बड़ी अपडेट : राजा भैया ने UGC विरोध में बड़े आंदोलन करेंगे।आज के बैठक में राजा भैया ने सवर्णों के प्रत्येक मुद्दे पर सड़क से संसद तक लड़ने का ऐलान कर दिया।शुरुआत प्रयागराज की पावन धरती से होने की पूरी उम्मीद है।😡
सवर्णों अब कमर कस लो,अन्याय के खिलाफ हल्ला बोलो,अपने शक्त��� का प्रदर्शन शुरू करो।
अब UGC का खुलकर विरोध होगा 🔥🤟
हक मांगा नहीं जाता बल्कि लड़कर लिया जाता है
जो भी UGC के विरोध में हैं, स���थ जुड़े
एक साथ मिलकर इस काले कानून को खत्म करेंगे
सामान्य वर्ग के समस्त संगठन एवं सामान्य वर्ग के तहत आने वाले समस्त जातीय संगठनों ने यूजीसी द्वारा लगाए गए काले कानून के विरोध का शुभारंभ कर दिया है।
#UGC_RollBack
Tomorrow, we will move the Supreme Court against the arbitrary minus-40 marks cutoff in NEET-PG admissions.
Let the nation know how reservation is spoiling the future of India.
कल से हर एक भाजपाई सवर्ण मंत्रियों को उनकी चुप्पी पर प्रश्न पूछे जाएँगे। इन्हें वोट तो चाहिए बाकी समय मोदी जी के स्टोल के नीचे मुँह छुपा लेते हैं।
आरंभ मेरे सांसद @girirajsinghbjp से होगा:
गिरिराज सिंह जी, आपका इस UGC प्रकरण पर क्या स्टैंड है? भूमिहारों का वोट तो प्रचुर मात्रा में आपको मिलता रहा है, अब उनके बच्चों को कॉलेज की जगह जेल में डालने की योजना पर आप चुप क्यों हैं? आप तक जानकारी नहीं पहुँची हो, तो हम बता दे रहे हैं।
आपको किसका भय लगता है? @dpradhanbjp आपका क्या उखाड़ लेगा? डरपोक है, ��ससे तो अपने मंत्रालय के अधिकारी नहीं सँभलते, UGC के लोगों से यह भय खाता है। कायर आदमी है। आप इससे डर गए?
महाराणा प्रताप जैसे युगपुरुष की प्रतापशील स्मृति को केवल एक दिवस में बाँधने की चर्चा ही असंगत लगती है। उनकी पुण्यतिथि को लेकर 19 और 29 जनवरी का असमंजस भले ही बना रहे, पर मेरे लिए इस प्रश्न ने कभी महत्व नहीं रखा क्योंकि जिनका जीवन ही स्वाभिमान की अखंड साधना था, उन्हें स्मरण करने के लिए प्रत्येक दिन स्वयं में एक पर्व है। महाराणा प्रताप इतिहास का मात्र एक स्वर्णिम अध्याय नहीं हैं, बल्कि अन्याय तथा वर्चस्ववाद के विरुद्ध खड़े हर सजग मनुष्य की चेतना का नाम हैं। शौर्य, स्वाभिमान तथा राष्ट्रधर्म के प्रतीक महान महाराणा प्रताप को सादर प्रणाम 🙏🏻
महान शूरवीर महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। महाराणा प्रताप जी का जीवन स्वाभिमान, बलिदान और मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी वीरता और शौर्य गाथा से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
जब मुग़ल आतंकवादी, विदेश�� लुटेरे और अय्याशी में डूबा अकबर अपनी विशाल फौज के घमंड में चूर था, तब मेवाड़ की धरती से निकले एक सिंह ने झुकने से साफ़ इंकार कर दिया।
हल्दीघाटी की रणभूमि में साधन कम थे, भूख थी, जंगल थे, लेकिन जो नहीं था वह था आत्मसमर्पण।
जंगलों में जीवन बिताकर, घास की रोटियाँ खाकर भी जिसने स्वाभिमान नहीं छोड़ा, जिसने स्पष्ट कहा कि शीश कट सकता है पर झुकेगा नहीं, वही थे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप।
ऐसे अदम्य साहस, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में शत शत नमन एवं श्रद्धांजलि। 🚩
उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए UGC के नए नियम तनाव बढ़ाने का कारण बनेंगे ,यह तय है ---जांच समिति इसलिए बननी चाहिए कि क्या कोई छात्र किसी दूसरे छात्र को परेशान तो नहीं कर रहा ---- न की केवल सवर्ण छात्रों की जांच -पड़ताल के लिए --- परेशान कोई भी किसी को कर सकता है -- पिछड़ा भी और सवर्ण भी --- यहाँ तराजू ठीक रखा जाना चाहिए ----
हूं लड्यो घणो हूं सह��यो घणो, मेवाड़ी मान बचावण नै।
हूं पाछ नहीं राखी रण में, बैर्यां री खात खिडावण में।।
अपने अदम्य साहस, अटूट स्वाभिमान और अप्रतिम वीरता से राजस्थान के स्वर्णिम इतिहास को गौरव प्रदान करने वाले मेवाड़ रत्न, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
महाराणा प्रताप जी ने जीवन भर मातृभूमि की आन-बान-शान की रक्षा हेतु संघर्ष किया और विपरीत परिस्थितियों में भी कभी स्वाभि��ान से समझौता नहीं किया। उनकी राष्ट्रभक्ति, पराक्रम और त्याग की अमर गाथाएं सदैव देशवासियों ��ो प्रेरणा देती रहेंगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए शौर्य और आत्मसम्मान का मार्गदर्शन करती रहेंगी।