जो लोग देवली उनियारा के समरावता से जिंदा निकले है, उन्हें दूसरा जीवन मिला है.! अब आप समझ सकते है कि भजन लाल सरकार और प्रशासन ने कितनी बर्बरता की है? यह पूर्वी राजस्थान का जलियाँवाला बाग है.!
समरावता गाँव में मौतों का वास्तविक आँकड़ा सुबह पता चलेगा.! यह पूर्वी राजस्थान का जलियाँवाला बाग हत्याकांड है.! रोटी खाते लोगों पर भजन लाल सरकार और प्रशासन ने दमन करवाया है.!
यह तस्वीर मणिपुर की नहीं, बल्कि राजस्थान के टोंक की है, जहां देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में प्रशासन की गड़बड़ी के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। भजनलाल शर्मा कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल हो चुके हैं। जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। #RajasthanByeElections
राजस्थान के देवली उनियारा उपचुनाव के बाद जो घटनाएँ हो रही हैं, वे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। आप सभी से अपील है कि भाईचारा बनाए रखें और हिंसा से दूर रहें। लोकतंत्र में शांति और सहिष्णुता ही हमारी ताकत है। पुलिस प्रशासन से भी आग्रह है कि निहत्थे ग्रामीणों पर किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई न की जाए। #RajasthanByeElections
राजस्थान के टोंक जिले के देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव में हालात तनावपूर्ण हैं। प्रशासन द्वारा निर्दोष लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, जो निंदनीय और शर्मनाक है। लोकतंत्र में इस तरह के तानाशाही रवैये की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। #RajasthanByeElections
कई साल से ऐसी ख़बरें पढ़ रहा हूँ । बीस बीस साल एक पार्टी की सरकार है तब भी ये ख़त्म नहीं हुआ। बेहतर है माफिया को क़ानूनी मान्यता दे देनी चाहिए। होना जाना तो कुछ है नहीं। यह देश हर दिन किसी महापुरुष का फोटो लेकर निकल पड़ता है । ज़िले ज़िले में धाक जमाए लोग अपना जाल फैलाते रहते हैं। महापुरुष की प्रेरणा से जनता भड़कने और भड़काने में व्यस्त है। अजीब निरंतरता है इस देश में । कभी पुलिस अफ़सर पर ट्रैक्टर चढ़ा देते हैं तो कभी आदिवासी पर। माफिया को ही नया महापुरुष घोषित कर दो।
अमृतकाल में ग़रीबों का झटपट इलाज़ किया जा रहा है.
सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों को पुलिस विभाग और सेना की भर्ती देखनी चाहिए…सामान्य नागरिकों पर कब तक अपना हुनर आज़माते रहेंगे?
मध्यप्रदेश के कटनी में दलित परिवार के 15 साल के बच्चे और उसकी मां के साथ थाना प्रभारी और पुलिस स्टॉफ की क्रूरता मानवता को झकझोर कर रख देने वाली है। यह घटना ना सिर्फ मप्र पुलिस की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि समाज में व्याप्त दलितों के प्रति हिंसा की मानसिकता को भी उजागर करती हैं।
पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है। कांग्रेस की राज्य सरकारों ने पुरानी पेंशन बहाल की है।
इसे लेकर हमारी नीति साफ है- कर्मचारियों को उनका हक मिलना ही चाहिए।
मोदी सरकार पुरानी पेंशन बहाल करे, देश की सेवा करने वाले कर्मवीरों का सम्मान करे।
बिहार की जातिगत जनगणना से पता चला है कि वहां OBC + SC + ST 84% हैं।
केंद्र सरकार के 90 सचिवों में सिर्फ़ 3 OBC हैं, जो भारत का मात्र 5% बजट संभालते हैं!
इसलिए, भारत के जातिगत आंकड़े जानना ज़रूरी है। जितनी आबादी, उतना हक़ - ये हमारा प्रण है।
आज सरकारी कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली है। मोदी सरकार को उसे तुरंत प्रभाव से लागू करनी चाहिए वर्ना देश, प्रदेश में सत्ता खोने के लिए तैयार रहना चाहिए। 2024 में बदलाव की क्रांति की यह पहली तस्वीर है।
मोहम्मद सिराज ने मैन ऑफ द मैच की पुरस्कार राशि ₹ 41,54,517 श्रीलंका के ग्राउंड स्टाफ को दे दी।
सिराज ने आज देश का मान बढ़ाया। इसे कहते है बेहतरीन परवरिश और विदेश में भारत का डंका बजवाना।
फिर भी कुछ नेता और मीडिया वाले दिन रात मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते है।
आप भी कहें शुक्रिया सिराज।