मुजफ्फरनगर UPकी यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ताहाल स्थिति का कड़वा सच है एम्बुलेंस या इलाज की ��ेरी के कारण एक पिता की गोद में मासूम ने दम तोड़ दिया विकास के दावों के बीच आम आदमी की जान की कीमत क्या है यह सिस्टम की नाकामी और शर्मनाक लापरवाही है
#UPNews #Healthcare #SystemFailure
"पब्लिक का पोपट हो गया!" 🦜😂
"परसों जनता लाठियां गिन रही थी, आ��� साथ देखकर बोल रही है— 'अरे भाई! ये लड़ाई थी या व्यूज बढ़ाने का क्रैश कोर्स?' असली ड्रामा मुक्के का नहीं, सिर्फ व्यूज़ की कमाई का था बाबू भैया!" 📈🤑
#ViewsKaChakkar #ScriptedControversy #viralvídeo
अजाज-राजवीर की 'महा-फाइट' देख ऐसा लगा जैसे दो मजनू गली के नुक्कड़ पर एक ही चाट की प्लेट के लिए भिड़ गए हों!
हाथापाई कम ऐसा लग रहा था कि दोनों एक दूसरे की जुल्फें संवारने का मौका ढूंढ रहे हैं कैमरा बंद होते ही बोले होंगे भाई, रील मस्त बनी ना? 🤳🤣
#ajazkhan#RajveerFitness
अब गाय के बाद ‘प्लाईवुड माता’ की बारी! 😂
गौ रक्षकों का नया ड्रामा: ट्रक में गाय ढूंढ रहे थे, पर मिल गया प्लाईवुड। लगता है अब प्लाईवुड को ही माता मान��र उसकी आरती उतारेंगे! 🪵🙏 #PlywoodMata
राजनीति जब बुनियादी मुद्दों को छोड़कर सिर्फ धार्मिक पहचान के इर्द-गिर्द सिमट जाती है, तो देश का आर्थिक और सामाजिक विकास प्रभावित होता है। देश की असल तरक्की केवल रोजगार, शिक्षा और आपसी भाईचारे से ही मुमकिन है।
जब 'कमल' खिलाने के चक्कर में खुद का 'मोए-मोए' हो जाए! 😂
दीदी को बंगाल से भगाने का दावा करने वाली चाची को खुद पुलिस ने उठाकर रवाना कर दिया। राजनीति में जोश उतना ही दिखाओ, जितना बाद में जेसीबी और पुलिस के सामने भारी न पड़े! 🚜👮♂️ #Kolkata#PoliticalMemes#Karma#JCB
लखनऊ जिला कोर्ट पर बुलडोजर एक्शन पर बवाल हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर वकीलों के अवैध चैंबरों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया इस कार्रवाई का वकीलों ने कड़ा विरोध किया जिसके बाद पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा
#LucknowNews#Lawyers
In this video, a Hindu man is allegedly caught smuggling cows. This incident demonstrates that crime has no religion. The law should act impartially against all without any religious bias.
राजनीति का असली चेहरा! एक तरफ बड़े नेताओं के बच्चे विदेशों में आलीशान और सुरक्षित भविष्य का आनंद ले रहे हैं,
तो दूसरी तरफ आम जनता के बच्चों को ��ार्मिक जुलूसों और नारों की आड़ में उलझाकर छोड़ दिया जाता है। जनता क�� अब इस गहरे दोहरेपन और स्वार्थ को समझने की सख्त जरूरत है