@epanchjanya#गोरखपुर में प्यार से इनकार करने पर कॉलेज जा रही दो बहनों को गुलजार और सलमान ने अपनी गाडी से कुचल दिया।
रिंकी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजना की हालत नाजूक है !
इन Gहादियों का एनकाउंट₹ और बुलडोजर कार्रवाई होनी चाहिए !
प्रिय कांबली जी ,
क्रिकेट के मैदान पर आपको फ्रंटफुट पर खेलते हुए देखा है , तो आज जिंदगी के पिच पर भी फ्रंटफुट पर खेलिए , स्वस्थ होईए और खुशहाल जीवन बीताते हुए परिवार के बीच मुस्कुराते हुए मिलिए।
वादा किया था कि आपका हाल समाचार जानने आऊंगा तो देखिए मुंबई आया । मैं आभार व्यक्त करता हूं अजीत व शैलेश समेत तमाम उन समाजसेवियों का जो विपत्ति के इस घड़ी में आपके साथ खड़े हैं , मैं आभार व्यक्त करता हूं जौनपुर के युवा खिलाड़ियों व राष्ट्रवादी नौजवान सभा के सहयोगियों समेत देश/प्रदेश के साथियों का जिन्होंने आपको सहयोग प्रदान करने के लिए हम सबको प्रेरित किया , साथ दिया ।
ईश्वर आपको जल्द स्वस्थ करें ।
~ आपका धनंजय
संजय सिंह जी गज्जब शानदार वक्ता है,एकदम रगड़ देते है,तथ्य के साथ जो हल्का व्यंग करने की शैली है वो लाजबाब है
वैसे बात भी सच है कि अगर दिल्ली झारखण्ड बंगाल यूपी कही भी रोहिंग्या बंगलादेशी बसे है तो ये केंद्र सरकार और गृहमंत्री का फेलियर है।
ई ससुर खान सरवा पहले नॉर्मलाइजेशन के पक्ष में था
बाद में जब देखा माहौल बन रिया यो तब बंदर जैसन गुलाटी मारकर विरोध में आ गया और धरने पर बैठ गया
इतना ही नही झूठी खबर भी उड़वा दिया की पुलिस गिरफ्तार कर ली है
आगे की नौटँकी तो देख ही रहे हैं
ग़जब बकलोल है
शायद अवैध ओझा को देख कर इसकी उम्मीदें भी जाग गयी है
"विशाल जैसे युवा की हत्या ने समाज को झकझोर दिया है। पूरे देश में इस घटना की निंदा की जा रही है। सरकार से पैरवी कर विशाल के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाएंगे।"
~नेताजी बृजभूषण शरण सिंह
@b_bhushansharan
आप सभी लोग इस लाइव से जरूर जुड़े यह लाइव देवरिया से जुड़े प्रकरण के लिए है कार्यक्रम से जुड़े प्रकरण से है और कार्यक्रम को रोके जाने के प्रकरण से हैं आप लोग ज्यादा से ज्यादा शेयर करें..
@Karnisenaindia@Shteeshofficial
https://t.co/lF2zrfWHSI
कल मै विशाल सिंह हौली देवरिया के परिजनों से मिलने के उपरान्त @DeoriaPolice से फ़रार अपराधियों पर ईनाम घोषित कर सख्त कार्यवाही की मॉग की थी। देर रात पुलिस ने तीनों हत्यारों पर 25-25 हजार का पुरस्कार घोषित कर दिया। अपराधियों पर और सख्ती बरतने की आवश्यकता है।
दुर्दात अपराधियों को बचा रही है देवरिया पुलिस 22 नवबंर को को देवरिया में होगा शक्ति प्रदर्शन।
सभी भाई ज्यादा से ज्यादा संख्या में 22 नवंबर को देवरिया पहुंचे अपने भाईयो को न्याय दिलाने के लिए।
सोचा @DeoriaPolice को आज भी याद दिला दूँ।
आज निहाल सिंह की हत्या हुए 15वा दिन है ,
और मुख्य तीन नामज़द अभियुक्त अभी तक @DeoriaPolice की पकड़ से बाहर है।
और विशाल सिंह हत्या के पांचवॉ दिन है सिर्फ एक नामज़द अभियुक्त पकड़ा गया है,बाकी फ़रार है @Uppolice@CMOfficeUP@dgpup
देवरिया में पहले नेहाल सिंह और अब #विशाल_सिंह की हत्या कर दी गई। विशाल सिंह, लगातार नेहाल सिंह के हत्यारों को गिरफ़्तारी की माँग कर रहे थे। और अब उनकी ही हत्या कर दी गई। इतनी कम उम्र के लड़के मारे जा रहे हैं। @myogiadityanath जल्द से जल्द कार्रवाई करिए
#विशाल_सिंह_को_न्याय_दो
महज लूट के केस में नाम आने से ठाकुर अनुज प्रताप सिंह का Encounter उत्तर प्रदेश पुलिस कर देती है, परंतु देवरिया में 3 ठाकुर युवाओं की हत्या हुई सरकार द्वारा कोई कार्यवाई नहीं, यही ठाकुरवाद की या ठाकुर मारो सरकार है ?
@myogiadityanath#क्षत्रिय_नरसंहार_देवरिया
भाड़े के शूटरों को पकड़ना और उन पर कार्रवाई करना निश्चित रूप से पुलिस के लिए एक उपलब्धि हो सकती है, लेकिन देवरिया के निहाल सिंह हत्याकांड में असली न्याय तब तक अधूरा रहेगा, जब तक कि मुख्य साजिशकर्ताओं—आशीष पांडेय, दीपक मिश्रा और अनुराग गुप्ता—पर कठोर कार्रवाई नहीं होती। 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इन मुख्य अपराधियों का पुलिस की गिरफ्त में न आना साफ़ दर्शाता है कि इनके पीछे कुछ बड़े और शक्तिशाली लोग हैं, जो इन्हें संरक्षण दे रहे हैं।
सोचने वाली बात यह है कि आखिर क्यों आशीष पांडेय और दीपक मिश्रा जैसे लोग, जिनके नाम एफआईआर में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं? क्या यह सिर्फ एक संयोग है, या फिर उनके पीछे कुछ ‘बड़े मगरमच्छ’ हैं, जो अपने रसूख का इस्तेमाल करके इन्हें बचा रहे हैं? यह एक गंभीर सवाल है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
यह सच है कि भाड़े के शूटर—आलोक राजभर, बृजेश गोस्वामी, और अमन गिरी—पर कार्रवाई करना आवश्यक था। लेकिन क्या यही पर्याप्त है? आखिर, ये शूटर तो महज मोहरे थे, जिन्हें असली गुनहगारों ने अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया। मुख्य साजिशकर्ता आज भी खुलेआम घूम रहे हैं, और ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें किसी का भय नहीं है। क्या यह न्याय है, जब असली दोषी सत्ता और रसूख के दम पर बच निकलते हैं?
क्षत्रिय समाज और निहाल सिंह के परिजन अब एक ही मांग कर रहे हैं—आशीष पांडेय, दीपक मिश्रा, और अनुराग गुप्ता का जल्द से जल्द एनकाउंटर किया जाए। यह मांग सिर्फ आक्रोश की नहीं, बल्कि न्याय की पुकार है। 10 दिन बीत चुके हैं, और हर दिन उस परिवार के लिए एक नया संघर्ष है, जिसने अपना बेटा, भाई, और रक्षक खो दिया। अगर पुलिस इस मामले में देरी करती है, तो यह साफ संकेत देता है कि हमारे समाज में न्याय पाने के लिए भी हमें किस हद तक लड़ना पड़ता है।
यह कोई रहस्य नहीं है कि ऐसे अपराधियों को अक्सर राजनेताओं, प्रभावशाली लोगों, और बड़े व्यापारियों का संरक्षण मिलता है। जब रसूखदार लोग अपने फायदे के लिए अपराधियों को बचाते हैं, तो यह न केवल पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि न्याय प्रणाली की साख को भी कमजोर करता है। ऐसे लोग जो अपने सत्ता और धन के दम पर कानून से ऊपर बनने की कोशिश करते हैं, उन्हें भी उजागर करना आवश्यक है।
@Uppolice से हमारी सीधी अपील है कि वे जल्द से जल्द मुख्य साजिशकर्ताओं को पकड़कर कठोर कार्रवाई करें। यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं है; यह न्याय और समाज की सुरक्षा का प्रश्न है। अगर पुलिस असली अपराधियों पर कार्रवाई करने में देरी करती है, तो यह संदेश जाएगा कि कानून केवल कमजोरों पर ही लागू होता है और रसूखदार हमेशा बच निकलते हैं।
न्याय के लिए संघर्ष अभी जारी है, और यह संघर्ष तब तक नहीं रुकेगा जब तक कि निहाल सिंह के असली हत्यारे—आशीष पांडेय, दीपक मिश्रा, और अनुराग गुप्ता—अपने कृत्य की सजा नहीं भुगतते।
#देवरिया_निहालसिंह_हत्याकांड
देवरिया जिले में निहाल सिंह हत्याकांड मामले में @AkhileshPSingh अखिलेश प्रताप सिंह जी कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए, भाजपा पर जमकर साधा निशाना, आपको बता दें आप उन चुनिंदा राजनीतिक शख्सियत में से हैं, जिन्होंने निहाल सिंह के परिवार वालों से मिलने का जिम्मा उठाया।
वैसे तो आप लोगों अधिकांश लोग अखिलेश प्रताप सिंह जी से परिचित होंगे क्योंकि टीवी डिबेटों पर उनको देखा होगा, मगर जो नहीं जानते हैं उनको बता दें आप कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, आपने 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से देवरिया सीट पर संसद के रूप में चुनाव लड़ा था, आपको भाजपा के प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी जी द्वारा मात्र 35,000 वोटो के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। जिसकी बहुत बड़ी वजह था ठाकुरों का भाजपा को समर्थन करना।
#क्षत्रिय_नरसंहार_देवरिया
अपनों के रूप में छुपे भेड़ियों से अगर लड़ना है तो वीरेंद्र प्रताप शाही बनना होगा.... नहीं तो मांगते रहो न्याय करते रहो ट्रेंड किसी को फर्क़ नहीं पड़ता....!!
#क्षत्रिय_नरसंहार_देवरिया