उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अ��ी हाल ही में अगले छह महीने के अन्दर एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गयी है, किन्तु यह बेहतर होता कि जिन भी सरकारी विभागों में अस्थायी तौर पर लोग वर्षों से कार्यरत हैं उन्हें भी स्थायी नौकरी की व्य��स्था में शामिल किया जाये।
वैसे भी बी.एस.पी. ख़ासकर सरकारी तंत्र में आउटसोर्सिंग एवं संविदा आदि की शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध है और इसीलिये पार्टी की माँग है कि सरकारी नौकरी बहाली के क्रम में एनआरएचएम के अन्तर्गत विगत अनेक वर्षों से निरन्तर सेवा दे रहे है समस्त एनआरएचएम संविदाकार्मिकों को भी स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाये तो यह उचित होगा, जो वे लोग अपने स्थायीकरण आदि की माँगों के ��मर्थन में पिछले कई दिनों से लखनऊ के मान्यवर श्री कांशीराम जी ईको गार्डेन के पास धरना पर हैं।
झाँसी की मिट्टी से निकली प्रतिभा, आज सिनेमा के आसमान पर चमक रही है!
सुप्रसिद्ध निर्देशक ��वं लेखक @writerraj को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🎂💐
आपकी सफलता पर पूरी झाँसी को गर्व है। यूँ ही झाँसी का नाम रोशन करते रहें। 🙏
#RaajShandilya #HappyBirthday #Jhansi
जैन समाज के संत पुलक सागर जी ने UGC,आरक्षण और SC/ST एक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या UGC पर इसी तरह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा जी और देवकीनंदन ठाकुर जी समेत अन्य हिंदू धर्म के संतों का भी बयान आ सकता है?
झाँसी के विकास के लिए दिन-रात मेहनत, हर जनहित के मुद्दे पर मजबूती से आवाज़ और बिना किसी स्वार्थ के जनता की सेवा—यही हमारे सांसद श्री अनुराग शर्मा @AnuraagJhansi जी की पहचान है। ऐसे जनसेव�� पर झाँसी को गर्व है। 🇮🇳🙏
@narendramodi
@BJP4India
@BJP4UP
रिश्ते सिर्फ खून से नहीं,
बल्कि प्रेम, विश्वास और अपनापन से बनते हैं।
राखी का यह पवित्र धागा भाई-बहन के बीच स्नेह, सम्मान और जीवनभर साथ निभाने का प्रतीक है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि हर भाई-बहन के जीवन में सुख, समृद्धि, और खुशियाँ बनी रहें।
सभी को रक्षाबंधन ��ी हार्दिक शुभकामनाएँ!
मीडिया और सोशल मीडिया पर SC/ST एक्ट को लेकर बहस चल रही है। मैं एक आदिवासी के तौर पर ��पनी बात रखती हूँ;
SC/ST एक्ट का इस्तेमाल कौन करता है? मैंने देखा है कि SC/ST एक्ट के तहत ज़्यादातर फ़र्ज़ी मामले अनुसूचित जाति (SC) के लोगों द्वारा दर्ज कराए जाते हैं, जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) के बहुत कम लगभग न के बराबर...
मैं दलितों की बात नहीं करूँगी, वे अपना देखें; मैं सिर्फ़ आदिवासियों (ST) के बारे में लिखूँगी। मैं अपनी ही बात करूं तो अब तक ज़िंदगी में मुझे कभी भी अपनी जाति की वजह से किसी ��रह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। बल्कि, मुझे समाज के हर वर्ग और जाति के लोगों से प्यार और अच्छा व्यवहार ही मिला है।
मैं झारखंड की आदिवासी हूं। मैंने देखा है जो आदिवासी जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, उन्हें तो इस एक्ट के प्रावधानों के बारे में 'ABCD' तक नहीं पता। सिर्फ़ तथाकथित आदिवासी एक्टिविस्ट, ज़मीन माफ़िया और आदिवासी नेता ही इसका इस्तेमाल अपने विरोधियों को फंस���ने या बदला लेने के लिए राजनीतिक और कानूनी हथियार के तौर पर करते हैं। आम आदिवासी समुदाय का इससे कोई बहुत ज्यादा लेना देना नहीं है। हाँ, कुछ पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में थोड़ा-बहुत भेदभाव हो सकता है, इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
कई लोग SC/ST एक्ट को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। मैं SC/ST एक्ट को हटाने कि पक्षधर नहीं, आदिवासी समुदाय के लिए एससी एसटी एक्ट, आदिवासियों को उनके "जल जंगल जमीन" क�� गैर - आदिवासी (दिकू) भू-माफियाओं से संरक्षित करने और बचाने में कानूनी रूप से कारगर है। SC/ST एक्ट को खत्म करने की नहीं बल्कि इसमें व्यापक संशोधन की ज़रूरत है। किसी सूरत में SC/ST एक्ट का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। @ajeetbharti
#StopMisuseOfSCSTAct
नरेंद्र मोदी जी SC/ST एक्ट के बारे में बता रहे है।
नोट: यह विडियो ख़ुद प्रधानमंत्री ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से 13 अप्रैल 2018 को पोस्ट किया है।
#StopMisuseOfSCSTAct
#Nepal में सांप्रदायिक हिंसा रुक नहीं रही है तो मेरा सुझाव है वहाँ की सरकार को
पड़ोस में ही तो रहते हैं @myogiadityanath बाबा जी बुला लीजिए फिर देखिए 24 घंटे में सब शांत हो जाएगा
किसान परेशान हैं उनकी फसल के बीमा नहीं हो पा रहे हैं ,केंद्र पर जाकर पता चलता है की अभी पोर्टल नहीं खुला है सरकार से नोटिफिकेशन ही जारी नहीं हुआ है और हो सकता है इस साल बीमा हों ही नहीं
क्या यह सच है ? @ChouhanShivraj@AgriGoI@narendramodi@PMOIndia
इतने दिन से तो आंदोलनकारियों और प्रदर्शनकारियों को सुन रहा है देश। अब जरा नीट की परीक्षा देने वाले असली स्टूडेंट्स को भी सुन लो।
"जब नीट के असली स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट करने गए तब उन्हें 10 दिन तक परमीशन नहीं मिली, फिर 4 बज�� डंडे मार कर भगा दिया। और इन आतंकवादियों (जंतर मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारी) को रात रात भर बैठने की अनुमति है।
आगे इस युवा स्टूडेंट्स ने जो कुछ कहा है उसे दिन कर अनोदनकारी इस छात्र को भी लोकतंत्र और संविधान का विरोधी बता देंगे।