A Cockroach Janta Party supporter told the journalist, Ask me any question you want.
Journalist : How many followers does the Cockroach Janta Party have on Instagram?
CJP supporter : 22 million.
Journalist: How many people have come here to support the protest?
CJP supporter : Complete silence. He couldn't answer.
The journalist completely trolled the Cockroach Janta Party supporter. 😂😂
"जब अयोध्या में पहली बार भगवान राम, लक्ष्मण जी, सीता जी हेलीकॉप्टर से उतरे थे तो उसमें हनुमान जी क्यों नहीं थे? इसके पीछे भाजपा की नफरती सोच है।"
टोंटी पागल हो चुका है बिल्कुल 🤣
मंदिर में नीलटे सूरज कुमार ने शिवलिंग पर हस्तमैथुन किया और नंदी जी की मूर्ति तोड़ दिया
CCTV से उसे पहचाना गया
फिर उसकी जमकर धुनाई हुई
पुलिस ने मुश्किल से बचाया और गिरफ्तार किया
एक नया शिवलिंग स्थापित किया गया है।
यह लोग किसी मुगल से ज्यादा खतरनाक है।
देश के लिए श्राप बन गए हैं।
जब फिल्मों में ब्राह्मण को भ्रष्टाचारी, ठाकुर को डकैत और बनिए को चोर दिखाया जाता था तब सब ठीक था।
किन्तु अब अतीक अहमद जैसे माफिया को माफिया दिखाया गया है तो उनकी छाती फटी जा रही है।
वाराणसी के उदय प्रताप सिंह कॉलेज में एक दलित छात्र ने एक जनरल कैटेगरी के छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी
अब आप कल्पना करिए इसका उलटा हुआ होता यानी जनरल कैटेगरी के छात्र ने किसी दलित छात्रा की हत्या की होती तो अब तक राहुल गांधी अखिलेश यादव सहित पूरे विपक्ष के लिए उदय प्रताप सिंह कॉलेज और उसे छात्र का घर एक पीपली लाइव तीर्थ बन जाता
लेकिन क्योंकि जनरल कैटेगरी के छात्र की हत्या हुई है इसलिए सब चुप हैं
मुसलमानों के मसीहा पाकिस्तान ने मुसलमानों के देश अफगानिस्तान पर हमला करके 400 से अधिक मुसलमानों को रमज़ान के दिन मार दिया। औरतें अपने बच्चों को नहीं ढूंढ पा रही हैं।
भारत में इस पर कहीं कोई अब्दुल प्रदर्शन नहीं करेगा, पाकिस्तान के झंडे में आग नहीं लगाएगा,
शहबाज़ शरीफ या आसिम मुनीर को हत्यारा नहीं बोलेगा, प्रियंका गांधी वाड्रा अफगानिस्तान वाला कोई थैला लेकर संसद नहीं जाएँगी और चंद्रशेखर रावण अफगानिस्तान की एम्बेसी में जाकर हाई कमिश्नर से नहीं मिलेंगे।
ईरान और फिलिस्तीन के लिए होने वाला कोई “चोचला ” अब नहीं होगा।
देश मे मुसलमान आपका दुश्मन नहीं है। आपका दुश्मन एक ही है। वो ब्राह्मणवाद हैं - चंद्रशेखर रावण
नोट :- चंद्रशेखर रावण ब्राह्मणों से इतनी नफरत है। देश छोड़ के पाकिस्तान चले जाओ।
भारत पूरे विश्व में सबसे अद्भुत देश है –
यहाँ देश के सर्वोच्च पद पर पहुंच जाने के बाद भी व्यक्ति “आदिवासी” कहलाता है और सबसे बड़ा मंत्री बन जाने के बाद भी खुद को “पिछड़ा” ही मानता है।
यहां व्यक्ति की पहचान,
पद से नहीं, उसके जाति से तय होती है।
और व्यवस्था की खूबसूरती तो देखिए –
जिसके घर में 50 लाख की गाड़ी है और 5 लाख महीना आता है, उसके बच्चे का सरकारी नौकरी का फॉर्म भरने का शुल्क रुपए शून्य होता है
और जिसके घर में –
महीने भर में 2000 भी मुश्किल से आते हैं, वह 1000 रुपये फीस देकर अपने बच्चों के सपनों की पर्ची खरीदता है।
इसके बावजूद भी हम कहते हैं –
यह देश अवसरों का है, सबको समान मौका मिलता है। सबको समान जीने और आगे बढ़ने का अधिकार है।
सच तो यह है कि –
बराबरी का नारा भी अक्सर असमानता की सीढ़ियों पर खड़ा होकर लगाया जाता है।
पंडित अवसरवादी होते हैं। बनिये माँ के कंगन रख लेते हैं। ठाकुर अत्याचारी होते हैं।
अब ये चीजें बॉलीवुड से निकलकर हमारी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों तक पहुँच गई हैं। बड़ी मुश्किल से अभियान चलाकर फ़िल्म इंडस्ट्री वालो को ठीक किया था। लेकिन, अब ये सरकारी बाबुओं का क्या? ऐसा लगता है जैसे इनलोगों ने देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ सुपारी ले रखी है।
योगी आदित्यनाथ की पहचान भगवा है। गोरखनाथ मंदिर द्वारा संचालित शैक्षणिक-स्वास्थ्य संस्थानों के लाभार्थियों की जाति नहीं देखी जाती। सांसद रहते उन्होंने हिन्दुओं के लिए जमकर संघर्ष किया, कई बार उनपर हमले भी हुए। CM बनने के बाद भी सरकारी योजनाओं का लाभ उन्होंने उनतक भी बिना किसी भेदभाव के पहुँचाया जिनके बारे में कहा जाता था कि बाबा इनके दुश्मन हैं। अपराधियों के एनकाउंटर के वक़्त भी जाति नहीं देखी गई।
उस उत्तर प्रदेश से अगर इस तरह की करतूत सामने आ रही है तो ये शर्म की बात है।
आप इसकी हड्डी तोड़ दीजिए
मुंह फोड़ दीजिए
दांत तोड़ दीजिए
केस मैं लड़ूँगी
जो हमारी बेटियों की तरफ़ देखे उसको अब ढंग से समझने का वक्त आ गया है
#महाकालीवाहिनी
"तुम कितने संतोष वर्मा का विरोध करोगे, हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा"
-भीमआर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण
बता दें कि संतोष वर्मा IAS अफसर था, जिसने ब्राह्मण बेटियां सम्बन्ध बनाने के लिए मांगी थी!
तो देख लो,
अब निकल रहा है ना संतोष वर्मा हर घर से??
सारण में नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या हृदय विदारक है।
दरिंदों का उपचार केवल योगी मॉडल है क्यूंकि न्यायालय फाँसी नहीं देगा। कोर्ट तो 5 साल की बच्ची से रेप-हत्या में भी फाँसी नहीं देता।
अगर पुलिस उपचार नहीं करती तो समाज को दंड देना चाहिए, और कोई विकल्प नहीं है।
ठाकुर के कुएं के नाम पर अबतक इतनी नफरत परोसी जा चुकी है कि अब ठाकुर की बेटी का गैंग रेप करके जब मरने के लिए कुएं में डाल दी गयी तो लोगों का दिल ही पसीजना बंद हो गया है।
धीरे धीरे कुछ महत्वपूर्ण समाजों की हत्याओं को पहले नोर्मल और फिर जश्न में बदल दिया जाएगा।
यही कश्मीर में हुआ, यही बाद में भारत के हर हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध के साथ होगा।