एक ही तरह का कार्य धर्म और अधर्म दोनो ही हो सकता है,ये समय और परिस्थिति की माँग पर निर्भर करता है- जैसे कि हत्या करना अधर्म होता है, मगर यदि हत्या देश और धर्म हित में की जाए तो यही धर्म हो जाता है....
🙏 जय श्री राम 🙏
दो हाथ है दो पैर है और जज्बे में खुद्दारी है,आज मजबूर बैठे है क्योंकि फिजा में बीमारी है। हाथ में पैकेट थमाने से पहले तस्वीर खींच लेते हो दो रोटी के एवज में इज्जत छीन लेते हो।
लोग भूखे जरूर है भिखारी नही, सहयोग करे शर्मिंदा नही।
🙏सुप्रभात🙏
हर व्यक्ति साधक क्यों नहीं बन सकता?
साधना के लिए आवश्यक योग्यताएं क्या हैं?
चेतन प्राणी पर शुद्धि प्रयोग की प्रथम शर्त क्या है?
साधक की क्षमताएं विकसित करने के लिए क्या आवश्यक है?
पूरा वीडियो देखने के लिये लिंक पर जाएं..
https://t.co/Olr0xsztxy