@JoshiPralhad@narendramodi सबसे पहले आपको बहोत बधाई हो , सर शिक्षा में आरक्षण का मतलब विद्यार्थियों पर अन्याय नहीं होता? कृपया शिक्षा का आरक्षण हटाकर देश का असली टॅलेंट बचाए 🙏🇮🇳🙌🏻🚩
आषाढी एकादशीच्या पवित्र पर्वानिमित्त हार्दिक शुभेच्छा. हा मंगलमय दिवस भक्ती, करुणा आणि सामाजिक सलोख्याचा चिरंतन संदेश देणारा आहे. भगवान विठ्ठलाचे आशीर्वाद आपल्या सर्वांच्या आयुष्यात आनंद, सलोखा आणि समृद्धी घेऊन येवो, हीच कामना. समाजातील प्रत्येक व्यक्तीच्या कल्याणासाठी आणि सन्मानासाठी अविरत कार्य करण्याचा आपला संकल्प अधिक दृढ होवो, हीच विठ्ठल चरणी प्रार्थना.
@ajeetbharti@BJP4India मौका है आरक्षण की जगह मेरिट वाला कानून लेकर आओ ' आरक्षण हटाओ टॅलेंट बचाओ @narendramodi जी और विद्यार्थियों के साथ हो रहे अन्याय को न्याय दिलाने की कोशिश करो
मोदी जी, स्वयं के अभिमान को बगल में रखिए, बोलिए!
गोपाल राय इस पूरे आंदोलन के सूत्रधार हैं। सारा लॉजिस्टिक्स, योजना देख रहे हैं। संभावना है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन रामलीला मैदान तक पहुँचेगा। उन्हें रामलीला मैदान का अनुभव भी है, वो इसे लम्बा खींच भी लेंगे।
@BJP4India इनका कुछ न बिगाड़ पाई है, न बिगाड़ पाती दिखती है। ये न तो पंजाब में प्रदर्शनकारियों की पिटाई पर कुछ नैरेटिव बना पा रहे हैं, न केरल पर। न ये यह बता पा रहे हैं कि गहलोत और राहुल गाँधी किस मुँह से पेपर लीक पर बोल रहा है?
@narendramodi जी का व्यक्तिगत सम्मान/अहंकार/अकड़ वामपंथियों को अवसर दे रहा है कि वो इस बार शाहीन बाग और किसान आंदोलन के हायब्रिड मॉडल ला कर पूरे देश में ऐसे कॉकरोच पार्क बनवा देंगे। इसमें लोग मरेंगे, यह तय है।
बीच सत्र में मंत्री तो नहीं हटेगा, पर अब कॉन्ग्रेस अड़ गई है कि बिना उसके हम संसद में चर्चा नहीं होने देंगे। जब इनके अपने समर्थकों ने इनसे जनवरी से यही बात कही, तो ये चिढ़ा रहे थे कि गुजरात निकाय चुनाव जीत गए, बंगाल में 208 आ गया।
19 जुलाई तक मुझे विश्वास था कि इसे सरकार नियंत्रित कर लेगी, पर सरकार की नपुंसकता ने पुलिस को लाल किला वाली पिटाई याद दिला दी। हर तरफ पुलिस पर हो रही बर्बरता के चिह्न दिख रहे हैं।
‘@AmitShah भूलते नहीं’, यह सुनने में बहुत अच्छा लगता है। नक्सली गतिविधियों को, कश्मीर को, NGO गिरोह को साधने में बहुत बड़ा रोल रहा है इनका। परंतु, उसके समानांतर CAA, किसान आंदोलन जैसी विफलताएँ भी हैं।
@PMOIndia में लोग हैं, @anil_baluni जैसे मँजे हुए मीडिया मैनेजर हैं सरकार के, क्या आप लोगों को लगता नहीं कि पीएम का एक ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ इस पूरी व्याधि को समाप्त कर देगा?
“मेरे प्यारे देशवासियो!
पिछले दिनों में विद्यार्थियों के नाम पर जो हो रहा है, उससे मुझे बहुत पीड़ा हुई है। विद्यार्थियों के हितों के लिए मैं उनके परिजन की तरह, पिता की तरह प्रतिबद्ध हूँ। मैं यह मानता हूँ कि पेपर लीक एक बहुत बड़ी समस्या है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है।
हम यह भी जानते हैं कि पेपर लीक की व्यापकता किसी एक सरकार से परे है। अतः हम शीघ्र ही देश के हर शिक्षा मंत्री के साथ, ब्यूरोक्रेसी के साथ एक वृहद चर्चा कर के, इसका समाधान निकालेंगे। प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरा व्यक्तिगत दायित्व है कि हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ तंत्र दें।
हमने यह भी तय किया है कि 2024 में लाए पेपर लीक कानून को संशोधित कर, इस माफिया की जड़ तक जाएँगे। अब न केवल कंपनी, बल्कि हर व्यक्ति भी ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
ब्ला ब्ला ब्ला…
नमस्कार!”
तत्पश्चात्, दो-चार बड़े अधिकारियों को (CBSE चेयरमैन, NTA डायरेक्टर आदि) को सेवामुक्त करें, जाँच बिठाएँ। यदि नहीं किया तो, चापलूस आपको ‘मोदी-शाह पुराने नेता हैं’ का सुगम संगीत सुना कर बर्बाद कर देंगे।
बाकी, आप बेहतर जानते हैं।