मध्यप्रदेश के बहुप्रचारित वीडियो में बालक के ऊपर मूत्र त्यागते पतित व्यक्ति पर, जिसका सरनेम शुक्ला है, त्वरित कार्रवाई हुई। मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया।
एक भी हिन्दू या ब्राह्मण आपको नहीं मिलेगा जो इसके कुकृत्य को डिफेंड करेगा भले ही बाद में पता चले वो नशे में था, पागल था ब्ला ब्ला ब्ला…
यही अंतर है इस समुदाय और उ���में जिसमें आज तक हजारों मुसलमान थूकते, मूतते, बकरियों का बलात्कार करते वीडियो पर दिखे हैं, पर उन्हें तरह-तरह से डिफेंड किया जाता है।
वो या तो चुप रहेंगे, या कह देंगे दो वर्ष पुराना वीडियो है, नशे में था, भटका हुआ नौजवान था। आज देखिए कि किस प्रोमिनेंट हिन्दू हैंडल ने इसकी निंदा और कठोरतम कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की। यही अंतर है।
सुनो जस्टिस ललित और जस्टिस गोय��, तुम लोगों ने कहा था अपने फ़ैसले में कि एससी-एसटी उत्पीड़न के केस फ़र्ज़ी होते हैं।
आओ, मध्य प्रदेश और देखो। ये आदिवासी बच्चा मानसिक असंतुलन का शिकार है। लाचार है बेचारा और बीजेपी नेता उसके सिर पर पेशाब कर रहा है।
क्या कोई आदमी सवर्ण हिंदू के सिर पर पेशाब करता है?
ये सब मैटर ही जाति से जुड़ा हुआ है। समझो भारत की हकीकत।
आख़िरकार संसद को तुम दोनों के फ़ैसले को पलटना पड़ा। बाद में तो तुम लोग���ं ने भी सुधार कर लिया।
This is from a talk show in Pakistan। मl
ऊपर वाले का शुक्र है कि ये जानकारी पाकिस्तान टीवी से दी गई।
भारत में हो��ी तो अब तक चारों ओर लोकतंत्र ख़तरे में आ गया होता।