ब्रेकिंग 🚨:
विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तैयारी वाकई ज़बरदस्त है 🤯
उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज के वीडियो क्लिप दिखाए हैं।
अभी 9.7 करोड़ (97 मिलियन) लोग उन्हें देखे हैं 🔥🔥
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
जब तक छात्रों-युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी, हमारे नेता और हम लोग PM आवास के सामने से हिलने वाले नहीं हैं।
दिन हो या रात... नरेंद्र मोदी को बाहर आना पड़ेगा।
हमारी अपील है- जो भी जहां है, वो यहां आए और धरने पर बैठ जाए। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम नहीं हिलेंगे।
: @Pawankhera जी
राहुल ने जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए ज़ुल्म के मुद्दे पर पारा बढ़ाया! PM निवास स्थान के बाहर इस्तीफा दो के नारों के साथ प्रदर्शन! उम्मीद कीजिए आज शाम तक गोदी मीडिया इसे देश के साथ गद्दारी और पाकिस्तानी लिंक बता देगी!
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
छात्रों को पिटवाना गुंडागर्दी है- ऐसी गुंडागर्दी करने वालों को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो
📍 दिल्ली
टेक्सटाइल की रेस में भारत 18% टैरिफ की बेड़ियों में दौड़ेगा और बांग्लादेश 0% टैरिफ के खुले मैदान में।
PM का ट्रम्प की शर्तों के सामने surrender का ऐलान, भारतीय टेक्सटाइल के लिए मौत का फरमान है।
क्या हम रेस शुरू होने से पहले ही पीछे नहीं छूट रहे?
India–US Trade Deal ने 140 करोड़ भारतीयों का भविष्य गिरवी रख दिया।
युवाओं के रोज़गार दांव पर,
किसानों की फसल समझौते की मेज़ पर,
और ऊर्जा सुरक्षा विदेशी शर्तों पर!
कोई PM बिना भारी दबाव के ऐसे घुटने नहीं टेकता। भारत समझता है - यह समझौता बराबरी का नहीं, मजबूरी का है।
Epstein files से हो या Adani Case से - मोदी जी ने अपनी सत्ता बचाने की कीमत राष्ट्रीय हित से चुकाई है।
अमेरिका के न्याय विभाग के पास एपस्टीन से जुड़ी फाइलें हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। अडानी का केस चल रहा है, उसमें समन आए हैं। सरकार ने 18 महीनों से कोई जवाब नहीं दिया है। प्रधानमंत्री पर सीधा दबाव है। प्रधानमंत्री ने डेटा, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और किसानों के मामले में जो किया है, बिना दबाव के कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेगा।
~ राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
भारत की तेल ख़रीद पर अब अमेरिकी निगरानी क्यों होगी?
भारत किससे तेल खरीदेगा, किससे नहीं - यह हमारी ज़रूरतें तय करेंगी या अमेरिका की मर्ज़ी?
भारत को मुनाफे का व्यापार करने पर रोक लगाने की हिम्मत अमेरिका को किसने दी?
प्रधानमंत्री जी, भारत का हित और स्वाभिमान बेचते वक़्त ज़रा भी शर्म नहीं आई?
इतनी रंगी पुती छवि बनाई गई
56 इंच की छाती का ढिंढोरा पीटा गया
Strong man का स्वांग रचा गया
गुब्बारे में गैस भरी गई
और तीन महिला सांसदों ने गुब्बारे की सारी हवा निकाल दी!
फुस्स!
अरे आप तो वॉर रुकवाते थे, चीन को लाल आंख दिखाने वाले थे, शी जिनपिंग, पुतिन, ट्रम्प आपसे कांपते हैं - और आप तीन महिला सांसदों से डर गए?!
इस बेवक़ूफ़ी की चलाई स्टोरी से आपने अपना मज़ाक बना लिया है मोदी जी!
हाल ही उत्तराखंड में BJP सरकार ने 'मोहम्मद दीपक' पर मुकदमा दर्ज किया। जो सद्भावना की रक्षा के लिए खड़ा हुआ था। अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएगा, तो आम आदमी रक्षा के लिए कहां जाएगा?
जो शख्स झगड़ा सुलझाने के लिए जाता है, BJP के लोग उसी को धमकाते और मारते हैं।
इसीलिए मैं कहता हूँ- BJP के पास सहिष्णुता नहीं है।