23 दिन तक भूख हड़ताल के बाद @neha_aisa
और उनके साथियों पर पुलिस ने हिंसा करके वहां से उठाया।
उसके बाद दोबारा प्रोटेस्ट शुरू हुआ है तो सुनें क्या जबरदस्त स्पीच दे रही हैं।
निष्कर्ष यही है : जो ज़ुल्म हुए हैं, ये सब याद रखा जाएगा ।
ये वीडियो टाइम्स नाउ के पत्रकार देव कोटक के साथ मारपीट का है। प्रदर्शनकारी लड़कों ने घेर कर बुरी तरह पीटा। मोबाइल, घड़ी सब चुरा ले गए।
ये सब देखना डरावना है। कोई भी पत्रकार इन लोगों के बीच से रिपोर्ट नहीं कर पाएगा। क्योंकि कब हमला कर दें, कुछ तय नहीं।
जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़
तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?
आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है।
अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है।
आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है।
भाजपा ख़त्म!
श्रृंगार करती हुईं स्त्रियों से ज़्यादा सुंदर लगती है संघर्ष करतीं हुई स्त्रियां।✨
हाथों में डफली लिए संघर्ष करती हुई इस खूबसूरती लड़की के बोल है,
"जो सबको शिक्षा ना दे वो सरकार निकम्मी है,जो सरकार निकम्मी है वो सरकार बदलनी है"..🔥
जंतर मंतर पर चाहे जितना भी कोई धरना प्रदर्शन या आंदोलन कर ले,लेकिन जब तक AISA या SFI का प्रतिनिधित्व मौजूद नहीं रहता है तब तक आंदोलन सुना लगता है।
सलाम पहुंचे ऐसी संघर्षशील स्त्रियों को।❣️
“मैनु मान महसूस हो…..”
सैकड़ों किसानों की शहादत हुई तब कैसा महसूस हुआ था परिधानमंत्री जी ?
90+ पेपर लीक हुए। कितने छात्रों ने अपने प्राण त्याग दिए। आज भी कितने युवा आमरण अनशन पर हैं, लेकिन इन्हें चुनाव की तैयारी और विदेश भ्रमण से फुर्सत कहाँ!
शिक्षा को ख़त्म ही नहीं उसका स्तर भी गिराने की तैयारी ,
निबुड़ा निबुड़ा के बाद “अङ्गेन गात्रं नयनेन वक्त्रं न्यायेन राज्यं लवणेन भोज्यम्” जिसे मोदी का नारा बताया जा रहा है
ये श्लोक संस्कृत के प्राचीन नीति-संग्रहों और 'सुभाषित' (Subhashita) से लिया गया है।
पहली बारिश में ही हजारों करोड़ से बने वुहान टू शंघाई एक्स्प्रेसवे की हालत खराब होगई, क्या चाइना कभी भारत की बराबरी भी कर पाएगा?
कुछ फैक्ट चेकर कहेंगे कि दिल्ली मुंबई एक्स्प्रेसवे का सवाई माधोपुर स्ट्रेच है
ये रिटायर #IAS नृपेन्द्र मिश्रा हैं, ये जब सरकार में ब्यूरोक्रेसी के मुखिया थे तब रामभक्तों पर गोलियाँ चली थीं !!
अब ये राम मंदिर निर्माण समिति के मुखिया हैं तो बताया जा रहा है कि “राम भक्तों के करोड़ों ₹” चोरी हो गए…
सवाल के जवाब में लंबा सन्नाटा !!
हे राम!!
जिस देश के @kmrvivek14 जैसे गुरुओं के आँख में आंसू हों,
उस देश का भविष्य अंधकारमय ही होगा,
बिन परिवार और बिन बच्चे वाले क्या जानें कि परिवार की रोजी रोटी और बच्चों का भविष्य क्या होता है,
प्रोफेसर विवेक की गलती सिर्फ इतनी है कि
वो 50 हज़ार वाला कोर्स एक हज़ार में क्यों पढ़ाते हैँ,
प्रयागराज में विवेक सर की कोचिंग एग्जामपुर को सील कर दिया गया। अब उनका ये वीडियो सामने आया है। वीडियो बेहद भावुक है।
आखिर में विवेक सर का रोना अखर रहा।