वीडियो वायरल होने के बाद 2 ही चाजो की संभावना ज्यादा है या तो थोडे दिने मे सच्चाई बया करने के चलते मैडम के खिलाफ राजस्थान का शिक्षा विभाग कोई तगड़ा एक्शन लेने वाला है या फिर शिक्षामंत्री मदन दिलावर जी को अपना इस्तिफा ऐसे सिस्टम के मुंह पर फेककर मार देना चाहिए क्योकि कोई सिस्टम को कोई कितना ही गरियाले राजस्थान के इस भ्रष्ट सिस्टम मे कोई बदलाव होता नजर आ नही रहा है
माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में युवा इस बात को लेकर चिंतित है वेटिंग लिस्ट को एक साल तक वैध रखना युवाओं के हक में लिया गया एक क्रांतिकारी फैसला है। लेकिन इस भर्ती में काफी युवा अन्य भर्ती में भी चयनित हो रहे है,तो यह नियम अभी चल रही भर्ती में नहीं लागू हो रहा है, अगर लागू हो जाए तो यह न केवल प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाता है, बल्कि उन मेहनती युवाओं के सपनों को भी टूटने से बचाता है जो महज़ कुछ अंकों से चूक जाते हैं।
सरकारी भर्तियों में 'वेटिंग लिस्ट' की वैधता एक वर्ष करना युवाओं के भविष्य के हक में एक बड़ा फैसला हैं। सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है कि अब सरकारी नौकरियों में प्रतीक्षा सूची (Waiting List) एक साल तक मान्य रहेगी। यह कदम न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ाएगा, बल्कि बार-बार आवेदन और परीक्षाओं के चक्र से भी मुक्ति दिलाएगा।
चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में आवेदकों की संख्या सर्वाधिक होती है। यहाँ एक पद का मतलब सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार का सहारा होता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि सरकार इस नियम को Group-D भर्तियों में भी पूरी मजबूती से लागू करेगी।
जब अंतिम छोर पर खड़े युवा को इस प्रावधान का लाभ मिलेगा, तभी 'अंत्योदय' का संकल्प सही मायनों में साकार होगा।
@RajCMO@KumariDiya@BhajanlalBjp
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में युवा इस बात को लेकर चिंतित है वेटिंग लिस्ट को एक साल तक वैध रखना युवाओं के हक में लिया गया एक क्रांतिकारी फैसला है। लेकिन इस भर्ती में काफी युवा अन्य भर्ती में भी चयनित हो रहे है,तो यह नियम अभी चल रही भर्ती में नहीं लागू हो रहा है, अगर लागू हो जाए तो यह न केवल प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाता है, बल्कि उन मेहनती युवाओं के सपनों को भी टूटने से बचाता है जो महज़ कुछ अंकों से चूक जाते हैं।
सरकारी भर्तियों में 'वेटिंग लिस्ट' की वैधता एक वर्ष करना युवाओं के भविष्य के हक में एक बड़ा फैसला हैं। सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है कि अब सरकारी नौकरियों में प्रतीक्षा सूची (Waiting List) एक साल तक मान्य रहेगी। यह कदम न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ाएगा, बल्कि बार-बार आवेदन और परीक्षाओं के चक्र से भी मुक्ति दिलाएगा।
चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में आवेदकों की संख्या सर्वाधिक होती है। यहाँ एक पद का मतलब सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार का सहारा होता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि सरकार इस नियम को Group-D भर्तियों में भी पूरी मजबूती से लागू करेगी।
जब अंतिम छोर पर खड़े युवा को इस प्रावधान का लाभ मिलेगा, तभी 'अंत्योदय' का संकल्प सही मायनों में साकार होगा।
@RajCMO@KumariDiya@BhajanlalBjp
LDC भर्ती परीक्षा 2026 मे कुल पद 10644 जिसमे 8827 मे से OBC 21% आरक्षण देते तो 1853 पद होते लेकिन Ldc मे OBC को 15.62% आरक्षण दिया है यानि पद 1378 दिए गए...अब बेरोजगार स्टूडेंट्स लाइब्रेरी मे बैठकर पढ़ाई करे या अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़े...💔🥹
आखिरकार हर बार बेरोजगार स्टूडेंट्स के साथ अन्याय क्यो किया जाता है...🙄
पहले वनपाल मे मनमानी अब Ldc मे आरक्षण को लेकर मन मानी 21% आरक्षण OBC का संवैधानिक अधिकार है...✅️
Ldc मे 475 पद किस बात के काटे गए...जवाब दीजिए 🙄
आरक्षण व्यवस्था को तो देखिए!
10 हजार पदो की LDC भर्ती मे OBC को 21% आरक्षण की जगह 15% आरक्षण दिया गया😳 जिसके कारण OBC वर्ग के 475 पद कम कर दिए गए😲
सुपरवाइजर भर्ती मे SC को 16% आरक्षण होना चाहिए लेकिन उसको 0% आरक्षण दिया गया
Assistant Professor 2025 भर्ती मे SC/ST का आरक्षण आधा कर दिया गया ये घोर अन्याय सरकार द्वारा संस्थागत तरीके से किया जा रहा है
- मनीष यादव
OMR घोटाले को लेकर आखिर कब होगी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी?
मुख्यमंत्री जी अपने भाषणों में लगातार पूर्ववर्ती सरकार को कोसते नज़र आते हैं, लेकिन प्रदेश का युवा आज एक सीधा और जायज़ सवाल पूछ रहा है—
जनवरी 2025 में SOG में दर्ज FIR के बावजूद मुख्य आरोपी अनिल चौधरी की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई?
तत्कालीन कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष से पूछताछ कब तक होगी?
मुख्यमंत्री जी, आपकी कथनी और करनी का अंतर अब प्रदेश का युवा भली-भांति समझ चुका है। आपकी मंशा पेपर लीक माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने की नहीं, बल्कि उन्हें बचाने की प्रतीत हो रही है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आज आप ही पेपर लीक माफियाओं पर ठोस कार्रवाई के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बनते नज़र आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल जी, SOG में मात्र 45–50 अधिकारियों के भरोसे इतने बड़े और संगठित पेपर लीक माफिया से कैसे लड़ा जा सकता है? इतनी सीमित संसाधनों वाली एजेंसी से निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद करना अपने-आप में सवाल खड़े करता है। अब तो यह शंका भी गहराने लगी है कि कहीं आपकी ही पार्टी से जुड़े लोग इस पेपर लीक घोटाले के घेरे में तो नहीं हैं—इसीलिए आप पूरे मामले की CBI जाँच से बच रहे हैं।
प्रदेश के युवाओं ने आपको सत्ता इसलिए सौंपी थी कि आप पेपर लीक पर सख़्त लगाम लगाएंगे, लेकिन इस मोर्चे पर आपकी सरकार पूरी तरह विफल नज़र आ रही है।
मुख्यमंत्री जी, यदि आप वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर हैं, तो प्रदेश के युवाओं की मुख्य और स्पष्ट माँगें ये हैं—
•OMR घोटाले की CBI जाँच कराई जाए
•कर्मचारी चयन बोर्ड का पुनर्गठन किया जाए
•बोर्ड अध्यक्ष से तत्काल इस्तीफ़ा लिया जाए
अगर आप सच में युवाओं के हित में काम करना चाहते हैं, तो इन माँगों को तुरंत पूरा करें।
अन्यथा आपकी बीजेपी सरकार और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कोई वास्तविक अंतर नहीं रह जाएगा।
प्रदेश का युवा समझदार है—
और वह इस विश्वासघात के दूरगामी राजनीतिक परिणाम देना भी जानता है। @narendramodi@AmitShah@NitinNabin@BhajanlalBjp@RajCMO@blsanthosh@VasundharaBJP@alokrajRSSB@Rajendra4BJP@madanrrathore@BJP4Rajasthan
#अलोक_राज_इस्तीफा_दो
मिस्टर आलोक राज जी आप बोलते हो बच्चे फर्जीवाड़े के सबूत लाए..छात्र पढ़े या सबूत लाए..आप कुर्सी छोड़ दीजिए सबूत आ जाएंगे..अधीनस्थ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हरिप्रसाद ने भी जमकर फर्जीवाड़ा किया था..जब तक चेयरमैन रहा तब तक किसी ने फर्जीवाड़े के जांच की मांग नहीं उठाई..इस्तीफा देने के बाद PTI भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की जांच चल रही है.. अनेक फर्जी पकड़ने में आ रहे है..आपकी तरह हरिप्रसाद भी बहुत ईमानदार बनने का ढोंग करता था ।
@alokrajRSSB
#चतुर्थ_श्रेणी_कर्मचारी_भर्ती