भारतीय रेलवे को सस्टेनेबल बनाने के लिए रील मंत्री का दिल की निचली सतह से शुक्रिया ,
अब खाना पैक करने वाले बॉक्स फेंके नहीं जाते धुल कर वापस इस्तेमाल होते हैं, ऐसे ही प्रदूषण मुक्त और साफ बनेगा इंडिया।
अमृत भारत एक्सप्रेस (16601)
बेरोजगारों के लिए अमीर और जनरेशनल वेल्थ बनाने की निंजा टेक्नीक :
अपनी जवानी के दिनों में जमकर अपराध और भ्रष्टाचार करो फिर धीरे से नेता बन जाओ,
एक मस्त वकील करो वो मुकदमे टलवाता रहेगा और तुम मीडिया के सामने दलित उत्थान, गरीब उत्थान और लोकतंत्र की रक्षा करते रहना , अपनी जाति और धर्म के लोगों को जरूर बेवकूफ बनाना ,वो बहुत साथ देते हैं
मान लो सजा हो भी गई तो वो तुमको बवासीर दिखा के परमानेंट बेल दिला देगा अगर बेल मिलने में देर लगेगी तो अस्पताल के फाइव स्टार सुइट में व्यवस्था करवा देगा , तुम्हारे बच्चे विदेश में पढ़ेंगे और लौटकर लोकतंत्र का भर संभालेंगे ,घरवालों के पास अनाब शनाब दौलत होगी आने वाली सात पीढ़ियों भी सुखी रहेंगी, तुम्हारे मारने के बाद तुमको मरणोपरांत कोई बढ़िया सा अवार्ड भी मिल जाएगा , इसलिए पढ़ाई लिखाई में कुछ नहीं रखा है ,ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करो ।
नमस्कार ! मैं बिहार हूं , मै देश की सबसे पुरानी विरासत संजो के बैठा हूं , मैं बुद्ध की धरती हूं , इतिहास में मै राजा था , मैं अखंड भारत पर एकछत्र राज करता था ,
आजादी की लड़ाई में भी मैने बढ़ चढकर हिस्सा लिया , लेकिन आजादी के बाद मुझे क्या मिला ?
लोग मुझे बिहारी कहकर चिढ़ाते हैं , जिस शब्द पर मुझे गर्व होने चाहिए वो शब्द आज मेरे लिए गाली बन चुका है ,
आज मेरे बच्चे ट्रेनों के बाथरूम में लटककर पंजाब , दिल्ली , गुजरात , तमिलनाडु और मुंबई कमाने जाते हैं और वहां तमाम तरह के आरोप और प्रत्यारोप झेलते हैं, अब तो भाषा के नाम पर हमारे ऊपर एक नए तरह का शोषण हो रहा है ,
हमारे गांव के गांव पलायन की वजह से वीरान हैं,हमारे प्राइमरी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति बद से बद्तर होती जा रही है , हमारी बहुएं त्यौहार का इंतजार करती हैं कि पति अब कमाकर लौटेंगे , लॉकडाउन में हम ट्रेनों से कुचल दिए जाते हैं,
लेकिन हमारे विधानसभाओं और लोकसभाओं से जीतने वाले प्रत्याशी ,पूर्व में मुख्यमंत्री बनने वाले और उनके बच्चे ऐशो आराम की जिंदगी जीते हैं , उनके अनपढ़ और गंवार बच्चे हमपर राज करते हैं,
क्योंकि जब लोकतंत्र का पर्व आता है तो हम शिक्षा , स्वास्थ्य और रोजगार भूलकर जाति और धर्म में बंटकर वोट डालते हैं और फिर भेड़ बकरियों की तरह ट्रेन में चढ़कर कमाने चले जाते हैं ,
मैं बिहार हूं , हर रोज पिछड़ रहा हूं , मुझे बचा लो , अपने नेताओं से सवाल पूछो , उनसे शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार और न्याय व्यवस्था दुरूस्त करने की बात करो ,मैं वेंटिलेटर पर हूं आखिरी सांसे गिन रहा हूं , मुझे बचा लो ।
भारत सरकार कहती है कि 17 करोड़ लोगों को रोज़गार मिला है…
आइए जरा देखते हैं ये रोजगार कहाँ-कहाँ मिले हैं ।
5 करोड़ लोग बेटिंग ऐप वाले हैं , IPL से लेकर लूडो तक, देश को सट्टे से समृद्ध बना रहे हैं।
2 करोड़ लोग IT सेल में हैं , रोज देश खतरे में है और विकास दिख नहीं रहा क्योंकि विपक्ष की आँखों में मोतीबिंद जैसे पोस्ट बना रहे हैं।
6.60 करोड़ लोग व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के एडमिन हैं > इतिहास से विज्ञान तक , हर झूठ को वायरल करने में योगदान दे रहे हैं।
2 करोड़ लोग MLM बिज़नेस में हैं > हर कोई अपने नीचे सौ लोगों को करोड़पति बना रहा है, ख़ुद छोड़कर।
50 लाख लोग रोज़गार के नाम पर YouTube Shorts बना रहे हैं > 5 रुपये में अमीर कैसे बनें? जैसे टाइटल से।
40 लाख लोग फेक इंटरव्यू वाले न्यूज़ चैनल चला रहे हैं > जहाँ एंकर का काम है चिल्लाना और जनता का काम है भ्रमित होना।
30 लाख लोग रेप , मर्डर , और धर्म के नाम पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बने हुए हैं , रोज new धर्म युद्ध का आयोजन करते हैं।
20 लाख लोग कर्मकांडी एस्ट्रो-कोच-न्यूट्रीशनिस्ट हैं > राहु शांत हो तो नौकरी मिलेगी टाइप सलाह दे रहे हैं।
बहुत दिनों से कई छात्रों के मैसेज आ रहे थे , उन्हीं के लिए ये पोस्ट कर रहा हूं और सरकार से उनकी मांग को पूरी करने की गुजारिश कर रहा हूं।
एक पारदर्शी और न्यायपूर्ण परीक्षा प्रणाली की मांग >>
1. परीक्षा समय पर कराई जाए – बिना टालमटोल और अनिश्चितता के , पहले से घोषित तिथि पर।
2. परीक्षा केंद्र परीक्षार्थियों के घर से अत्यधिक दूर न हों – 700-800 किलोमीटर दूर भेजना अमानवीय है, यह आर्थिक और मानसिक शोषण है।
3. एग्जाम सेंटर आखिरी समय में न बदले जाएं सेंटर बदलना छात्रों के साथ धोखा है, खासकर जब वे पहले से तैयारी और यात्रा योजना बना चुके हों।
4. एग्जाम कराने का ठेका भरोसेमंद और निष्पक्ष संस्थानों को मिले – बार-बार ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को दोबारा मौका देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।
5. एग्जाम प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन होनी चाहिए – पेपर लीक जैसी घटनाएँ छात्र भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।
6. एग्जाम में गड़बड़ी या लीक की स्थिति में जिम्मेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए – बिना जवाबदेही के कोई भी सिस्टम नहीं सुधर सकता।
7. एक हफ्ते के भीतर उत्तर कुंजी (Answer Key) जारी की जाए – ताकि छात्र समय पर आपत्ति दर्ज कर सकें और उनके संदेह दूर हो सकें।
8. एक महीने के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएं – वर्षों तक रिजल्ट का इंतजार कराना युवाओं के मनोबल की हत्या है।
9. ट्रेनों और बसों में परीक्षार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए – पुलिस, प्रशासन और आमजन सहयोग करें, न कि अपमानित।
10. परीक्षा के दौरान पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था हो – जैसे मेडिकल सुविधा , पानी, बैठने की उचित व्यवस्था आदि।
11. दिव्यांग, महिला, ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए विशेष सुविधा सुनिश्चित हो – ताकि कोई पीछे न रह जाए।
12. हेल्पलाइन और शिकायत समाधान पोर्टल सशक्त और त्वरित हो – ताकि छात्रों की बात सुनी और हल हो सके।
एग्जाम कंडक्ट कराने के टेंडर लोएस्ट बिडिंग वाली कंपनीज को दिए जाते हैं ,
कभी कभी ब्लैकलिस्ट कंपनीज को दोबारा से टेंडर मिल जाता है ,
छात्रों की कीबोर्ड और माउस को लेकर हमेशा समस्या होती है चाहे कोई भी ऑनलाइन एग्जाम हो ,
लेकिन देशद्रोही बेरोजगार छात्रों को पता होना चाहिए ,इन मुद्दों से ज्यादा जरूरी चीजें मीडिया और नेताओं के पास हैं।
आज जब तुम परीक्षा केंद्र पहुँचे,उम्मीद और तैयारी का भारी बैग उठाए, तो तुम्हें नहीं पता था कि वहाँ से खाली हाथ लौटना पड़ेगा। ना कोई परीक्षा हुई, ना किसी ने पहले ही बता दिया — बस एक नोटिस मिला, "एग्जाम रेशेड्यूल कर दिया गया है
आदर्श परीक्षा केंद्र,गया हर बार यही रेशेड्यूल क्यों ?
छात्र शांति से विरोध कर रहे हैं तो उन पर हिंसा किया जा रहा है। क्या लोकतंत्र में पुलिस वालों को हिंसा करने की आजादी है?
बिहार पुलिस को लाठी चला कर बहुत गर्व हो रहा होगा लेकिन याद रखिए आपके भी बच्चे हैं।
#BPSC#BPSC70th
अब तक किसी महिला ने आत्महत्या की होती और कोई सुसाइड नोट भी न छोड़ के जाती ,
पुलिस अब तक उसके पति , देवर ,सास ,सौर , नंद , फूफिया ससुर , चचिया ससुर , ममिया ससुर तक को गिरफ्तार करके 20 20 कोड़े लगा चुकी होती ।
#JusticeIsDue#JusticeForAtul
SSC से हमारी माँग..🔥
सभी उम्मीदवारों के मार्क्स सार्वजनिक किए जाएं, ताकि हर किसी को अपना प्रदर्शन समझ में आ सके। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझाया जाए, जिससे मार्क्स कैल्कुलेशन में पारदर्शिता हो। चयन प्रक्रिया में वेटिंग लिस्ट जारी करना भी आवश्यक है, ताकि खाली सीटों पर योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके। साथ ही, चयनित उम्मीदवारों के मार्क्स और उनके परीक्षा केंद्रों के नाम भी जारी किए जाएं, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे..
#SSC_STOP_SCAM
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#SSC_जवाब_दो