एक महिला प्रोटेस्टर को क्या कोई पुरुष पुलिस वाला इस तरह से पकड़कर ले जा सकता है ?
ये सीधे- सीधे अपराध है . इस पुलिस वाले के खिलाफ तो एक्शन होना चाहिए और उन सीनियर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी, जो मौके पर मौजूद थे .
@mumtazpatels के साथ इस बदसलूकी का मामला दर्ज होना चाहिए .
केरल में एक हिंदू भाई ने दूकान खोला तो opning में मदरसे के छोटे छोटे बच्चों से कुरआन खानी करवाने केलिए बुलाया ।..
यही हमारे देश की खूबसूरती है इसी को कुछ लोग खत्म करने की कोशिश कर रहे!
ग़ाज़ियाबाद में एक अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले शख्स ने शोभा यात्रा निकाली। उस यात्रा में मुसलमानों को क्रूर एवं अपराधी के तौर पर दिखाया गया। सवाल यह है कि जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करते हों, उस प्रदेश में ऐसे अपराधियों पर कोई कार्रावाई क्यों नहीं होती? हर समय इन गुंडों की ज़बान पर मुसलमानों का नाम है, उन्हें अपमानित करने वाले अल्फाज़ हैं। लेकिन कार्रावाई के नाम पर सिर्फ लीपा पोती? जो सड़क नमाज़ के लिए नहीं बल्कि चलने के लिए है उसी सड़क पर दूसरों को अपमानित करने वाली यात्राएं निकालने की आज़ादी है?
असम के हर परिवार से अपील है - भ्रष्टाचार में एक भी और दिन नहीं गुज़ारना।
हिमंता ने असम को लूटा है - यह असम जानता है, देश जानता है।
कल बदलाव का दिन है।
कांग्रेस गठबंधन को वोट दें।
जय असम, जय हिंद।
मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं।
Epstein files में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना - ये शर्म की बात है।
आपने अमेरिका के साथ जो Trade deal की है, जिसमें आपने देश को बेच दिया - ये शर्म की बात है।
हमारे देश का डेटा दे दिया।
किसानों को खत्म कर दिया।
टेक्सटाइल इंडस्ट्री बर्बाद कर दिया - ये शर्म की बात है।
पूरा देश जानता है, अडानी पर अमेरिका में चल रहे केस ने आपकी रातों की नींद उड़ा रखी है - क्योंकि वो BJP और आपके फाइनेंशियल आर्किटेक्चर पर केस है। 14 महीनों से उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई - ये शर्म की बात है।
मोदी जी, आप अपने मित्रों अनिल अंबानी, अडानी और अपने लिए जो उचित समझें, वो कीजिए।
मैं और कांग्रेस पार्टी के बब्बर शेर देश की रक्षा करते रहेंगे - एक इंच पीछे नहीं हटेंगे।
जो बातें सत्तर वर्षों में कहने वाले पैदा नहीं हुए थे, आज वो बातें कही जा रही हैं कि बीस करोड़ मुसलमानों की “घर वापसी” कराई जाएगी। ऐसा लगता है मानो सिर्फ उन्हीं लोगों ने अपनी माँ का दूध पिया है, बाकी और किसी ने नहीं। जबकि सच्चाई यह है कि हर वह आवाज़ जो देश को तबाही, बर्बादी, बदअमनी और आपसी दुश्मनी की ओर ले जाए, वह देश के प्रति वफादारी की आवाज नहीं हो सकती।
आज देश के भीतर नफ़रत की आग भड़काई जा रही है, हत्या-हिंसा का माहौल बना हुआ है, दिनदहाड़े लिंचिंग की घटनाएँ हो रही हैं, गाय के नाम पर बेगुनाहों को मौत के घाट उतारा जा रहा है, और सरकार खामोशी बनाये हुए है। इसके बावजूद कुछ लोग यह ऐलान करते फिर रहे हैं कि इस देश में वही रहेगा जो उनके विचारधारा पर चलेगा। यह सोच न केवल भारतीय संविधान का खुला उल्लंघन है बल्कि देश की अखंडता, एकता और शांति के लिए भी बेहद खतरनाक है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद शुरू से ही ऐसी सांप्रदायिक और नफ़रत फैलाने वाली सोच की कड़ी विरोधी रही है और जब तक जिंदा रहेगी, इसका विरोध करती रहेगी। मुसलमान जिंदा हैं और अपने धर्म पर जिंदा रहेंगे; मुसलमानों को मिटाने वाले खुद मिट गए, मगर इस्लाम जिंदा है और कयामत तक जिंदा रहेगा। और इस देश में शांति, भाईचारा और आपसी सद्भाव केवल धर्मनिरपेक्ष संविधान की छाया में ही संभव है।
याद रखिए धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। सभी धर्म मानवता, सहिष्णुता, प्रेम और एकता का संदेश देते हैं, इसलिए जो लोग धर्म का उपयोग नफ़रत और हिंसा फैलाने के लिए करते हैं, वे अपने धर्म के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। हमें हर स्तर पर ऐसे लोगों की निंदा और विरोध करना चाहिए।
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#ArshadMadani | #GharWapasi | #घर_वापसी
बॉलीवुड गायक विशाल ददलानी ने संसद में 8 दिसंबर को ‘वंदे मातरम’ पर हुई 10 घंटे लंबी बहस पर नाराज़गी जताई है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
“इस बहस के कारण लगता है जैसे बेरोज़गारी, इंडिगो की समस्या और प्रदूषण (हवा का मुद्दा) सब हल हो गए हैं।”
इस तरह उन्होंने सरकार पर तंज कसा।
— @VishalDadlani
इंसानियत बेचकर खा गई है BJP
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा गुजरात में एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे, तभी एक सुरक्षा कर्मी बेहोश हो गया
न तो जेपी नड्डा ने भाषण रोका, न ही मंच पर बैठा एक भी BJP नेता उठा
ऐसे लोग देश चला रहे हैं - जिनको दूसरे के दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ता
"सिंहः शिशुरपि निपतति मदमलिनकपोलभित्तिषु गजेषु।
प्रकृतिरियं सत्ववतां न खलु वयसस्तेजसो हेतुः।"
अर्थात - "सिंह भले छोटा हो,परंतु मद से मलीन कपोलों वाले उत्तम गज के मस्तक पर ही चोट करता है । यह उसका प्राकृतिक स्वभाव है । अवस्था का वीरों के तेज पर प्रभाव नहीं पड़ता ।"
(नीति शतक,38) #FridayThoughts