@HPCL This is a continuous practice of this agency that they show the cylinder is delivered but cylinder is not deliver to the customer. I am not a single victim of this agency, they do the same with all its customers. Kindly take strict action against this agency. I need ATR.
US has no military option left, so now it is resorting to economic pressure. But this is not the first time in history that the US has faced such humiliation. It suffered major setbacks in Vietnam and Afghanistan as well. But this time , Iran has been giving befitting response.
18. सुशासन (Good Governance) और पारदर्शिता से आम नागरिक का जीवन आसान हुआ।
19. जम्मू-कश्मीर अब भारत की प्रगति और विकास यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा है।
यह सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि एकता, अखंडता और नए भारत के निर्माण का संकल्प है! 🚩
15. पंचायती राज व्यवस्था के मजबूत होने से जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और गहरा हुआ।
16. लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाकर वहां की वर्षों पुरानी मांग पूरी की गई।
17. सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय कला को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच मिला।
12. युवाओं के हाथों में पथराव की जगह किताबें, खेल और आधुनिक तकनीक ने ली।
13. सीमा पार आतंकवाद और अलगाववाद पर करारा प्रहार।
14. निजी निवेश के नए रास्ते खुले, जिससे युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर पैदा हुए।
9. चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भारत के मजबूत इरादों की मिसाल है।
10. पत्थरबाजी और हड़तालों के दौर का अंत, शांति और स्थिरता की ओर बढ़ता कदम।
11. रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिला।
6. भारतीय संसद द्वारा बनाए गए सभी जनकल्याणकारी कानून अब J&K में सीधे लागू होते हैं।
7. शिक्षा के क्षेत्र में नया सवेरा — IIT, IIM और AIIMS जैसे राष्ट्रीय संस्थानों का विस्तार।
8. बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास — आधुनिक हाईवे, सुरंगे और रेलवे कनेक्टिविटी।
3. लाल चौक से लेकर घाटी के हर कोने में अब तिरंगा गर्व से फहराता है।
4. वाल्मीकि, गोरखा समुदाय और पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों को वर्षों बाद नागरिक अधिकार मिले।
5. महिलाओं को संपत्ति के अधिकारों में बराबरी का हक मिला।
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास और शांति का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
1. भारत का संविधान अब पूरी तरह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लागू है।
2. 'एक देश में दो विधान और दो निशान' की व्यवस्था का हमेशा के लिए अंत हुआ।
5 अगस्त 2019 भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी दिन के रूप में दर्ज है, जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (#Article370) को निरस्त कर दिया गया।
🇮🇳 एक देश, एक विधान, एक निशान! 🇮🇳
ये मात्र 15 साल की बच्ची है, जो जोश जोश में आकर मोदी जी को भद्दी भद्दी गाली दी। इस गाली को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता।पुलिस ने FIR भी की। लेकिन जिस तरीके से उस से वीडियो बनवाकर माफ़ी मांगने पर मजबूर किया गया, ये इस बच्ची के लिए ताउम्र एक सदमे की तरह रहेगा।
हालांकि मोदी जी ने वीडियो बनाकर उस बच्ची को माफ़ कर दिया , लेकिन इस से ये बच्ची सदमे से उबर नहीं पाएगी।
मोदी जी कृपया आप इस बच्ची को अपने पास बुला कर के एक बार मिल लीजिए, इस छोटे से कार्य से इस बच्ची का हौसला वापस आयेगा और ये अच्छे से अपनी ज़िंदगी में सुधार कर के आगे बढ़ेगी।
@narendramodi
@MORTHIndia@nitin_gadkari
सर, मुझे अपनी स्कूटी का RC ट्रांसफर एक स्टेट से दूसरे स्टेट में करनी है, इसके लिए NOC अप्लाई करते समय Abstract of Register Under section 174 of CRPC ये मांगा जा रहा है।
अब आप ही बताओ की इसके लिए मुझे फिर से उसी राज्य में जाना पड़ेगा या नहीं। फिर ऑनलाइन का क्या मतलब रह जाता है।
अगर RTO को उसकी जरूरत है तो वो ख़ुद पता करे ना की मेरी सारे कागजात सही है या नहीं।
स्टेट ट्रांसफर का नियम इतना अजीब है की लोग चाह के भी नहीं कर पाते है।
इतना पेचीदा है यह काम की आम जनमानस को तो ये समझ ही नहीं आता है।
कृपया इस काम को आसान बनाये और ऑनलाइन ही सारी प्रक्रिया पूरी हो जाये ऐसी व्यवस्था करे। 🙏🏼🙏🏼🙏🏼
जब माँग राजनैतिक ना होकर , स्टूडेंट्स का डिमांड हो तो गिर सड़के वीरान नहीं होती है बल्कि सड़के भीड़ से पट जाती है।
भाजपा सरकार को अभी तक जितना भी आंदोलन देखने को मिला वो लगभग राजनैतिक था, लेकिन इस बार वाला स्टूडेंट्स का था और ये बात सरकार समझ नहीं पायी।
आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा, यहाँ तक की मोदी जी को ख़ुद सामने आकर वीडियो बना कर विद्यार्थियों से अपील करनी पड़ी।
मोदी सरकार अगर अब भी नहीं जगी और एथनॉल नीट और रोजगार महंगाई पर बात नहीं की तो फिर 2029 मुश्किल हो जाएगा।
dumraon और buxar के बीच की दूरी 16 Km है और ट्रेन का रनिंग 1 घंटे 37 मिनट की है।
अगर ट्रेन पहले से 90 मिनट की भी देरी से चल रही हो तो buxar समय से पहुचेगी क्युकी उसकी मार्जिन उतनी दे रखी है।
आम लोग को यह लगेगा की ट्रेन के समय और रनिंग में सुधार हो गया है, जबकि ये सिर्फ और सिर्फ एक अघोषित भ्रम है।
इस तरह से रेलवे हमको और आपको अच्छा फील करवा रही है🤡
@RailMinIndia@RailwaySeva