sindoor, the Su-30MKI fighters were part of the BrahMos supersonic cruise missile strike package, and it was the Rafales that escorted them for mission protection.
At one stage, two Pakistani F-16s attempted to radar-lock the Indian strike package. Since the BrahMos-carrying Su-30MKI has a higher radar cross-section (RCS), the F-16s managed to get a radar lock on the MKIs.
However, without switching on their own radars, the MKIs relied on the escort Rafales, which instantly activated their SPECTRA Electronic Warfare (EW) suite. The Rafales launched electronic countermeasures, aggressively jamming the F-16s’ radar systems, successfully breaking their lock on the Su-30MKIs.
Here’s the key part, the Rafales didn’t even have to enter the F-16s’ high-frequency radar engagement zone to achieve this. This proves that SPECTRA operates like an escort jammer, capable of neutralizing threats at a distance, without exposing the aircraft directly to radar beams.
Interestingly, India never engaged Pakistani fighters using air-to-air missiles during these encounters. Instead, the Indian Air Force relied on the long-range coverage of the S-400 Air Defense System, striking deep within Pakistani territory by exploiting its massive engagement range.
Detecting an aircraft in open sky is easy, there’s no clutter. But spotting a mobile ground-based launcher hidden among natural and urban obstructions is far harder. The S-400 units frequently changed positions after every launch, making Pakistani counterstrikes ineffective.
In fact, when Pakistan tried to retaliate using CM-400AKG missiles against the presumed S-400 location, the Indian launchers and radars had already relocated to a new site.
In desperation, Pakistan’s intelligence services activated a local spy to track Indian S-400 launch sites. But India’s security forces detected and arrested him the very same day.
He’s now receiving some “special hospitality” in India. 😊
@adgpi@IAF_MCC@ShivAroor
एक मुस्लिम महिला के दो चेहरे देखिए।
ईद पर "सिर्फ मुसलमानों खरीदारों करो"
#दिवाली पर मुसलमानों को भी सपोर्ट करें और उनसे भी खरीदारी करें।
कहां से आते हैं ये लोग !!!!