कैंपस में किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव गलत है, और भारत में पहले ही कई छात्र इसके दुष्परिणाम झेल चुके हैं। लेकिन क्या कानून को समावेशी नहीं होना चाहिए और यह सुनिश्चित नहीं करना चाहिए कि सभी को समान रूप से संरक्षण मिले? फिर कानून के लागू होने में यह भेदभाव क्यों? झूठे मामलों की स्थिति में क्या होगा? दोष का निर्धारण कैसे किया जाएगा? भेदभाव को कैसे परिभाषित किया जाए- शब्दों से, कार्यों से या धारणाओं से?
कानून की लागू होने की प्रक्रिया स्पष्ट, सटीक और सभी के लिए समान होनी चाहिए।
अतः कैंपस में नकारात्मक माहौल बनाने के बजाय, मैं आग्रह करती हूँ कि UGC की यह अधिसूचना या तो वापस ली जाए या उसमें आवश्यक संशोधन किया जाए।
Hon’ble CM @revanth_anumula Garu, request you to scrap the plan of clearing 400 acres of trees/forest in Kancha Gachibowli which serve as a green lung for the city & also habitat for numerous species of protected wildlife thriving inside it for decades. Clearing the trees will leave wildlife without a home and exacerbate man wildlife conflict. Please stop this 🙏🏻
पर्यावरण से खिलवाड़ बंद हो !
तेलंगाना में प्रदेश सरकार द्वारा 400 एकड़ जंगल को साफ करने का प्रयास, हजारों पेड़ो की कटाई सरासर पर्यावरण और वन्यजीवों के खिलाफ है।
कांचा गाचीबोवली वन (केजीएफ) को साफ करने से गंभीर परिणाम संभव है, साथ स्थानीय तापमान में भी वृद्धि भी होगी।
तत्काल कटाई की कार्रवाई को रोके सरकार।
Am amazing performance from India to win the #ChampionsTrophy against a very determined New Zealand side, which never gave up. Well done also to Rohit Sharma on leading his team to consecutive @ICC men's trophies, following last year's @T20WorldCup victory.