दिलचस्प बात यह है कि राम मंदिर की इस कथित चोरी को लेकर उन लोगों में विशेष चिंता दिखाई दे रही है जिन्होंने जीवनभर राम, राम मंदिर और उसके निर्माण का विरोध किया। दूसरी ओर, मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले, धन देने वाले और दर्शन के समय दान-पात्र में योगदान करने वाले श्रद्धालुओं पर इस विवाद का कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं देता। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है, दान भी आ रहा है और चढ़ावा भी।
मैं यदि मंदिर के दान-पात्र में ₹10 डालता हूं, तो मेरा उद्देश्य ईश्वर के प्रति श्रद्धा प्रकट करना होता है। मैंने कोई अनुबंध नहीं किया होता कि उस राशि का उपयोग किस प्रकार होगा। दान देने के बाद मेरा दायित्व समाप्त हो जाता है। बाकी व्यवस्था और जवाबदेही मंदिर प्रबंधन की होती है।
जय श्री राम।
एक टीचर ने चौथी क्लास के बच्चों से पूछा कि उनमें से कितने राहुल गांधी के फैन हैं।
असली मतलब न जानते हुए, लेकिन टीचर को खुश करने के लिए, सभी बच्चों ने हाथ उठा दिए, सिवाय छोटे श्याम के
टीचर ने श्याम से पूछा कि वह फिर से बाकी बच्चों से अलग क्यों है।
श्याम ने कहा, "क्योंकि मैं राहुल गांधी का फैन नहीं हूं।"
टीचर ने पूछा, "तुम राहुल गांधी के फैन क्यों नहीं हो?"
श्याम ने कहा, "क्योंकि मैं बीजेपी समर्थक हूं।"
टीचर ने पूछा, "तुम बीजेपी समर्थक क्यों हो?"
श्याम ने जवाब दिया, "क्योंकि मेरी मां बीजेपी समर्थक हैं और मेरे पापा बीजेपी समर्थक हैं, तो मैं भी बीजेपी समर्थक हूं।"
टीचर ने झुंझलाते हुए कहा,
"अगर तुम्हारी मां बेवकूफ होतीं और तुम्हारे पापा मूर्ख होते, तो तुम क्या होते?"
मुस्कुराते हुए श्याम ने जवाब दिया,
...... "तो मैं राहुल गांधी का फैन होता।"😛😛😛
अयोध्या मंदिर में चोरी जांच
अभी तक कुल 43 संदिग्धों को रडार पर लिया गया है...
ये सभी दान पेटियों, दान काउंटर, कैश काउंटिंग, नगदी की गड्डियां बनाने वाला स्टाफ है...याने वो सभी कर्मचारी जिनका चढ़ावा, दान से संपर्क रहता है...
इन सबकी आर्थिक गतिविधियों की जांच गहराई से जारी है कि पिछले 18 महीनों में क्या गतिविधियां रही है, क्या चल अचल संपत्ति जोड़ी है...
अगर किसी को लगता है कि केंद्र और राज्य सरकार लेश मात्र भी कोई कमी छोड़नी वाली है तो वो गलत है...
थोड़ा सब्र रखिए , सब सामने आएगा और प्रभु के घर से ही चोरी करने वाले न इस लोक में बचेंगे और उस लोक में तो नरक की सबसे भयावह यातना अब उनका प्रारब्ध बन चुका है....
हुईए वही जो प्रभु राम रची राखा!
🚩🚩
घटना ने हिला कर रख दिया है..
😢
कहते हैं कि बहादूर मर्द की बहादूरी अगर देखनी हैं तो उसे मौत के सामने खड़ा कर दो,वो मौत को मात देकर अपना काम पुरा कर आएगा...
सुबेदार सुब्बा वही मर्द हैं.. आप इनके यूनिफॉर्म पर लगे पदक देखिए और सोचिए कि ये किस लेवल के ट्रेंड सेटर हैं कि अगर ये किसी आपरेशन मे होते हैं तो पुरी टीम को मालूम होता है कि सारा शिकार तो सुब्बा करेगा,हमारे हाथ कुछ नही आने वाला..
सूबेदार साहब के यूनिफॉर्म में Para Wings बैज दिख रहा है,जो उनके पैराशूट जंप की योग्यता है... ATGM Badge यानि उनको एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल में विशेषज्ञता है... NSG Trishul बैज मतलब वो National Security Guard में सेवा दे चुके हैं...
सूबेदार साहब Rashtriya Rifles में सेवा दे चुके हैं,उनका बलिदान Badge भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्सेज का प्रतिष्ठित प्रतीक है...यहां तक कि उन्होने US Parachute Wings भी लाई हैं ,यानि उन्होंने अमेरिकी सैना का पैराशूट कोर्स भी कर रखा है.. वो Combat Free Faller और हाई एल्टीट्यूड फ्री-फॉल मे भी प्रशिक्षित हैं....
Commendation Badge के साथ
Jump Indicator यानि 100 से अधिक सैन्य पैराशूट जंप ,Sky Diver Badge, Surya Command Formation Sign ,Samanya सामान्य सेवा पदक, High Altitude Service Medal यानि सियाचिन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेवा,Videsh Seva Medal ,सैन्य Seva Medal
UN Additional Service Medal जो संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन या अन्य विशेष सेवा के लिए दी जाती है....
अगर आपने इन सारे मेडल्स को पढ़ लिए हैं तो समझ जाइए कि सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा भारतीय सेना के सबसे अनुभवी और सम्मानित स्पेशल फोर्सेज ऑपरेटरों में से एक है..
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इसके अलावा उनको कीर्ति चक्र बार मिला है ,यानि एक ही वीरता पदक वो दो बार जीत चुके हैं...ऐसे संयोजन बहुत कम सैनिकों के पास होते हैं,ऐसे सैनिक अगर किसी आपरेशन में होते हैं तो दुश्मन के लिए मौत का स्वरूप होते हैं...
सुबेदार सुब्बा ने किश्तवार में जिस तरह से दो आतंकवादियों को मारा था,उस बहादुरी के लिए उन्हे कीर्ति चक्र मिला है...मैने जब से इनकी तस्वीर देखी है तबसे वो नार्थ ईस्ट के छोटे बच्चे का वायरल रिल्स याद आ रहा जिसमें वो अपने फौजी पापा के लिए कहता है कि मेरे पापा इंडिया है...सुब्बा साहब इंडिया तो नही हैं,पर इंडिया इन जैसे बहादूरों की वजह से जरूर है...
अमेरिका ने ईरान के सामने घुटने टेक दिए। शांति समझौता हो गया।
ईरान को बस यह आश्वासन देना पडा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और बस, सारी आर्थिक नाकाबंदी, प्रतिबंध समाप्त! उल्टे युद्ध की क्षतिपूर्ति के रूप में ईरान को अरबों डॉलर्स की सहायता मिलेगी।
खाडी से अमरीकी प्रभाव लगभग समाप्त है। कोई भी समझदार देश अब अमेरिका पर विश्वास नहीं करेगा। नाटो लगभग मृत है, युरोपिययन देश अमेरिका से दूरी बना रहें हैं, भारत के साथ रिश्तें खटाई में है, इस्राईल भी खुश नहीं ही होगा क्योंकि समझौते की शर्त के अनुसार उसे लेबनन में हिजबुल्ला पर आक्रमण रोकना होगा।
भारत के लिए राहत सिर्फ इस बात की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोलने पर सहमति बन गई है। पेट्रोल के प्यासे और एलपीजे के भूखे चमचे अब पेट भर पाएंगे!
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को अभूतपूर्व क्षति पहुँचाई है। साथ ही उन करोडों ईरानी लोगों के सपनों और आशाओं को भी तोडा जो इस नरभक्षी शासन से स्वतंत्रता के सपने देख रहें थें, जो ईरान के मूल स्वरूप में वापस लौटने के सपने देख रहें थे!
भाजपा केरल में हार गई
भाजपा पंजाब में हार गई
भाजपा जम्मू-कश्मीर में हार गई
भाजपा तमिलनाडु में हार गई
भाजपा झारखंड में हार गई
भाजपा हिमाचल प्रदेश में हार गई
भाजपा कर्नाटक में हार गई
भाजपा तेलंगाना में हार गई
भाजपा मिज़ोरम में हार गई
क्या आपने एक भी भाजपा नेता को वोट 🗳️ चोरी ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देते देखा ?