Be the reason someone smiles. Be the reason someone feels loved and believes in the goodness in people.
Socialist, Cricket Enthusiasts, Kohli,Smith, RCB Fan,
A video that shows a boy hitting his mother with a cricket bat after she took his mobile phone and forced him to study has been shared, claiming to be a real-life incident video. The fact is that this video is scripted
भारत अब इतना सक्षम और समृद्ध देश बन चुका है कि प्रधानमंत्री के काफिले में हाई सिक्योरिटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल आसानी से कर सकता है।
छोटा और आधुनिक EV convoy सिर्फ़ सादगी नहीं, बल्कि नए भारत की पहचान होगा —
तकनीक में आत्मनिर्भर, सुरक्षा में मजबूत और भविष्य की सोच वाला भारत।
भारत अब इतना सक्षम और समृद्ध देश बन चुका है कि प्रधानमंत्री के काफिले में हाई सिक्योरिटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल आसानी से कर सकता है।
छोटा और आधुनिक EV convoy सिर्फ़ सादगी नहीं, बल्कि नए भारत की पहचान होगा —
तकनीक में आत्मनिर्भर, सुरक्षा में मजबूत और भविष्य की सोच वाला भारत।
भारत अब इतना सक्षम और समृद्ध देश बन चुका है कि प्रधानमंत्री के काफिले में हाई सिक्योरिटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल आसानी से कर सकता है।
छोटा और आधुनिक EV convoy सिर्फ़ सादगी नहीं, बल्कि नए भारत की पहचान होगा —
तकनीक में आत्मनिर्भर, सुरक्षा में मजबूत और भविष्य की सोच वाला भारत।
@Manish_SGR1 भाई आज के जमाने में किसी दूसरे के फटे में टाँग नहीं अड़ाना है चुपचाप फिल्म देखो और वीडियो बनाओ कम से कम अपराधी पकड़ा तो जायेगा अन्यथा खुद की फोटो हार चढ़वा दोगे
कुछ लोग बैंक को शायद चाय की दुकान समझते हैं — “मैं आया और तुरंत मेरा काम हो जाना चाहिए” 😄
मोबाइल नंबर अपडेट करवाने आए थे साहब, और जैसे ही स्टाफ लंच करने गया तो फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दिया कि “कस्टमर से ज्यादा लंच जरूरी है”।
भाई साहब, बैंक कर्मचारी मशीन नहीं होते। सुबह से लगातार कैश, पासबुक, RTGS, क्लियरिंग, लोन, KYC, सर्वर इश्यू, ग्राहकों की बहस — सब संभालने के बाद अगर 20-30 मिनट खाना खा लें तो देश की अर्थव्यवस्था नहीं रुक जाएगी।
आपका मोबाइल नंबर अपडेट होना जरूरी है, लेकिन कर्मचारी का इंसान होना भी जरूरी है।
मजेदार बात ये है कि वही लोग जो ऑफिस में 1 घंटे की चाय और गप्पें मारते हैं, बैंक में 30 मिनट इंतजार करते ही मानवाधिकार कार्यकर्ता बन जाते हैं 😄
सोशल मीडिया पर फोटो डालकर sympathy लेने से बेहतर था थोड़ा धैर्य दिखा देते। बैंक कर्मचारी भी परिवार छोड़कर नौकरी कर रहे हैं, किसी के निजी नौकर नहीं हैं।
Respect every worker — especially those dealing with hundreds of frustrated customers daily. #isupportbank #fake #fakecomplaint
@MyWayNoida@ItsAradhya__ It is fake because the photo used here is related to account opening problem and not as claimed in the post and video is circulating on social media.
हर खिलाड़ी के करियर में खराब फॉर्म का दौर आता है,
लेकिन कुछ लोग Suryakumar Yadav को ऐसे जज कर रहे हैं जैसे उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए कुछ किया ही नहीं।
जिस खिलाड़ी ने दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज़ों के खिलाफ 360° बल्लेबाज़ी से मैच पलटे,
उसे “दो-चार शॉट वाला बल्लेबाज़” कहना क्रिकेट की समझ नहीं, जल्दबाज़ी है।
फॉर्म अस्थायी होती है, क्लास स्थायी।
और कप्तानी सिर्फ उम्र देखकर नहीं, मैच अवेयरनेस, ड्रेसिंग रूम इम्पैक्ट और टीम के भरोसे से तय होती है।
श्रेयस अय्यर बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन किसी एक को आगे बढ़ाने के लिए दूसरे को बेइज्जत करना जरूरी नहीं।
सूर्या ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है, वो कुछ खराब मैचों से छोटा नहीं हो जाता।
हर खिलाड़ी के करियर में खराब फॉर्म का दौर आता है,
लेकिन कुछ लोग Suryakumar Yadav को ऐसे जज कर रहे हैं जैसे उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए कुछ किया ही नहीं।
जिस खिलाड़ी ने दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज़ों के खिलाफ 360° बल्लेबाज़ी से मैच पलटे,
उसे “दो-चार शॉट वाला बल्लेबाज़” कहना क्रिकेट की समझ नहीं, जल्दबाज़ी है।
फॉर्म अस्थायी होती है, क्लास स्थायी।
और कप्तानी सिर्फ उम्र देखकर नहीं, मैच अवेयरनेस, ड्रेसिंग रूम इम्पैक्ट और टीम के भरोसे से तय होती है।
श्रेयस अय्यर बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन किसी एक को आगे बढ़ाने के लिए दूसरे को बेइज्जत करना जरूरी नहीं।
सूर्या ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है, वो कुछ खराब मैचों से छोटा नहीं हो जाता।
Suryakumar Yadav बहुत बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन ये “उनकी वजह से दो-दो वर्ल्ड कप जीते” वाला अतिनाटकीय ज्ञान बंद करिए। 😄
क्रिकेट टीम गेम है, वन-मैन शो नहीं।
अगर सिर्फ एक खिलाड़ी से वर्ल्ड कप जीतते, तो हर साल ऑरेंज कैप वाला ही ट्रॉफी उठा लेता।
और कप्तानी कोई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड नहीं होती।
फॉर्म, रणनीति, रिजल्ट और टीम बैलेंस देखकर फैसले होते हैं — भावुक ट्विटर पोस्ट देखकर नहीं।
सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने वालों एक बात याद रख लेना।
अगर सूर्यकुमार यादव न होता तो
न तो तुम्हें T-20 World Cup 2024 में जीत का जश्न मनाने का मौका मिलता
और न ही 2026 में वर्ल्ड कप जीत पाते।
जिस खिलाड़ी की वजह से आप दो दो वर्ल्ड कप जीते हो उसे ज़रा सा ऑउट ऑफ फॉर्म होने पर इस तरह से कप्तानी से निकालना अन्याय है।
Suryakumar Yadav ने टीम इंडिया के लिए शानदार योगदान दिया है, इसमें कोई बहस नहीं।
लेकिन क्रिकेट टीम “एहसान” पर नहीं, वर्तमान प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चलती है।
अगर सिर्फ पुराने योगदान के आधार पर कप्तानी तय होती,
तो कई दिग्गज खिलाड़ी कभी टीम से बाहर ही नहीं होते।
और वर्ल्ड कप किसी एक खिलाड़ी ने नहीं जिताया था —
पूरी टीम, गेंदबाजों, फील्डरों और कई मैच विनिंग परफॉर्मेंस का योगदान था।
थोड़ा सा आउट ऑफ फॉर्म होना अलग बात है,
लेकिन कप्तानी पर फैसला भावनाओं से नहीं, टीम कॉम्बिनेशन और निरंतरता देखकर लिया जाता है।
Suryakumar Yadav ने टीम इंडिया के लिए शानदार योगदान दिया है, इसमें कोई बहस नहीं।
लेकिन क्रिकेट टीम “एहसान” पर नहीं, वर्तमान प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चलती है।
अगर सिर्फ पुराने योगदान के आधार पर कप्तानी तय होती,
तो कई दिग्गज खिलाड़ी कभी टीम से बाहर ही नहीं होते।
और वर्ल्ड कप किसी एक खिलाड़ी ने नहीं जिताया था —
पूरी टीम, गेंदबाजों, फील्डरों और कई मैच विनिंग परफॉर्मेंस का योगदान था।
थोड़ा सा आउट ऑफ फॉर्म होना अलग बात है,
लेकिन कप्तानी पर फैसला भावनाओं से नहीं, टीम कॉम्बिनेशन और निरंतरता देखकर लिया जाता है।
@saichand@asherrkiinee Bro, I’ve never wanted to fly under the radar this badly in my life 💀
If this comment gets even one pity like, I’m disappearing from that person’s feed like a ghost at sunrise.
गुरुजी कभी बच्चों को विज्ञान, गणित और तर्क भी पढ़ा दिया करिए…
हर चीज़ को “हिंदू चेतना लौट आई” वाला WWE एंट्री डायलॉग बनाना जरूरी नहीं होता। 😄
माँ दुर्गा आस्था का विषय हैं,
लेकिन आप हर राजनीतिक मंच को धार्मिक TRP शो बना देते हैं।
और “दीदी की छाती पर साँप लोट रहे होंगे” जैसी भाषा एक शिक्षक को शोभा नहीं देती।
शिक्षक समाज जोड़ता है, व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी वाला उन्माद नहीं फैलाता।
@news24tvchannel@actorvijay जो लोग Joseph Vijay को “मैथ्स में कमजोर” बोलकर ट्रोल कर रहे हैं,
उनकी पूरी जिंदगी का टोटल जोड़ दो तब भी विजय की एक फिल्म की ओपनिंग बराबर नहीं होगा। 😄
मार्कशीट देखकर मज़ाक उड़ाने वाले अक्सर खुद जिंदगी में “पास” नहीं हो पाते।
कुछ लोग Joseph Vijay की फोटो डालकर ऐसे मज़ाक उड़ा रहे हैं कि “मैथ्स में कमजोर था”…
भाई, अगर मैथ्स में कमजोर होना ही असफलता की निशानी है,
तो आधे देश के रिपोर्ट कार्ड देखकर तुम्हें इंटरनेट छोड़ देना चाहिए। 😄
वैसे जिस इंसान को करोड़ों लोग जानते हों, जिसकी फिल्में रिकॉर्ड तोड़ती हों और जो राजनीति में भी चर्चा का केंद्र हो…
उसके मार्कशीट पर हंसने वाले अक्सर खुद अपनी जिंदगी का हिसाब नहीं जोड़ पाते।
डिग्री और नंबर जरूरी हैं,
लेकिन इंसान की पहचान सिर्फ मार्क्स से नहीं, उसके प्रभाव और मेहनत से होती है।
राजनीति में जीत का जश्न तो हर कोई मनाता है,
लेकिन कुछ पल ऐसे होते हैं जो सत्ता से ऊपर उठकर संवेदनाओं को छू जाते हैं।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में Suvendu Adhikari के शपथ ग्रहण समारोह से पहले भाजपा ने उन कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवाई थी।
उनकी याद में स्मारक बनाया गया और उनके परिवारों को विशेष रूप से समारोह में आमंत्रित किया गया।
यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था,
बल्कि उन परिवारों के दर्द, त्याग और संघर्ष को सम्मान देने का प्रयास था, जिनके अपने अब इस दुनिया में नहीं हैं।
सत्ता आती-जाती रहती है,
लेकिन जिन लोगों ने अपने विश्वास और विचारधारा के लिए जान गंवाई, उन्हें याद रखना ही असली मानवीय संवेदना है। #bengalchoosesbjp #modimagic
Veteran journalist Gopalakrishna Gandhi has written an open letter to Joseph Vijay that is far more than political advice — it is a lesson on power, humility and governance.
The letter reminds Vijay that winning an election is only the beginning; the real challenge is protecting constitutional values, federalism and social harmony. Gandhi urges him to remain grounded, avoid triumphalism, and treat officers as colleagues rather than subordinates.
One of the most striking parts is where he says ideology should not become a prison. If questioned, Vijay should simply say:
“My ideology is following my conscience.”
The letter also praises Tamil Nadu’s legacy of social justice and secularism, while cautioning against turning politics into hatred or revenge. Gandhi asks Vijay to become a symbol of a fear-free and hate-free India, balancing economic progress with environmental responsibility.
And finally, on a deeply personal note, he points out that this could be the first time a Christian leads Tamil Nadu — calling it a reflection of the state’s secular spirit, not something to hide or downplay.
Rarely does political commentary sound this thoughtful, civil and statesmanlike in today’s noisy atmosphere. #TVKVijay #Vijay