लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण नींव अगर कुछ है तो वह है accountability and transparency। हमारी राजेंद्र नगर विधानसभा में, हमने मोहल्ला सभा WHATSAPP GROUP बना कर पारदर्शिता की एक मिसाल कायम की है।
इस प्रेरणा का श्रेय हमारे नेता अरविंद केजरीवाल जी को जाता है, जिन्होंने इस देश में RTI लाकर शासन में transparency की ऐतिहासिक नींव रखी। आम आदमी पार्टी हमेशा जनता को जवाबदेह रही है और रहेगी, क्योंकि हम एक कट्टर ईमानदार पार्टी से आते हैं।
इसीलिए, दिल्ली की जनता एक बार फिर से अरविंद केजरीवाल जी को चौथी बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने जा रही है।
भगवान सूर्य की उपासना के महापर्व छठ पूजा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। छठी मईया सबके जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली लाएँ और आपकी सभी मनोकामनाएँ पूरी करें।
जय छठी मइया।
मनीष सिसोदिया को आख़िरकार ज़मानत मिल गई
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को ज़मानत दी
दिल्ली शराब नीति मामले में CBI और ED दोनों मामलों में जमानत
26 फरवरी 2023 को मनीष सिसोदिया को CBI ने, फिर 9 मार्च को ED ने गिरफ़्तार किया था
530 दिन/17 महीने से ज़्यादा जेल में रहने के बाद मनीष सिसोदिया जेल से बाहर आएंगे
साल 2013 की बात है. मैं ‘आजतक’ न्यूज़ चैनल में हुआ करता था. तब कभी-कभी किसी पॉलिटिकल शो के सिलसिले में तत्कालीन सत्ताधारी काँग्रेस के सीनियर लीडर्स से मिलना हो जाता था. उस दौरान एक बात लगभग सभी बड़े नेताओं में नोट कर रहा था~ ‘9 साल सत्ता में रहने के बाद लगभग सभी में बला का arrogance आ गया था, एक ठसक सी आ गई थी.’ उन्हें लगने लगा था कि ‘अब उनका तख़्त कोई नहीं हिला सकता, कोई है ही नहीं, जो उन्हें तख़्त से उतारे.’ पर ऐसा नहीं हुआ. वे लोकतंत्र के हाथों खदेड़े गए और बेहतरीन तरीक़े से खदेड़े गए.
आज की सत्ताधारी बीजेपी को भी 9 साल हो गए हैं. वही arrogance, वही ठसक इस सरकार के सीनियर्स में भी दिखने लगी है. वही, इनकी देखा-देखी, नीचे काम कर रहे कार्यकर्ताओं में भी आ गई है. इन्हें लगने लगा है कि ‘अब इनका तख़्त कोई नहीं हिला सकता, कोई है ही नहीं, जो इन्हें उनके तख़्त से उतारे.’ पर ऐसा नहीं है.
यह देश सिर्फ़ ‘नेत्रहीन समर्थकों’ का ही देश नहीं है, बल्कि सोचने-समझने वाले नागरिकों का देश भी है. यदि यही arrogance, यही ठसक बरक़रार रही तो प्रजातंत्र के हाथों यह भी खदेड़े जाएँगे और बेहतरीन तरीक़े से खदेड़े जाएँगे. याद रहे, कई राज्यों में खदेड़े भी गए हैं. क्योंकि यह देश आज भी लोकतंत्र की ताक़त और उसकी मज़बूत बुनियाद पर खड़ा है. इसकी ज़मीन के नीचे की हलचल कभी-कभी धरातल के शोर में दब जाती है, पर जब यही हलचल तेज़ हो जाती है तो फिर धरातल पर सिर्फ़ बदलाव आता है और कुछ नहीं.
स्मरण रहे कि हम जिस संसार में रहते हैं उसे ‘जगत्’ भी कहते हैं, जहाँ सब कुछ गतिमान है. कुछ भी ठहरा हुआ या स्थायी नहीं. सबको चलते रहना है. यहाँ देह से दुनिया तक, चला-चली का अद्भुत चलन है, और इस चलन में जो ठीक से नहीं चलेंगे, वे एक दिन चलते कर दिए जाएँगे. जय हिन्द. 🇮🇳
अब एकजुट होगा देश,
‘लोकतंत्र की मज़बूती’ ही हमारा संदेश !
श्री @RahulGandhi और हमने आज बिहार के मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar के साथ वर्तमान राजनैतिक स्थिति पर चर्चा कर, देश को एक नई दिशा देने की प्रकिया को आगे बढ़ाया ।