विशुद्ध व्हाट्सएप फॉरवर्ड:
*_सवाल - जवाब_*
_सवाल_ - NEET का पेपर किसने लीक किया??
_जवाब_ - सिस्टम के अंदर के प्रोफेसरों ने।
_सवाल_ - ये किसके लिए लीक किया गया था?
_जवाब_ - कोचिंग माफिया के लिए।
_सवाल_ - प्रोफेसरों को पैसे किसने दिए?
_जवाब_ - कोचिंग माफिया ने।
_सवाल_ - पेपर लीक किसने पकड़ा?
_जवाब_ - सरकार ने।
_सवाल_ - बेकसूर छात्रों का करियर खराब न हो इसलिए दोबारा परीक्षा किसने करवाई??
_जवाब_ - सरकार ने।
_सवाल_ - कार्रवाई किसके खिलाफ होनी चाहिए??
_जवाब_ - उन प्रोफेसरों के खिलाफ जिन्होंने पेपर लीक किया और उस कोचिंग माफिया के खिलाफ जिसने लीक करवाया...
_सवाल_ - "Cockroach Janata Party", सोनम वांगचुक, अभीजीत दीपके और बाकी विपक्षी पार्टियां क्या मांग कर रही हैं??
_जवाब_ - शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
_सवाल_ - सेलिब्रिटी क्या चिल्ला रहे हैं?
_जवाब_ - शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
_सवाल_ - _क्या मीडिया में किसी एक भी व्यक्ति ने कोचिंग माफिया के खिलाफ बोला?.._
_जवाब_ - नहीं बोलेंगे, क्योंकि विज्ञापन देने वाले खुद कोचिंग माफिया हैं।
*_**_*_*_
*_Cockroach Janta Party (CJP) के बारे में_*
_सवाल:_ "कॉकरोच" शब्द किसने बोला था और किस संदर्भ में?
_जवाब:_ माननीय CJI ने निकम्मे, बिना मकसद और बिना मेहनत वाले युवाओं को "कॉकरोच" कहा था।
_सवाल:_ क्या CJI ने सरकार के किसी आदेश/सलाह पर "कॉकरोच" शब्द बोला था?
_जवाब:_ नहीं।
_सवाल:_ CJP किसने बनाई? क्या वो छात्र है? क्या वो भारत में रहता है?
_जवाब:_ अभीजीत दीपके। वो छात्र नहीं है, बल्कि एक मीडिया इन्फ्लुएंसर है जिसके कई और बिजनेस भी हैं। भारतीय होते हुए भी वो US में रहता है और मध्य जून में भारत लौटा है।
_सवाल:_ क्या अभीजीत दीपके ने CJI के खिलाफ एक शब्द भी बोला जिसने "कॉकरोच" शब्द कहा था?
_जवाब:_ कभी नहीं।
सोचने के लिए बस कुछ बिंदु 🌹🪇✨
गुप्ता परिवार के जवान बेटे को मार कर दिया था टांग,
अब ब्राह्मण बिटिया के बाजार में चिपकाए अश्लील पोस्टर,
बलरामपुर को बगदाद बनाना चाहे हैं छांगुर पीर के आज़ाद गुर्गे,
कुछ ही साल में अरबपति बने मौलाना रिज़वान और इशहाक पर एक्शन चाहता है जिले का हिन्दू,
बड़ी बहस 12pm #Exclusive में.
#Balrampur #Hinduphobia @balrampurpolice@dgpup@myogiadityanath
ताज महल का निर्माण इस प्रकार हुआ है जैसे किसी दूसरे इस्लामिक ढांचा का बिल्कुल नहीं |
अगर मिट्टी से बिना मिले किसी की कब्र नहीं बन सकती तो तक महल की दूसरी मंजिल पर कब्र कैसे बनी | 😡
देश का हिंदू इन पॉइंट्स को ध्यान में रक्षा विष्णु भाई को बैकअप दे दें तो इतिहास सही से लिख जाएगा |
यह फ्रेंच महिला फ्रांस के लियोन की रहने वाली है
6 महीने पहले इसके घर में एक ट्यूनीशियन मुस्लिम ताला तोड़कर घुसा इसके साथ रेप करने की कोशिश किया और इसके घर से सामान लेकर फरार हो गया
इस महिला को चोटे भी आई थी
फिर यह महिला एक स्थानीय टीवी चैनल से बात करते हुए घटनास्थल को दिखाया आपने चोट को दिखाया और इसने कह दिया कि अब फ्रांस में काले लोगों को अरबी मुस्लिम लोगों को गैर कानूनी तरीके से नहीं आने देना चाहिए और जो लोग आए हैं उन्हें बाहर निकलना चाहिए
तो फ्रांस का मुस्लिम समुदाय अरब समुदाय और ब्लैक समुदाय इसके खिलाफ कोर्ट केस कर दिया और उल्टे इस महिला को ही 3000 यूरो की फाइन और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई
फिर इस महिला ने लंबा मुकदमा लड़ा इसकी सजा तो सस्पेंड कर दिया गया लेकिन इसके ऊपर 1000 यूरो का जुर्माना लगा दिया गया
इस महिला को मुकदमा लड़ने में 10000 यूरो का खर्चा अलग से करना पड़ा
अब यह महिला अपनी पीड़ा बता रही है की अपनी व्यथा सुनाने पर भी हमें सजा दी जा रही है
धिक्कार ये ऐसे मुस्लिम जज पर
हिंदुओं क्या अब कानून में भी जिहाद चलेगा..?
14 गोरक्षकों को आजीवन कारावास
दिल्ली के तरुण खटीक से लेकर उदयपुर के
कन्हैया कुमार तक किस हत्यारों को सजा मिली?
अभी भी समय हे हिंदुओं फैला दो इस पोस्ट को
दिखाओ हिंदू एकता सभी की रिहाई करके रहेंगे
जज तबस्सुम ख़ान ने हमारे 14 गौ रक्षकों को उम्र क़ैद की सज़ा सुना दी गई।
जहाँ देश में खुलेआम गौतस्कर खुला घूम रहे है।
लेकिन सज़ा गौरक्षकों को।
@Vishnu_Jain1 भैया मदद करो।🙏
पूरी दिल्ली की गली गली घर घर जा कर बताएँगे
एक एक इंच भूमि सरकारी है एक एक कागज दिखाऊँगा
आरक्षित ग्रीन लैंड है और मुल्ला ने क़ब्ज़ा कर निगल गए सरकारी ज़मीन
कोई नेता मंत्री नहीं बोला
ख़ाली होने तक लड़ते रहेंगे हम
सबसे पहले राष्ट्रीयता का सिंहनाद करने वाले महाकविभूषण चाहते थे कि हिंदू जाति का गौरव बढ़े। छंदों में उन्होंने हिंदुओं की वीरता का बखान किया। महाकविभूषण की ब्राह्मण बाहुल्य जन्मभूमि टिकवांपुर की उपेक्षा बेहद अफसोस की बात है। #टिकवांपुर#छत्रपतिशिवाजी#महाराष्ट्र@RSSorg
चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला
🫵🏻
3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी।
आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी!
आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है।
सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है।
जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं।
1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई
2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली
3. रिहाई मंच
4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क
5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी
6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन
7. जमीयत उलेमा हिंद
जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए।
उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं।
जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए!
रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है।
दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं।
पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है।
सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी।
जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए।
ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके ।
आपका एक शेयर इस अवैध मस्जिद को ध्वस्त कर सकता है।
आदरणीय मुख्य्मंत्री @myogiadityanath जी,
इस जि हादी अतिक्रमण को तुरंत ध्वस्त करवाएं, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है।
बहुसंख्य हिन्दू समाज के लिए यह समय है बढ़-चढ़ कर #पासी_समाज के साथ खड़े होने का। फिर मत रोना, #महाकाल ने हम हिंदुओं को अवसर नहीं दिया!
संभव है, आपके आसपास का शिक्षित-संभ्रात हिन्दू नाक-भौ सिकोड़ता मिले? पासी समाज की उपेक्षा करे। पर आप दृढ़ता के साथ डटे रहना। हर जाति के गौरव में ही #हिन्दू_गौरव है।
#जय_पासी_समाज
#कसमण्डी_कला
मुल्ला असद ने की हिन्दू पिता-पुत्र की
हत्या सीआर पार्क दिल्ली मामला
पुलिस जाँच में हर बार की तरह पुरानी रंजिश और पैसे का लेन देन आया है
ऐसा कितना व्यापार कर रहे है हिन्दू - मुल्लाओ से
और कर रहे हो तो यही प्रसाद मिलेगा प्रतीक्षा करो
खुद पर कंट्रोल नहीं है, तो दूसरों की रोज़ी-रोटी पर वार क्यों? 😡
चाय नहीं पीनी तो आगे बढ़ो , कोई जबरदस्ती तो है नहीं।
लेकिन रोज़े में चाय दिखती है और मन डगमगाता है, इसलिए एक मेहनतकश चायवाले की दुकान बंद करवा देना—ये कहाँ का इंसाफ है? 😡
अपनी कमजोरी की सजा किसी गरीब को क्यों?
ये UP वाले बाबाजी हैं
जो न टोपी पहनते हैं ना पहनाते हैं...
न इफ्तारी करते ना ही किसी को कराते हैं
बाबा जी कन्या पूजन करते हैं और कन्याभोग कराते हैं
सबके प्यारे @myogiadityanath जी हमारे