चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला।
जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है - उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती।
आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं।
मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं - उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।
#JusticeForAnkitaBhandari
I’d like to thank every single person who came out today for this protest. I'd also like to thank the millions of people who showed support in their own way at 3pm. Thank you to the leaders of INDIA bloc, all the workers of the Congress party and workers of the INDIA bloc.
Today was a very important day because we needed to show the government that the people of India are not going to be intimidated. You cannot beat us, threaten us, frighten us. We will not accept being bullied.
I was wondering where the cowards of the RSS who were beating the young children day before yesterday were. Where were those people? Because I didn’t see them.
When we are standing there and when the people of India are standing there, why don’t you come out? Why don’t you wear your little scarves and come out and see what happens?
Because you’re essentially, like the Prime Minister of India, bullies. You cannot stand up. You can only use power to fight.
So, it’s very heartening to see what happened. I’m proud of everybody. Everybody worked like a team.
As I said in my press conference, there are no parallel protests. It’s one protest, and it’s a protest where everybody is standing together. Every single person is going to stand against these killers of our Constitution, these killers of our democracy. And we’re not going to back down.
I’d also like to thank everybody from civil society organisations who came, supported us. We value your support, and we love all of you.
Thank you all for coming out and defending the idea of India, the idea of the Constitution, the idea of our democracy.
I’m extremely proud of every single person who came out on the streets. Thank you.
आज के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ। उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से इस आंदोलन को समर्थन दिया। INDIA गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मैं सोच रहा था कि RSS के वो कायर लोग कहाँ थे, जो परसों हमारे युवा साथियों को पीट रहे थे? कहाँ थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया।
जब हम वहाँ खड़े हैं, जब देश की जनता वहाँ खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियाँ पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है?
क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो। तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है। तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो।
इसलिए आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया।
जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।
हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। और हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
मैं उन सभी सिविल सोसाइटी संगठनों का भी दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो आज हमारे साथ आए और जिन्होंने हमारा समर्थन किया। आपके समर्थन की हम कद्र करते हैं। हम आप सभी से मोहब्बत करते हैं।
भारत की सोच, हमारे संविधान के विचार और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज सड़कों पर उतरने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।
मुझे उन सभी लोगों पर बेहद गर्व है, जो आज सड़कों पर उतरे।
बहुत-बहुत धन्यवाद!
ज्ञानेश कुमार तो टिकट भी बांटते है।
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने केरल के मुख्य सचिव थामसन साहब को बीजेपी की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा था और यह भी वादा किया था कि,उन्हें केन्द्रीय मंत्री भी बनवा देंगे।
वोट के साथ उम्मीदवार भी तय कर रहे हैं !
First, Gyanesh Kumar - then a serving IAS officer - was used to recruit for the BJP.
Then Modi and Shah made him the umpire and put him in charge of match-fixing India's elections.
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
It is too much to expect @RaviShastriOfc to know or remember that Dr Manmohan Singh was flanked by Hu Jintao and Dimitri Medvedev on March 29, 2012 in New Delhi.
Btw, we know who in the PMO is dictating these promotional posts!
ये वीडियो देखिए 👇
BJP नेता और यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड नहीं रुक पाए।
राष्ट्रगान होता रहा और वे उसके पूरा होने से पहले ही चलते बने- ये हमारे राष्ट्रगान का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
BJP नेता की इस घटिया हरकत से हिंदुस्तान की संप्रभुता, इतिहास और संस्कृति के प्रतीक राष्ट्रगान का सम्मान करने वाला हर देशवासी आहत है... गुस्से में है।
इस अपराध के लिए सतीश महाना, नरेंद्र मोदी और पूरी BJP को देश से माफी मांगनी चाहिए।
जिनकी सोच ने युवाओं को नई शक्ति और नई दिशा दी, जिनके विचारों ने भारत को आधुनिकता से जोड़ा, जिनके प्रयासों ने 21वीं सदी के सशक्त भारत की नींव रखी, जिनके जीवन ने देश को एकता और सद्भावना का संदेश दिया।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की जन्मजयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन🙏🏻🙏🏻
सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज़ादी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिया गया सिर्फ़ एक तोहफ़ा नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है।
यह ज़िम्मेदारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को अपने दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की।
मुझे गर्व है कि हमारे देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
जय हिंद! 🇮🇳
लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना- अधिकार होता है।
लेकिन जब इन युवाओं ने आवाज उठाई, तो तानाशाह मोदी सरकार ने इनके साथ बर्बरता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
युवाओं को मारा-पीटा और धमकाया गया, लड़कियों को ट्रोल किया गया, इनकी हिम्मत तोड़ने की पूरी कोशिश की गई।
लेकिन अन्यायी तानाशाह याद रखे...
हिंदुस्तान के युवा डरने और रुकने वाले नहीं हैं। कांग्रेस हर कदम पर इनके साथ खड़ी है- जीत युवाओं की होगी.. न्याय की होगी.. सच की होगी।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.
@AmitShah ji, I have two questions:
1. Did you approve the use of lethal force, including pellet guns, against students? If not, who did?
2. Were the men in plain clothes beating students with lathis police personnel or volunteers? Who authorised their deployment?
Desh jawab maang raha hai.