This is not a very complicated scenario. The BJP has only two options:
1. Stand by Amit Shah. Stand by the police action against students. And pay the political price.
2. Sack Amit Shah and save face to some extent.
There is no other way.
संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी है, विपक्ष की नहीं।
आज अरुण जेटली जी और सुषमा स्वराज जी के वे तमाम वक्तव्य याद आ रहे हैं, जब वे कहा करते थे कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सदन चलाए और विपक्ष की बात सुने।
लेकिन आज स्थिति यह है कि सरकार सदन के भीतर भी सच से बच रही है और सदन के बाहर भी जवाब देने से कतरा रही है, और फिर उम्मीद करती है कि विपक्ष बिना सवाल पूछे हर बात में सहयोग करता रहे।
हम तो हर मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन सहयोग का मतलब यह नहीं कि जनता के सवालों पर चुप्पी साध ली जाए।
आज छात्रों का इतना बड़ा आंदोलन हुआ, छात्रों पर बेरहमी से कार्रवाई हुई, उन्हें पीटा गया। ऐसे गंभीर मुद्दे पर क्या देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे संसद में आएं, विपक्ष के सवालों का सामना करें और देश को जवाब दें?
संसद बहस से चलती है, सवालों से चलती है, जवाबदेही से चलती है—
सवालों से भागकर नहीं।
सरकार को यह समझना होगा कि विपक्ष का काम सरकार की वाहवाही करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बनकर सरकार से जवाब मांगना है।
मैं तो सोचता था स्मृति ईरानी जी कुछ ना कुछ वक्तव्य बोलकर जाएंगी, एक स्वयं महिला हैं। लेकिन वो तो बहुत डरपोक निकलीं। 64 करोड़ में से 65% लोगों ने आपके अगेंस्ट वोट दिया है। और मोदी जी वोट चोरी की सरकार चला रहे हैं। बनारस भी हारे थे मोदी जी। किस बात की दुहाई दे रहे हैं आप? ये सेना और वर्दी के पीछे छिपना बंद करो अब। जवानों की शहादत पे झूठ बोलती है सरकार संसद में, और फिर सेना और वर्दी की दुहाई देती है।
दुर्भाग्यपूर्ण है, आज उन्होंने कहा कि अमित शाह जी माहिर हैं। हमें पता है भई माहिर हैं वो। तभी तो छुपे बैठे हैं। कितने माहिर हैं पूरे देश को पता है और किस-किस चीज़ में माहिर हैं वो भी पूरे देश को पता है। मतलब विपक्ष माफ़ी मांगे, फलाना माफ़ी मांगे... और वो जो, कंगना रनौत ने इतनी गंदी स्टेटमेंट दी है, उसपर भाजपा माफ़ी ना मांगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस जो व्यक्ति 12 साल में नहीं कर सका हो, कितने कमज़ोर प्रधानमंत्री हैं हमारे, पूरा देश देख रहा है। संवाद की बात कर रही थीं, कौन सा संवाद किया है उन्होंने छात्रों से? आके कैमरा लगा के, वीडियो बना के, उसमें एक शब्द नहीं बोल पाए। जिस तरह से बच्चों के साथ पिटाई हुई, उसके लिए एक शब्द नहीं बोल पाए। अरे जो पुलिस, जिन्होंने महिलाओं के कपड़े फाड़े, बच्चियों के कपड़े फाड़े... डंडा जिन्होंने गुप्तांगों में डालने का प्रयास किया... ये प्रधानमंत्री और ये गृह मंत्री उसके खिलाफ एक्शन नहीं ले सकते?
मुझे लगता है इससे कमज़ोर सरकार आज तक नहीं आ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा है कि कोलगेट में कोई घोटाला नहीं हुआ, जिसकी वजह से आप लोगों ने इतना बवंडर किया। क्या भाजपा आज माफ़ी मांगेगी? क्या अभी आप माफ़ी मांगेंगे? हिंदुस्तान का मीडिया माफ़ी मांगेगा? हम लोगों को किस तरह से बदनाम किया गया। सारा-सारा दिन, दो-दो घंटे, तीन-तीन घंटे शो चलते थे। अगर आप सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं, तो सबको माफ़ी मांगनी चाहिए जिन्होंने आरोप लगाए थे। दुर्भाग्य ये है कि 2014 बैच के जो पेपर लीक के लोग थे, वो बरी हो गए।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @Aloksharmaaicc जी
निशिकांत दुबे— पाकिस्तान का बंटवारा किस तरह से हुआ और किस तरह से भारत के पहले प्रधानमंत्री अय्याशी कर रहे थे।
प्रियंका गांधी— जितना आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 साल हुए प्रधानमंत्री बने ,
इससे ज़्यादा तो इस देश की आजादी के लिए प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जेल में रहे हैं🔥🔥
आप आलोचना कर रहे हैं अगर नेहरू जी ने इसरो ने बनाया होता तो आज मंगलयान नहीं होता।
सवाल उठाए गए हैं। और वो गृह मंत्री का ही मुद्दा है, वो गृह मंत्री का ही विभाग है। और सवाल सीधे उन्हीं से पूछे जाएंगे। लेकिन आज बहुत ही कमजोर गृह मंत्री देश को मिले हैं। वैसे तो अपने आप को चाणक्य कहते हैं लेकिन संसद को वो फेस नहीं कर पा रहे हैं। अपने विभाग से जुड़े हुए तमाम इश्यूज के ऊपर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर पा रहे हैं वो।
20 तारीख से आज 29 तारीख हो गई, लगभग 10 दिन हो गए आज। 10 दिन तक गृह मंत्रालय की तरफ से किसी मुद्दे पर कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है। वैसे तो वो प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी साहब तो कभी करते ही नहीं हैं। गृह मंत्री साहब एक बार आके प्रेस कॉन्फ्रेंस करते। इनकी पुलिस बार-बार टाइम मांगती है, झूठ बोलते हैं। जिस व्यक्ति ने अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा की तरफ से किया उसने भी झूठ बोले। उसने कहा कि AK-47 से कोई गोली नहीं चली और तमाम मीडिया चैनल्स के स्क्रीन पर चला। फिर उस चलाने वाले को सस्पेंड कर दिया गया, उस पर इंक्वायरी बैठा दी गई, एसपी डीएम ने मान लिया।
पैलेट गन भी चला। जब तक वो बच्चा राहुल गांधी जी के साथ आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं खड़ा हुआ, जिसकी आंख चली गई, जिसके ऊपर तमाम छर्रे लगे हुए थे, तब तक भाजपा डिनाई करती रही। तो डिनाई और डाइवर्ट तो इनका पुराना मुद्दा है ना।
मुद्दे की बात ये है कि आज तक गृह मंत्री महोदय ने 10 दिन में एक बार भी जवाब क्यों नहीं दिया?
जिस दिन 20 तारीख को ये पूरा हंगामा हुआ उस दिन तो प्रधानमंत्री किरण रिजिजू जी के साथ बड़े ठहाके लगा रहे थे संसद परिसर के अंदर ही। उसके बाद आज तक उनकी कोई जवाबदेही नहीं है। मतलब झालमुड़ी और मेलोडी के ऊपर तो बात कर सकते हैं लेकिन वो बच्चों के ऊपर इतना बुरा लाठी चार्ज हुआ उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं। पूरे हिंदुस्तान के मीडिया ने, विश्व के मीडिया ने दिखाया किस तरह से एक बच्ची के पीछे एक एसएचओ डंडा पूरी तरह से कैसे वो गुप्तांगों के अंदर चलाने का प्रयास कर रहा है।
क्या पूरे देश ने नहीं देखा? क्या कपड़े फाड़ने की घटना पूरे देश ने नहीं देखी? एक नहीं तमाम लड़कियों ने बयान नहीं दिए? लेकिन बेशर्मी की हद है।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @Aloksharmaaicc जी 👍🏽
मुसलमानों के नाम पर अपनी सियासी रोटी सेकने वालों ने कभी मुसलमानों के मुद्दों को इस तरह नहीं उठाया होगा जिस बेबाकी से नेहा बोरा ने आवाज़ उठाई है
मुसलमानों का झोला भर भर कर वोट लेने वाले तो "मुसलमान" लफ़्ज़ बोलने से परहेज़ करते हैं
During Mumbai Student Protests, a Young Man observed that the Police were arresting Every Youth Criticizing Modi on Camera.
We are living under a Dictator.
न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकार @ImAvdheshkumar
और द हिंदू की @vijaita की शानदार और असरदार रिपोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कलई खोल दी है .
दोनों को बधाई और शुभकामनाएं
नेहा ने सरकार को खुल्ला चैलेंज दिया है?
अब देखना है कि क्या सरकार छात्रों को रिहा करेगी? या ये आंदोलन ओर बड़ा होगा?
नेहा पीछे हटने वालो में से नहीं है उसकी लड़ाई ओर हिम्मत, जज़्बे को सलाम
चित्रा त्रिपाठी — आप BJP को चुनौती नहीं दे सकते, उन्होंने रिसर्च की है।
आलोक शर्मा — आप एक अनपढ़ अंधभक्त की तरह बात कर रही हैं, आपमें और BJP के प्रवक्ता में कोई फ़र्क नहीं है 😂
चित्रा को देखिए, वह लाइव टीवी पर रोने लगीं। अंधभक्त प्रो मैक्स 😭🔥
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
इंडिया गठबंधन का आज फिर विरोध प्रदर्शन शुरू🔥🔥
इंडिया गठबंधन के सभी सांसद आज एक बार फिर संसद परिसर में बैनर लेकर सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस बैनर में साफ़ लिखा है कि,
“ ऑर्डर किसने दिया ? ,, ये सवाल अमित शाह से पूछे जा रहे हैं।
दरअसल छात्रों के ऊपर पैलेट गन का इस्तेमाल और लकड़ी के फट्टे पर कील के साथ के छात्रों की पिटाई पर सवाल उठ रहा है कि
पुलिस को इस बर्बरता के लिए आदेश किसने दिया था ?
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार इस मामले को गंभीरता से उठा रहे हैं।
Chitra Tripathi — You can't challenge BJP, they have done research
Alok Sharma — You are talking like an illiterate Andhbhakt, there is no difference between you & BJP spokesperson 😂
Look at Chitra, she started crying on Live TV. Andhbhakt Pro Max 😭🔥
जो बात बड़े बड़े दिग्गज न समझा सके, उसे बड़ी आसान भाषा में Gen-Z की इस लड़की ने समझा दी !
लोग Gen-Z को रील बनाने वाली बोलते हैं, लेकिन इस विडियो को देखकर आपको पता चलेगा इनके दिमाग का कोई तोड़ ही नही है !
यह है जगी हुई, सोचनेवाली, देश-दुनिया के बारे में सटीक अंतर्दृष्टि रखने वाली, लोकतंत्र और तानाशाही के फ़र्क़ को समझने वाली Gen-Z का एक नमूना।
शाबाश बहन💐
दो ही ऑप्शन हो सकते हैं 👇
1. गृह मंत्री ने छात्रों को मारने का ऑर्डर दिया
2. गृह मंत्री को मालूम नहीं था कि छात्रों पर फायरिंग होगी
पहले केस में गृह मंत्री 'दोषी' हैं, दूसरे केस में वो 'अयोग्य' हैं।
अगर गृह मंत्री ने कुछ नहीं किया, तो वे संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं?
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अमित शाह को नंगा कर दिया 😂😂🔥🔥
अगर गृह मंत्री अपना मंत्रालय चलाने में जिम्मेदार नहीं हैं तो क्या वे भी कठपुतली हैं?
जिम्मेदारी गृह मंत्री की ही है। क्या इनके आदेश भी नागपुर से आते हैं?
गृह मंत्री माफी मांगे।
#TheInterview | "The accountability has to lie with Amit Shah."
@kthaparoffice is joined by @neha_aisa to discuss allegations over pellet guns being used on student protesters and why Amit Shah and Delhi Police Commissioner Anurag Kumar must be held accountable.