रावण में लाख बुराई थी लेकिन वो कभी Iphone के लिए ऐसे लाइन में नहीं खड़ा है……
अभी एक दिन के लिए ये गैस की लाइन में ऐसे खड़े हो जाएं तो देश में भूकंप ला देंगे
लेकिन यहाँ पूरा रईसी वाला फ़ील
When are Indian roads gonna be free of idiots who’d put others’ lives in danger for their entertainment?
First that Kalyan Bainsla and now these chhapris
गौरव पिछले 7/8 साल से Policybazaar के ज़रिए ली गई Niva Bupa पॉलिसी का प्रीमियम भर रहे हैं।
पिछले साल उन्हें पैनक्रियाटाइटिस डिटेक्ट हुआ।
एलोपैथिक की बजाय आयुर्वेदिक इलाज चुना, उत्तराखंड के रुद्रापुर में 21 दिन एडमिट रहे।
डिस्चार्ज से पहले ही कंपनी को कॉल करके बता दिया था, Policy Bazar केयर मैनेजर से मांगा तो 5 दिन तक कोई जवाब नहीं आया।
सारे डॉक्यूमेंट्स दिए
इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट्स, डिस्चार्ज समरी, बिल्स भी टाइम पे भेजे, क्लेम रजिस्टर हुआ, वेरिफिकेशन टीम घर भी आई।
फिर भी 30 से 32 दिन बाद क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया।
रीजन दिया गया कि जस्टिफाई नहीं कर पाए हॉस्पिटल क्यों नहीं गए।
जबकि पॉलिसी में साफ लिखा है, 24 घंटे एडमिट होने पर आयुष ट्रीटमेंट (आयुर्वेदिक/यूनानी/होम्योपैथिक/नेचुरोपैथी) कवर है।
बार बार वही डॉक्यूमेंट्स मांगे गए, 20+ मेल किए गए, ग्रीवेंस पोर्टल पे 4 बार क्लेम रीकंसीडर डाला गया, अब बीमा लोकपाल में कंप्लेंट है।
2 लाख का खर्चा, हर महीने 19 हज़ार की मेडिसिन और महीनों से सिर्फ मेंटल हैरासमेंट मिल रहा है।
Policybazaar के एजेंट खुद कहते हैं हम सिर्फ दलाल हैं, क्लेम अप्रूवल से हमें मतलब नहीं।
8 साल का भरोसा, एक जेन्युइन क्लेम के लिए इतनी हैरासमेंटयही है।
Niva Bupa और Policybazaar का असली चेहरा।
मैं दो बार और भी इनके लिए आवाज़ उठा चुका हूं, कंपनी वाले मैसेज कर देते हैं कि काम हो जाएगा लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ।
#गुरुग्राम के DLF बिल्डर की गुंडागर्दी देखिए....मीडिया को गोल्फ कोर्स रोड पर वीडियो बनाने से रोक रहे है बोलते है ये DLF का निजी रोड है....पिछले दिनों मैराथन में भाग लेने वाले एथलीट को भी रेस लगाते समय रोका था....प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए....
#DLF#DLF_Security#Gurugram@DC_Gurugram@cmohry
This is not road rage.
This is patriarchy ingrained in the mind of a deranged human. How dare a woman riding a bike, challenge this man's ego..
It is this derailed mindset of Haryana, Western Uttar Pradesh & parts of Punjab, which is responsible for such misogynist attitude..
देवोलिया, अजमेर (राजस्थान) जैन मन्दिर की दीवार पर वर्ष 1715 में अंकित शिलालेख में देवगुढा के शासक महारावल श्री पृथ्वीसिम्हा शासनकाल में जैन समाज के सरैया व जीवराज के निवेदन पर वर्ष में #Jain पर्युषण पर्व के 18 दिन व अन्य 26 दिन में मिल मालिकों ने मिल बंद करने का निर्णय लेना अंकित है।
शिलालेख में मिलें बंद करने के 44 दिनों में जैन पर्युषण पर्व के 18 दिन, 9 दिन चेत्र, 9 दिन असौज और 8 दिन असाढ़ के अंकित है!
👉🏽 अजमेर के राजपूताना संग्रहालय की वर्ष 1935-40 की रिपोर्ट में प्रामाणिक जानकारी पढ़ें।
ये हिट एंड रन नहीं... हिट एंड किल है 🖐️
गुरुग्राम में पहले महिला बाइक राइडर को वर्ना कार में बैठे 4 लफंगों ने छेड़ा, गंदे गंदे इशारे किये
जब लड़की ने ऐसा करने से रोका और जाने को कहा तो हैवानों ने उसकी बाइक में कार से जोरदार टक्कर मारकर उसपर जानलेवा प्रयास किया..
@gurgaonpolice ✍️
मुंबई में सुपरकार रैली के चलते ट्रैफिक जाम।
एक महिला बेबस होकर कह रही थी:
"प्लीज़ जाने दीजिए… घर में इमरजेंसी है।"
सामने अमृता फडणवीस मुस्कुराती हुई खड़ी हैं।
VIP रैली ज़रूरी थी या उस महिला की इमरजेंसी?
मुनिश्री ने कहा शिखरजी असुरक्षित नहीं है फिर जो हुआ
शिखर जी के लिए बन गई है एक बहुत अच्छी कार्ययोजना! 🛕
मुनिश्री ने सभी से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इसमें थोड़ा समय लगेगा, लेकिन शिखर जी कहीं भी असुरक्षित नहीं है। 🙏
#shikharji#tirth#jainism#shikharjibachao
@Cyberdost@DCP_IFSO@DCP_SHAHDARA मो.न./व्हाट्सएप न. 9516183692 (ट्रू कॉलर नाम अंशिका पाठक) द्वारा इसी मो.न. की सेंट्रल बैंक की UPI 9516183692@centralbank (सचिंद्र जैन) की आईडी से 15000 रुपए की राशि 7 सितंबर 2026 को सांय 7.16 बजे (UPI 314156867103) फ्राड करके ट्रांसफर कराई गई है।
साइबर क्राइम में शिकायत न. 30809260080344 पंजीकृत किया लेकिन अभी तक कार्यवाही की कोई सूचना नहीं?
@HDFC_Bank बैंक ने केस न. 118541898 पंजीकृत कर 29 अक्टूबर 2026 तक कार्यवाही का मेसेज किया?
फ्रॉड करने वाले का मो. नम्बर, व्हाट्सएप नम्बर और UPI नंबर उपलब्ध है, तो उसे गिरफ्तार करने में देरी क्यों?
@CPDelhi@DelhiPolice@HDFCBank_Cares@centralbank_in@CrimeBranchDP
देश की राजधानी दिल्ली में कल एक हिंदू परिवार अपनी दो हिंदू बच्चियों सहित महरौली क्षेत्र में बने कुतुब मीनार को देखने के लिए गया था | परिवार ने बाकायदा टिकट ली और अंदर घुसने वाली लाइन में खड़े हो कर अंदर जाने की शुरुआत करी तभी सिक्योरिटी गार्ड ने परिवार को रोका और बच्चों को अलग खड़ा कर दिया |
बच्चों को सिर्फ इसलिए रोक कर लाइन से अलग हटा दिया गया था क्योंकि बच्चियों ने जन्माष्टमी के महौल के अनुसार राधा रानी जैसी ड्रेस पहनी हुई थी जो सिक्योरिटी दे रही टीम को पसंद नहीं आई | मतलब अब हिंदुओं के ही देश में हिंदू बच्चियों अगर धार्मिक ड्रेस पहन कर किसी धरोहर को देखने जाना चाहती हैं तो उनको देखने नहीं दिया जायेगी |
ठीक इसी प्रकार हिंदुओं की बच्चियों और महिलाओं का शोषण तब होता है जब किसी कंपीटीशन का पेपर देने के लिए बच्चियां एग्जाम सेंटर पर जाती हैं तब हिंदू महिलाओं के मंगलसूत्र | बिंदी और लड़कियों के कलावा तक उतरवा लिए जाते है पर मजहबी महिला का हिजाब तक उतरवाने की किसी की हिम्मत नहीं होता |
आज इस कांड को देख जितनी गुस्सा सिक्योरटी गार्ड पर आ रही है उतनी ही आस पास खड़े हिंदुओं पर जो सनातन का अपमान देखते रहे पर इक्ट्ठे हो कर दो शब्द परिवार के समर्थन में नहीं बोल पाए | अगर बोल दिए होते तो परिवार अकेला संघर्ष नहीं करता और हमको पोस्ट नहीं करनी पड़ती |
लेकिन हिंदू तो सिर्फ सरकार के विरोध में बोलता है | दूसरी जातियों को टारगेट करना हो तब बोलता है | अपनी जाति को महान बताना हो तब जोर जोर से बोलता है | पर जब खुले आम हमारी संस्कृति का विरोध करा जाता है तब एक शब्द तक नहीं बोल पाता | क्योंकि तब एजुकेटेड बन कर अपना स्टेटस दिखाता है |
आज इस कांड को देख कर मन बहुत दुखी और गुस्से में भी है | हिंदुओं अगर जरा सी भी शर्म बची हो तो इस मुद्दे पर विरोध जरूर जता देना | और दूसरे हिंदुओं को सोशल मीडिया के माध्यम से बता देना कि देखो किस किस तरह की योजना बनाई जा रही हैं अभी से हमारे बच्चों को सनातन के विरोध में खड़ा करने की |
क्योंकि आज जिन बच्चों को राधा रानी की ड्रेस पहन कर अंदर जाने से रोका गया है | आगे आगे इन बच्चों के दिमाग में यही हेजीटेशन रहेगा कि फिर से कोई सनातन विचारों का प्रदर्शन करा तो ऐसा न हो हमको लाइन से अलग कर दिया जाए |
@HMOIndia
VIP संस्कृति से ऊपर इंसान की जिंदगी होनी चाहिए...
जब किसी वीआईपी के लिए सड़क रुक जाती है,आम लोगों के बारे में कौन सोचता है
खासकर उस आपातकालीन एम्बुलेंस के बारे में जिसमें किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाया जा रहा हो
जिसकी जान समय पर अस्पताल पहुंचने पर निर्भर करती है?
वीआईपी नहीं तो विशेषाधिकार नहीं
सड़क सबकी है और एम्बुलेंस को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए
अगर कोई एम्बुलेंस आ रही हो तो सुरक्षित रूप से रास्ता साफ करें
यह किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो अक्सर आम आदमी को भूल जाती है
इस पर सवाल उठाना जरूरी है
क्योंकि चुप रहना हमेशा समाधान नहीं होता
शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा दिखाने वाला भी होना चाहिए। 🙏📚
अपने अनुभवों और संस्कारों से शिक्षक बच्चों के दिल और दिमाग को दुरुस्त कर उनके भविष्य को बेहतर बना सकता है।
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