4PM की इस पत्रकार की गलती सिर्फ इतनी थी कि इसने दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल पूछ लिए।
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है।
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थी। शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई।
उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई।
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन या 4PM का नहीं है। यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है।
भारत की मेनस्ट्रीम मीडिया के कितने पत्रकारों में हिम्मत है जो शाहीन के साथ हुए अत्याचार का विरोध कर सकें।
स्वतंत्र भारद्वाज पर गोदी मिडिया ने कितने शो किये?
महिला पत्रकार शाहीन खान के लिए पत्रकार बिरादरी ने कितने पोस्ट किये?
रुबिका लियाक़त -0
सुशांत सिंह -0
अमिश देवगन -0
अमन चोपडा -0
अर्णव गोस्वामी -0
चित्रा त्रिपाठी -0
अंजना ओम कश्यप -0
जब झारखंड मे अमन चोपडा पर FIR हुई थी तब ये सब चिल्ला रहे थे, फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की दुहाई दे रहे थे
आज दिल्ली पुलिस पर महिला पत्रकार को पीटने का आरोप लगा है तो सबकी जुबान बंद है
ना क़ोई शो ना क़ोई डिबेट, ना क़ोई ट्वीट
खुद को पत्रकार कहने वाले आज इसलिए चुप है क्योंकि मामला बीजेपी शासित राज्य का है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अमित शाह, कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस से सवाल पूछने की इनकी औकात नहीं है
इसलिए जनता इनकी इज्जत नहीं करती और प्रेस फ्रीडम इंडेक्स मे हम 157वे नंबर पर है
कर्मा लौट के आएगा... याद रखना
जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने मुस्लिम पत्रकार के साथ मारपीट किया यह बहुत ही शर्मनाक नहीं डूब के मरने वाली हरकत है।
आज जनता के लिए सवाल पूछना और उनकी आवाज सरकार के कानों तक पहुंचाना इतना बड़ा अपराध हो गया है कि महिलाओं के साथ थाने में मारपीट की जाए।
अगर आप इंसान हो ,
अगर आप भारत के नागरिक हो ,
अगर आप संविधान प्रेमी हो ।
तो आज आपको लिखना होगा शाहीन खान के लिए लिखना होगा।
अपने बच्चों की भविष्य के लिए लिखना होगा ।
तानाशाही सरकार में जब महिला पत्रकार पीटी जाए उनके साथ शारीरिक हिंसा की जाए यह कोई आम घटना नहीं है।
आज शाहीन खान 4pm की पत्रकार है , कल हम भी हो सकते हैं ,हमारी बहन बेटी कोई भी हो सकती है।
अगर जमीर जिंदा है ,आंखों में शर्म जिंदा है दिलों में रहम जिंदा है जोदेश प्रेम जिंदा है तो लिखना होगा।
इस महिला मुस्लिम पत्रकार ने हमारे बच्चों के अच्छी भविष्य के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा था।
क्या हमारे बच्चों की भविष्य के लिए बोलना एक अपराध हो गया है ,आखिर सवाल पूछने वालों को पीटा क्यों जा रहा है ?
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
सुधांशु त्रिवेदी,सोनिया गांधी एंटोनिया माइनो से सोनिया गांधी बनने तक 58 साल इस देश को दिए हैं। पति का सरनेम लगाना हमारी भारतीय संस्कृति है,गुलामी नहीं।सोनिया गांधी जिन्होंने 2004 में प्रधानमंत्री की कुर्सी ठुकरा दी थी।आप सरनेम पर सवाल उठा रहे हैं,देश उनकी त्याग पर भरोसा करता है।
BJP वालों को महिलाओं के सरनेम की बड़ी चिंता है।तो बताइए-क्या निर्मला सीतारमणऔर स्मृति ईरानी ने अपने पति का सरनेम नहीं लगाया? क्या वो भी पितृसत्ता है? मुद्दा सरनेम नहीं,BJP की महिला विरोधी सोच है। जब राहुल गांधी महिलाओं के अधिकार की बात करते हैं तो BJP को मिर्ची क्यों लगती है?
सोनिया गांधी ने राजीव गांधी का नाम लगाया, दहेज में ED, CBI और सत्ता नहीं मांगी। उन्होंने इस नाम के लिए अपने पति को खोया है, अपने आंसू बहाए हैं। सरनेम पर ज्ञान देने से पहले उस कुर्बानी को समझना पड़ेगा जो बीजेपी वालों के बस की बात नहीं है।
देश में लोगों के क्या हालात होते जा रहे हैं इसका अंदाजा भी नहीं है इनको और बात हवा हवाई कर रहे हैं। मोदी जी को अपने सलाहकार को बदल देना चाहिए देश धीरे धीरे तबाह और बर्बाद हो रहा है।
कांग्रेसी नेताओं ने FIR करवाने में इतनी देरी क्यों की। क्या आप सो रहे थे या कांग्रेस ने लचीला पन अपनाया। दोनों पर आप गलत हो। बीजेपी से सीखो । सक्रिय रहना।
हल्द्वानी की शर्मनाक घटना ने साफ कर दिया कि 👇🏼
👉 BJP-RSS दलित विरोधी है
👉 शुद्धिकरण करने वालों को बचाते हुए BJP की पुलिस राहुल गांधी जी पर ही FIR कर रही है
▪️ ये सरासर BJP सरकार की मनमानी और लोकतंत्र पर हमला है।
इसी तानाशाही के ख़िलाफ़ आज सूरत में गुजरात PCC अध्यक्ष @AmitChavdaINC जी के नेतृत्व में कांग्रेस के साथियों ने हल्ला बोला।
📍 गुजरात