मोदी जी ट्रम्प को खुश करने के लिए हमारे देश पर ज़बरदस्ती Ethanol थोप रहे हैं।
अमेरिका Ethanol का production करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 billion लीटर Ethanol इंपोर्ट किया था। इस साल E20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक Ethanol इंपोर्ट करेगा। ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं।
मेरी देश के लोगों से अपील है कि पेट्रोल और डीज़ल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दें। जब तक देश में E100 की गाड़ियां बनना शुरू न हो जाएं, गाड़ी न खरीदें। यह सरकार आपको बर्बाद कर देगी।
राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका-
रात दिन आरक्षण का रोना रोने वाले जरा देख लो, खेलों में तो कोई आरक्षण नहीं है फिर भी हम पदक तालिका में नाइजीरिया से भी पीछे हैं @HansrajMeena
ये अर्चिता सारंगी हैं जो पूर्व IAS और भुवनेश्वर से BJP की सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी हैं।
कल जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया तो अर्चिता सारंगी ने Gen Z को सपोर्ट किया और
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सेलिब्रेट करते हुए एक स्टोरी लगा दी।
कुछ देर बाद ये पोस्ट वायरल हो गई तो,
उनपर स्टोरी डिलीट करने का दबाव बनाया जाने लगा था क्योंकि उनकी मां अपराजिता सारंगी धर्मेंद्र प्रधान को खुला समर्थन कर रही थीं।
उसके कुछ देर बाद अर्चिता ने एक स्टोरी और लगाई और धर्मेंद्र प्रधान के PA को टारगेट करते हुए कहा कि मुझे पता था मां को मैसेज करोगे, लेकिन
"मैं स्टोरी डिलीट नहीं करूंगी।"
और लोग यहां सोच रहे हैं कि सिर्फ विपक्ष ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहा है। 😂
सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि एक बड़े न्यूज चैनल ने आज करीब 120 लोगों को नौकरी से निकाल दिया
जिसमें ऐसे कई एंकर भी हैं जो पिछले 10,12 सालों से चैनल से जुड़े थे, कई कैमरामैन, एडिटर, ग्राउंड रिपोर्टर।
लोगों का न्यूज से भरोसा उठ गया है, TRP नहीं आ रही है ऐड से रेवेन्यू नहीं बन पा रहा है।
मीडिया अपनी विश्वसनीयता खोता जाएगा तो उसकी कमाई गिरती जाएगी।
गोदी मीडिया से निपटने का एक ही आसान तरीका है घर के टीवी पर भूलकर भी न्यूज चैनल मत लगाइये इससे इनकी TRP गिरेगी और इन्हें ऐड मिलना बंद हो जाएगा।
हो सके तो टाटा स्काई, DTH पर कॉल करके वाकायदा नाम ले लेकर गोदी चैनलों को ब्लॉक करा दें इससे भी बड़ा फायदा होगा।
इस मुहीम को आगे बढ़ाए,
गोदी मीडिया आपकी परेशानी टीवी पर नहीं दिखाती तो आप ऐसा करके उन्हें परेशानी में डाल दो।
जय हिंद
एक ट्रेंड चल रहा है— 'Reservation Hatao'
हो सकता है आपके चार दोस्त हों, जिन्हें लगता हो कि आरक्षण की वजह से उनका चयन नहीं हुआ। उनकी पीड़ा भी वास्तविक है, उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
लेकिन क्या सिर्फ़ उन्हीं चार लोगों की कहानी पूरे भारत की कहानी है?
मैं गाँव से आता हूँ। मैंने अपनी आँखों से ऐसे परिवार देखे हैं जो इंसानी मल साफ़ करते थे। ऐसे बच्चे देखे हैं जिन्हें स्कूल में अलग बैठाया जाता था। जिनके छू लेने पर लोग नहाने चले जाते थे। यह कोई सैकड़ों साल पुरानी कहानी नहीं, आज भी बहुत से गाँव ऐसे हैं जहाँ वो समाज के नल से पानी नहीं पी सकते। आज भी उनकी बारात गाँव के बीच से नहीं निकल सकती।
सोचिए... जिस समाज ने किसी इंसान को जन्म के आधार पर ही सम्मान से वंचित कर दिया हो, उस मानसिक और सामाजिक दूरी का क्या ?
इसका मतलब यह भी नहीं कि आज का आरक्षण सिस्टम बिल्कुल परफेक्ट है।मैं खुद मानता हूँ कि Reforms की ज़रूरत है।?
जैसे General वर्ग में EWS आया।
जैसे OBC में Creamy Layer और Non-Creamy Layer का सिद्धांत आया।
SC/ST आरक्षण में जिन परिवारों की कई पीढ़ियाँ शिक्षा और अवसरों के माध्यम से आगे बढ़ चुकी हैं, उनके बारे में भी नीति-निर्माण के स्तर पर चर्चा हो सकती है।
लेकिन एक बात समझिए।
जब राजनीति आज भी जाति पर होती है...
जब समाज में आज भी जाति पूछी जाती है...
जब सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ...तब केवल यह कहना कि "आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दो और सब कुछ सिर्फ़ आर्थिक आधार पर कर दो"
मेरा मानना है कि देश को दो अतियों से बचना होगा।
एक - 'कुछ मत बदलो।'
दूसरी -'सब खत्म कर दो।
'सही रास्ता है- सुधार (Reform), डेटा के आधार पर नीति, और सामाजिक न्याय के साथ समान अवसर।
क्योंकि किसी भी नीति का उद्देश्य समाज को बाँटना नहीं, बल्कि एक दिन ऐसी स्थिति तक पहुँचाना होना चाहिए जहाँ किसी विशेष सहायता की आवश्यकता ही न रह जाए।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
यहाँ झलकती है सरकार की मंशा
राज्यसभा में नेता विपक्ष @kharge ने जैसे ही छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर अत्याचार का मुद्दा उठाया, सभा स्थगित कर दी गई
Abhinay Sir –– "JP Nadda himself is health minister. He is not able to handle his own department. From where did he get audacity to comment on education?"
Dharmendra Pradhan istipha do 😳
सुना है युवाओं के आंदोलन पर भाजपा सरकार ने आनन-फ़ानन में अभी-अभी अचानक कोई ‘प्रेस कांफ्रेंस’ की है।
विभाग किस और मंत्री का, और जवाब किसी और मंत्री का। ये ही तथ्य बताता है कि भाजपा इस मसले को सुलझाने के लिए किस हद तक अगंभीर है और एक तरह से युवाओं का मज़ाक उड़ा रही है।
युवाओं ने इस तत्वहीन प्रेस कांफ्रेंस को ज़ीरो नंबर देकर फ़ेल करार दिया है।