नौकरियां देने वाले पूरे कुएं(जेपीएससी) में ही भांग वाली स्थिति है।
जेपीएससी बैकलॉग परीक्षा की पीटी में एक अभ्यर्थी में अपने OMR शीट में 100 में 32 जवाब दिए। आंसर की से मिलान पर महज 15 जवाब सही मिला।
लेकिन 6 जुलाई को परिणाम आया तो अभ्यर्थी सफल था।
क्या अभय तिवारी ही जेपीएससी का गॉड था? या उसकी भूमिका महज प्यादे की थी? सवाल कई हैं?
@Akhilesh31922@DipikaPS@HemantSorenJMM झारखंड में बीडीओ सीओ का नौकरी खुले आम बेच रही है @DipikaPS जी का आवाज इसपर जू तक नहीं रेंगेगा श्रम आना चाहिए ये लोग को गरीब छात्र दिन रात एक कर देता है पढ़ने के लिए और ये लोग सरकार और आयोग दोनों मिलकर सीट बेच देते है जब omr को अंदर से रंगाया जाता है तो स्टूडेंट्स क्या ही करे
JPSC Backlog :
100 में महज 32 सवालों के जवाब दिए अभ्यर्थी ने,15 जवाब सही मिले और प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण
NEET पे तो आप @DipikaPS पूरा लिखे जा रही अच्छी बात है लेकिन ये जो झारखंड में हो रहा है इसपे चुपी क्यों
झारखंड के बच्चों का दर्द, तकलीफ नहीं दिख रहा है
@HemantSorenJMM
JPSC घोटाले का तार JSSC तक पहुंच गया है इसीलिए "JPSC- JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान शुरू प्रथम चरण के आंदोलन "अनिश्चितकालीन सत्याग्रह" आज दिनाँक 25/07/2026 , समय- 11:00 बजे दिन मोरहाबादी रांची से शुरू, ज्यादा से ज्यादा संख्या में छात्र पहुँचें । छात्रों द्वारा आहूत आंदोलन को पूर्ण रूप से समर्थन करता हूँ।
@JharkhandCMO@Tigerjairam
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi shared a video on his Instagram handle;, "Thanks to the youngsters who watched my video yesterday and sent insightful suggestions."
He says, "Thank you friends. I had the opportunity to meet you late last night. I appreciate the way you responded to my video and your positive suggestions. Thanks to everyone..."
(Source: Narendra Modi/Instagram)
JPSC मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी को रांची पुलिस अप्रैल महीने में भी एक मामले में गिरफ्तार की थी लेकिन सात दिन में ही वह जेल से बाहर निकल गया था। फिलहाल वह बेल पर ही था।
झारखंड के होनहार युवाओं के भविष्य को भ्रष्टाचार की दीमक चाट रही है!!
#JPSC के तीन सदस्य: डॉ. अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद इंटरव्यू लेते हैं और यही नंबर मेरिट तय करते हैं!!
लेकिन सच्चाई देखिए—सदस्य जमाल अहमद खुद आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से घिरे हैं और उनकी 2008 की व्याख्याता नियुक्ति का मामला खुद CBI जांच के दायरे में है!!
जो दागदार हैं, वही युवाओं की तकदीर लिख रहे हैं!!
वर्तमान सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को अपनों और दागियों को उपकृत करने का अड्डा बना दिया है!! जो सामने आया है वो तो सिर्फ ट्रेलर है, असली कहानी बहुत गहरी है!! झारखंड के युवाओं के सपनों की इस संगठित लूट को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!!
इस पूरे तंत्र की निष्पक्ष CBIजांच होनी ही चाहिए!!
@JharkhandCMO@AmitShah
JPSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले में CID ने एक SIT का गठन किया है। आज TDPL एजेंसी के 3 और लोग प्रदीप सिंह, संजय कुमार और हेमंत वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। CID ने आज रांची के दो होटल में भी छापा मारा है। साथ ही पहले से गिरफ्तार 5 लोगों को पूछताछ के लिए 5 दिनों पर रिमांड पर भी लिया है।
आज उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल हुआ तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि -
- उत्पाद सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का काम करें। साथ ही विभाग अंतर्गत ASI एवं अन्य सभी रिक्त नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करने का का करें।
- झारखंड राज्य बीवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड का दायरा बढ़ाने का काम करें।
- नई तकनीकों का उपयोग कर राजस्व बढ़ाने का प्लान सबमिट करें।
- जरूरी सभी नीतियों को बनाने का काम करें।
- अवैध रूप से चल रहे स्थानों पर अंकुश लगाने करें।
उपरोक्त के साथ साथ कई अन्य दिशा निर्देश भी विभाग को दिए
बड़ी खबर : केंद्रीय कैबिनेट ने नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच पेपर लीक संसोधन विधेयक को मंजूरी दी है। कैबिनेट की मीटिंग में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट-2024 को और सख्त बनाने का फैसला किया है। अगले सप्ताह मानसून सत्र के दौरान संशोधित विधयेक को संसद में पेश किया जा सकता है। इस बिल में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना जैसे प्रावधान होंगे। इसके अलावा बिल के जरिये स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट लीगल बैंकिंग मिलेगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट को यह अधिकार होगा कि वह 3 महीने में जांच करके फैसला दे।
JPSC के तीन सदस्य है:
▪️डॉ अनिमा हांसदा
▪️अजीता भट्टाचार्य
▪️जमाल अहमद
अजीता भट्टाचार्य, JMM महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं।
जमाल अहमद पर आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित की हैं। जमाल अहमद की 2008 की व्याख्याता नियुक्ति से जुड़ा मामला CBI जांच के दायरे में है।
तीनों सदस्य इंटरव्यू लेते हैं, जिसका नंबर मेरिट में जुड़ता है। आप आप सोच सकते हैं कि JPSC में क्या चल रहा है।
जो सामने आ गया वो कुछ नहीं है, बहुत कहानी कभी बाहर नहीं आने वाला।
आज मुझे बताया गया की जेपीएससी में जाँच ये शराब घोटाले के तरह ही छलावा है। असली मास्टरमाइंड तो मुख्यमंत्री आवास में बैठा है।
सीआईडी किस तरह से कारवाई करती है, यह भी सर्वविदित है। जांच की बजाय सबूतों को नष्ट करने का प्रयास कर रही है, ताकि मुख्यमंत्री तक जांच की आंच न पहुंचे। JPSC परीक्ष नियंत्रक और अन्य लोगों को हिरासत में लिया जाना ध्यान भटकाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, भ्रष्टाचार को आपने शिष्टाचार बना दिया है, आपका फार्मूला जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी वो उतना बड़ा अधिकारी। यदि आपमें हिम्मत है तो तत्काल JPSC अध्यक्ष श्री खयानते को हिरासत में ले लेकिन वो आप कर नहीं सकते, आपने तो इनको मुख्य सचिव के पद पर एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था लेकिन भला हो केंद्र सरकार का जिसने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय बंद कीजिए। दिखावटी जांच से सच सामने नहीं आएगा। JPSC से जुड़े पूरे प्रकरण और श्री खयानते के पूरे कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच CBI को सौंपी जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके, और युवाओं को न्याय मिल सके।
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